पीसीआई की खोजी टीम पर उठे सवाल, धरना-प्रदर्शन जारी

पीसीआई की खोजी टीम पर उठे सवाल, धरना-प्रदर्शन जारी
राज्यमंत्री राममूर्ति वर्मा का पुतला फूंकते आक्रोशित पत्रकार।
राज्यमंत्री राममूर्ति वर्मा का पुतला फूंकते आक्रोशित पत्रकार।

दुनिया भर में चर्चित शाहजहाँपुर के पत्रकार जगेंद्र हत्या कांड की मंगलवार को भारतीय प्रेस परिषद के तीन सदस्यीय खोजी दल ने दिवंगत जगेंद्र के परिजनों व स्थानीय पत्रकारों से बात की एवं घटना स्थल का भी दौरा किया। प्रदेश के राज्यपाल राम नाईक ने भी दिवंगत जगेंद्र के बेटे राहुल से फोन पर बात की और न्याय दिलाने का विश्वास जताया। परिजनों के साथ प्रदेश व देश में धरना प्रदर्शन का दौर आज भी जारी रहा।

भारतीय प्रेस परिषद का तीन सदस्यीय खोजी दल मंगलवार दोपहर खुटार कस्बे के मुहल्ला कोट पहुंचा और दिवंगत जगेंद्र के परिजनों से एकांत में वार्ता की, उनसे कुछ साक्ष्य भी लिए, इसके अलावा खोजी दल ने पत्रकारों से बात की एवं घटना स्थल का भी दौरा किया, जहां पड़ोस के लोगों से जानकारी हासिल की। इस सब के बावजूद खोजी दल की जांच को लेकर तमाम तरह की चर्चायें शुरू हो गई हैं। बताया जा रहा है कि खोजी दल के एक सदस्य एसएन सिन्हा के अध्यक्षता वाले संगठन इंडियन जर्नलिस्ट यूनियन के तत्वाधान में शाहजहाँपुर में करीब डेढ़ वर्ष पूर्व सम्मेलन का आयोजन किया गया था, जिसमें नामजद आरोपी राममूर्ति वर्मा ने न सिर्फ आर्थिक मदद की थी, बल्कि सम्मेलन में अतिथि की भूमिका भी निभाई थी। एक अखबार का संपादक दिवंगत जगेन्द्र के विरुद्ध खुल कर अभियान चला रहा है, उसका परिचय सदस्य सुमन गुप्ता से है, इसी तरह तीसरे सदस्य प्रकाश दुबे के नजदीकी संबंध सूचना विभाग- लखनऊ के वरिष्ठ अफसर डॉ. अशोक शर्मा से बताये जाते हैं। बताया जाता है कि डॉ. अशोक शर्मा खोजी दल के साथ ही हैं, ऐसे में खोजी दल को लेकर तमाम तरह की आशंकायें व्यक्त किया जाना स्वाभाविक भी है। सवाल यह भी है कि भारतीय प्रेस परिषद अभी टीवी मीडिया को मान्यता नहीं देता, तो जाहिर है कि सोशल मीडिया भी उसके दायरे में नहीं आता। भारतीय प्रेस परिषद के दायरे में जब सोशल मीडिया है ही नहीं, तो उसके जाँच करने का औचित्य ही क्या है। खैर, पीसीआई की जाँच के क्या मायने होंगे और जांच आख्या कैसी रहेगी, यह तो भविष्य में ही ज्ञात हो सकेगा।

राज्यपाल राम नाईक ने दिवंगत जगेन्द्र के बेटे राहुल से बात की और कहा कि उन्हें न्याय अवश्य दिलाया जायेगा। उन्होंने इलाहबाद में यह भी कहा कि वे मुख्यमंत्री से घटना के संबंध में विवेचना की प्रगति को लेकर पूछेंगे।

उधर कस्बा खुटार में दिवंगत जगेंद्र के परिजनों का अनिश्चितकालीन धरना तीसरे दिन भी जारी रहा। इसी तरह प्रदेश के साथ देश भर में प्रदर्शन आज भी किया गया गया। घटना की निंदा करते हुए कहीं-कहीं नामजद राज्यमंत्री राममूर्ति वर्मा का पुतला भी फूंका गया। नई दिल्ली स्थित जंतर-मंतर पर सैकड़ों पत्रकारों ने प्रदर्शन किया और उत्तर प्रदेश सरकार के विरुद्ध नारेबाजी की।

पत्रकारों ने अखिलेश सरकार और केंद्र सरकार से मांग की कि पत्रकारों पर हो रहे राजनीतिक हमलों पर लगाम लगाई जाए और जगेंद्र सिंह हत्याकांड में दोषियों पर तत्काल कार्रवाई की जाये। दस सूत्रीय मांगों वाला ज्ञापन प्रधानमंत्री और गृृहमंत्री को सौंपा गया, जबकि सपा कार्यालय के अधिकारियों ने ज्ञापन स्वीकार करने से मना कर दिया। ज्ञापन सौंपने गए पत्रकार से कहा ज्ञापन लखनऊ में जाकर दें। प्रदर्शन में वरिष्ठ पत्रकार के. विक्रम राव, नदीम अहमद काजमी, पुरुषोत्तम अग्रवाल, अभिषेक श्रीवास्तव, शिवगोपाल मिश्र, प्रशांत टंडन, धीरेंद्र झा, रूबी अरुण, दिनेश तिवारी सहित तमाम लोगों ने विचार वक्त किये। इसके अवसर पर अरुण तिवारी, अभिषेक रंजन, जाकिर हुसैन, विवेक मिश्र, जसवीर मलिक, अमित नेहरा, महेंद्र मिश्रा, रतन दीक्षित और प्रदीप शर्मा सहित सैकड़ों पत्रकार मौजूद रहे।

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