जनता को समर्पित किया एशिया का पहला साईकिल हाईवे

जनता को समर्पित किया एशिया का पहला साईकिल हाईवे
साईकिल चलाते मुख्यमंत्री अखिलेश यादव।
साईकिल चलाते मुख्यमंत्री अखिलेश यादव।

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कहा कि आगरा को आदर्श अन्तर्राष्ट्रीय शहर बनाया जाएगा, साथ ही लखनऊ के गोमती रिवर फ्रण्ट की तरह ही आगरा में यमुना नदी के किनारे रिवर फ्रण्ट के विकास और सौन्दर्यीकरण का कार्य किया जाएगा। उन्होंने कहा कि समाजवादी सरकार आने वाले समय में राज्य के लोगों को स्मार्ट फोन देगी, जिसके माध्यम से सरकार, जनता से सीधे जुड़ेगी और लोगों को विकास योजनाओं से लाभान्वित करने में मदद मिलेगी।

मुख्यमंत्री ने रविवार को जनपद आगरा में आगरा से इटावा लायन सफारी तक निर्मित 207 कि. मी. लम्बे देश एवं एशिया के पहले साईकिल हाईवे का उद्घाटन किया। वे इस साईकिल हाइवे पर आयोजित साईकिल रैली में सम्मिलित भी हुए। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने आगरा इनर रिंग रोड के प्रथम चरण, ताजगंज सौन्दर्यीकरण परियोजना, ललितपुर-आगरा पारेषण परियोजना के प्रथम चरण तथा आगरा जनपद के चहुंमुखी विकास हेतु 1679 करोड़ रुपए लागत की 30 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण किया।

श्री यादव ने वर्तमान प्रदेश सरकार द्वारा किए गए विकास कार्यों का उल्लेख करते हुए कहा कि हाल ही में लोकार्पित आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस-वे से पूरा प्रदेश लाभान्वित होगा। इस एक्सप्रेस-वे से पूरे प्रदेश के विकास को रफ्तार मिलेगी तथा विभिन्न क्षेत्रों का संतुलित विकास सुनिश्चित हो सकेगा। उन्होंने कहा कि इस एक्सप्रेस-वे के माध्यम से प्रदेश की राजधानी लखनऊ विश्व विख्यात पर्यटन केन्द्र आगरा तथा देश की राजधानी दिल्ली से सीधे जुड़ जाएगी, जिससे जहां यात्रा के समय में काफी बचत होगी, वहीं एक्सप्रेस-वे से जुडे़ शहरों और गांवों की दूरियां भी कम होंगी। सुगम यातायात के साथ-साथ विकसित हो रही मण्डियों से किसान सीधे लाभान्वित होंगे। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस-वे प्रदेश का विकास इंजन बनेगा, जिसके साथ विभिन्न उद्योग-धन्धे स्थापित होंगे। इससे प्रदेश की अर्थव्यवस्था में सुधार के साथ-साथ रोजगार के अवसर पैदा होंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश की वर्तमान समाजवादी सरकार ने केवल आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस-वे को ही रिकाॅर्ड 23 माह के समय में बनाने का काम ही नहीं किया है, बल्कि लखनऊ मेट्रो रेल परियोजना के पहले चरण का काम भी बहुत कम समय में पूरा कर लिया गया है। आगामी 1 दिसम्बर को लखनऊ मेट्रो रेल परियोजना का लोकार्पण किया जाना प्रस्तावित है। समाजवादी सरकार द्वारा संचालित अन्य महत्वपूर्ण योजनाओं का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि करीब 18 लाख छात्र-छात्राओं को निःशुल्क लैपटाॅप वितरण किए गए हैं। देश की सबसे बड़ी सामाजिक सुरक्षा योजना ’समाजवादी पेंशन योजना’ के माध्यम से प्रदेश के 55 लाख गरीब परिवारों को आर्थिक सहायता देने का अभूतपूर्व कार्य किया गया है।

श्री यादव ने कहा कि प्रदेश सरकार गांवों और शहरों के विकास हेतु संतुलन बनाकर कार्य कर रही है। विकास के मामले में समाजवादियों का कोई मुकाबला नहीं कर सकता। सड़क, बिजली, पानी, शिक्षा एवं स्वास्थ्य आदि मूलभूत सुविधाओं को उपलब्ध कराने के लिये समाजवादी सरकार द्वारा किये गये प्रयासों का उल्लेख करते हुये उन्होंने कहा कि जनता द्वारा अवसर प्रदान करने पर भविष्य में भी इसी तरह कार्य करते हुये विकास के नये आयाम एवं कीर्तिमान स्थापित किये जाएंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि नोटबंदी से गरीब, किसान, मजदूर सभी परेशान हैं। इसके कारण लोगों को अभूतपूर्व समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। जनता को अपना ही पैसा निकालने के लिए लाइनों में खड़े होकर समय बर्बाद करना पड़ रहा है। इससे देश की अर्थव्यवस्था बिगड़ी है। 2000 रुपए के नोट से भ्रष्टाचार तथा कालेधन की समस्या और बढ़ेगी।

ट्रॉफी के साथ विजेता।
ट्रॉफी के साथ विजेता।

श्री यादव द्वारा आगरा में लोकार्पित 207 कि.मी. लम्बा, देश एवं एशिया का पहले साइकिल हाइवे पर आयोजित साइकिल रैली में स्वीडन, अमेरिका, जर्मनी, बांग्लादेश तथा देश के 12 राज्यों के साइकिलिस्टों ने भाग लिया। मुख्यमंत्री ने साइकिल रैली के विजेताओं को पुरस्कार प्रदान किए। इसमें ओेपन मैन केटेगरी में यूपी के स्वप्निल एवं महाराष्ट्र के ओंकार को संयुक्त विजेता पुरस्कार प्रदान किए गए तथा दिल्ली के मनजीत एवं यूपी के शशांक को उप विजेता पुरस्कार दिए गए। ओपन वूमेन केटेगरी में दिल्ली की गुरुलीन कौर को विजेता पुरस्कार प्रदान किया गया तथा स्वीडन की सना एवं दिल्ली की सुचन्दा व्यास को उप विजेता पुरस्कार प्रदान किए गए। इसके अलावा एक अन्य कैटेगरी में पुरुषों में जर्मनी के मसूद को विजेता पुरस्कार तथा भारत के प्रभुजोत सिंह को उप विजेता पुरस्कार दिए गए। महिला वर्ग में महाराष्ट्र की अंजलि को विजेता पुरस्कार तथा स्वीडन की एल्वा एवं ईयरवा को उप विजेता पुरस्कार प्रदान किए गए।

साइकिल हाईवे 92 गांवों को जोड़ता है। इसका निर्माण लगभग 133 करोड़ 78 लाख रुपए की लागत से किया गया है। ताजमहल के पूर्वी गेट से प्रारम्भ होकर विभिन्न ऐतिहासिक स्मारकों एवं ग्रामीण अंचलों से होकर जनपद इटावा में स्थित लायन सफारी तक जाता है। इसके निर्माण से जहां देश-विदेश के पर्यटकों को साइकिल यात्रा के साथ-साथ प्रसिद्ध स्थलों के दर्शन होंगे, वहीं राज्य में पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा। साइकिल हाईवे से देश-विदेश के पर्यटक साइकिलिंग के माध्यम से विश्व प्रसिद्ध ताजमहल के दीदार करने के साथ-साथ भारतीय ग्रामीण सभ्यता, जलवायु, हरियाली तथा बर्ड वाॅचिंग का भी आनन्द प्राकृतिक वातावरण में उठा सकेंगे।

मुख्यमंत्री द्वारा लोकार्पित परियोजना आगरा इनर रिंग रोड से ताजमहल जाने वाले पर्यटकों को सीधे पहुंचने का सुगम मार्ग उपलब्ध होगा तथा प्रदेश के पर्यटन को नया आयाम मिलेगा। साथ ही, औद्योगिक विकास को ति मिलेगगी। यह मार्ग यमुना एक्सप्रेस-वे को आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस-वे से जोड़ रहा है। इसके निर्माण से आगरा शहर में बढ़ रहे प्रदूषण में कमी आएगी और यातायात अवरोध से मुक्ति मिलेगी। इसके तहत 100 मीटर चौड़ी 6-लेन सड़क का निर्माण किया गया है, जिसे भविष्य में 8-लेन चौड़ाई में परिवर्तित किया जा सकेगा। इस मार्ग के साथ लगी 1000 एकड़ भूमि में थीम पार्क परियोजना का निर्माण किया जा रहा है।

ताजगंज परियोजना वर्ष 2014 से प्रारम्भ की गई थी। इस पर 197.27 करोड़ रुपए की लागत आई है। इस परियोजना के तहत ताजमहल के तीनों प्रवेश मार्गों एवं उसके आस-पास के क्षेत्र में अन्तर्राष्ट्रीय स्तर की अवस्थापना सुविधाओं के विकास के साथ ही उनका सौन्दर्यीकरण किया गया है। परियोजना के तहत समस्त विद्युत लाइनों को अण्डरग्राउण्ड किए जाने के साथ-साथ आधुनिक कैनोपी एवं ट्रांसफार्मर्स की व्यवस्था की गई है। साथ ही, क्षेत्र की चिन्ह्ति मलिन बस्तियों का सुधार एवं सौन्दर्यीकरण भी किया गया है तथा ग्रीन एरिया विकसित करने के साथ-साथ स्ट्रीट लाइट और लैम्प पोस्ट लगाए गए हैं एवं जन-सुविधाओं का निर्माण किया गया है, जिससे भारतीय एवं विदेशी पर्यटक आकर्षित होंगे।

ललितपुर पारेषण परियोजना के प्रथम चरण के तहत कुल 1020 करोड़ रुपए की लागत से निर्मित 765 के.वी. फतेहाबाद उपकेन्द्र, 765 के.वी. ललितपुर-आगरा पारेषण लाइन तथा दो 400 के.वी. लाइनों के निर्माण कार्य को लोकार्पित किया गया। यह पारेषण परियोजना 1980 मेगावाॅट की ललितपुर तापीय परियोजना से समुचित एवं सुचारू ऊर्जा निकासी सुनिश्चित करेगी तथा यह सम्पूर्ण प्रदेश में ग्रिड के माध्यम से उपयोग के लिए भी उपलब्ध रहेगी। यह परियोजना सम्पूर्ण ताज ट्रेपीजियम जोन (टी.टी.जेड.) तथा बृज क्षेत्र जैसे-आगरा, मथुरा, फिरोजाबाद, हाथरस एवं निकटवर्ती जनपदों के समग्र विकास में सहायक होगी। इससे क्षेत्र में पर्याप्त मात्रा में बिजली की उपलब्धता सुनिश्चित हो सकेगी तथा आगरा-मथुरा क्षेत्र में पर्यटन एवं सम्बद्ध गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने जनपद आगरा के चहुमुंखी विकास हेतु 16 अरब 79 करोड़ रुपए लागत की 30 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण किया। इन योजनाओं में सैंया से इटावा (सैंया-इरादतनगर-शमशाबाद-फतेहाबाद) मार्ग पर शमशाबाद में बाईपास का 2065.13 लाख रुपए से हुए निर्माण कार्य, 10327.08 लाख रुपए की लागत के आगरा-शमशाबाद मार्ग का 4-लेन में चौड़ीकरण के कार्य तथा जनपद आगरा/इटावा में आगरा से लायन सफारी इटावा तक 13377.96 लाख रुपए की लागत के ‘बाईसकिल हाइवे‘ के निर्माण कार्य शामिल हैं।

इसके अतिरिक्त, मुख्यमंत्री ने 20545.27 लाख रुपए की लागत के आगरा बाह-कचौरा घाट मार्ग चौनेज-36.00 से 92.600 को दो लेन से तीन लेन चौड़ीकरण एवं सुदृढ़ीकरण के कार्य तथा राही गुलिस्ता पर्यटक आवास गृह फतेहपुर सीकरी आगरा में 116.90 लाख रुपए की लागत के सुविधाओं के उच्चीकरण/सुदृढ़ीकरण के कार्य सहित 175.00 लाख रुपए की लागत के राही पर्यटक आवास गृह राजा की मण्डी में सुविधा का उच्चीकरण/सुदृढ़ीकरण के कार्य का लोकार्पण किया। मुख्यमंत्री ने जनपद आगरा के विधान सभा क्षेत्र खेरागढ़ के गांव गढ़ी तुस्सी को जोड़ने के लिए 497.36 लाख रूपये की लागत के किवाड़ नदी पर सेतु, पहुंच मार्ग, अतिरिक्त पहुंच मार्ग का निर्माण एवं सुरक्षात्मक कार्य तथा 1970.61 लाख रुपए की लागत के कबीस से कलाल खेड़िया मार्ग (अ0जि0मा0) के चौड़ीकरण एवं सुदृढ़ीकरण के कार्य का भी लोकार्पण किया।

आगरा जनपद में जिन अन्य परियोजनाओं का लोकार्पण किया गया, उनमें आगरा इनर रिंग रोड प्रथम चरण (स्वीकृत लागत 40661 लाख रुपए), ताजनगरी योजना फेस-2 में जोनल पार्क का निर्माण एवं सौन्दर्यीकरण कार्य (स्वीकृत लागत 1700 लाख रुपए), जनपद आगरा में आगरा इनर रिंग रोड परियोजना के अंतर्गत ग्राम महल बादशाह के निकट 8 लेन यमुना नदी सेतु (स्वीकृत लागत 11165.54 लाख रुपए), जनपद आगरा में आगरा इनर रिंग रोड परियोजना के अंतर्गत टूण्डला-यमुना ब्रिज रेल सेक्शन के कि.मी. 1260/8-10 पर कुबेरपुर के निकट 8 लेन रेल उपरिगामी सेतु (स्वीकृत लागत 19108.81 लाख रुपए), जनपद आगरा में खेरागढ़ इरादतनगर मार्ग पर आगरा-झांसी रेल सैक्शन के रेलवे कि.मी. 1318/32-34 के रेल सम्पार संख्या-477 पर रेल उपरिगामी सेतु (स्वीकृत लागत 2961.30 लाख रुपए), जनपद आगरा में आंवलखेड़ा-जलेसर मार्ग पर टूण्डला-गाजियाबाद रेल सेक्शन के रेलवे कि.मी. 1268/15-17 के रेल सम्पार संख्या-81 पर रेल उपरिगामी सेतु (स्वीकृत लागत 2656.16 लाख रुपए), जनपद आगरा में बमरौली अहीर से नगला पदमा मार्ग पर झांसी आगरा रेल सेक्शन के रेलवे कि.मी. 1538/8-10 के रेल सम्पार संख्या-492सी पर रेल उपरिगामी सेतु (स्वीकृत लागत 2585.77 लाख रुपए) शामिल हैं।

इसके अलावा, जनपद आगरा में त्वरित आर्थिक विकास योजना के अन्तर्गत शमसाबाद नगर सीवरेज योजना (स्वीकृत लागत 9777.98 लाख रुपए), एस.एन. मेडिकल कॉलेज आगरा में रेडियो डाईग्नोसिस विभाग भवन का निर्माण (स्वीकृत लागत 334.47 लाख रुपए), एस.एन. मेडिकल काॅलेज आगरा में ट्रान्सफ्यूजन मेडिसिन विभाग इन्फ्रास्ट्रक्चर का कार्य (स्वीकृत लागत 268.97 लाख रुपए), एस.एन. मेडिकल काॅलेज आगरा में सर्जरी एवं एलाईड स्पेशियलिटी ब्लाॅक भवन का निर्माण कार्य (स्वीकृत लागत 8795.96 लाख रुपए), राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन के अन्तर्गत लोहामण्डी, आगरा में 75 बेडेड आश्रय स्थल का निर्माण (स्वीकृत लागत 105.19 लाख रुपए), ताजगंज वार्ड तथा ताजगंज को जाने वाले मुख्य मार्गों का उच्चीकरण एवं सौन्दर्यीकरण परियोजना (स्वीकृत लागत 19727.15 लाख रुपए), बी.एस.यू.पी. के अन्तर्गत आवासों का निर्माण नराईच, एत्मादपुर (स्वीकृत लागत 6830.22 लाख रुपए), बी.एस.यू.पी. के अन्तर्गत आवासों का निर्माण गोबर चौकी, सदर आगरा (स्वीकृत लागत 3081.28 लाख रुपए) का भी लोकार्पण किया गया, साथ ही बी.एस.यू.पी. के अन्तर्गत आवासों का निर्माण दौरेठा, सदर, आगरा (स्वीकृत लागत 3860.83 लाख रुपए), रानी लक्ष्मीबाई आशा ज्योति केन्द्र, आगरा (स्वीकृत लागत 241.84 लाख रुपए), जनपद आगरा में स्मार्ट कार्ड ड्राईविंग लाइसेन्स हाॅल का निर्माण कार्य (स्वीकृत लागत 8214.78 लाख रुपए), आई.टी.आई. बलकेश्वर, आगरा में मरम्मत एवं जीर्णोद्धार कार्य (स्वीकृत लागत 344.38 लाख रुपए), तहसील सदर आगरा के अन्तर्गत अनावासीय भवनों का निर्माण कार्य (स्वीकृत लागत 622.59 लाख रुपए), राजकीय डिग्री काॅलेज फतेहाबाद में विज्ञान संकाय एवं स्नातकोत्तर कक्षाओं का निर्माण कार्य (स्वीकृत लागत 511.71 लाख रुपए) एवं स्वीकृत लागत 251644 लाख रुपए के ललितपुर ट्रांसमिशन सिस्टम (प्रथम चरण), 765/400 के.वी. विद्युत उपकेन्द्र फतेहाबाद, आगरा, ललितपुर-आगरा 765 के.वी. 336.81 कि.मी. ट्रांसमिशन लाइन, मुरादनगर-आगरा 400 के.वी. लाइन का संयोजन फतेहाबाद-आगरा उपकेन्द्र पर, आगरा पी.जी.- आगरा (पीली पोखर) 400 के.वी. लाइन का संयोजन फतेहाबाद-आगरा उप केन्द्र का लोकार्पण भी किया गया।

मुख्य सचिव राहुल भटनागर ने कहा कि आज का दिन आगरा के इतिहास में एक स्वर्णिम दिन है। मुख्यमंत्री की सोच एवं विजन के परिणामस्वरूप विश्व विख्यात ताजमहल को ताजगंज प्रोजेक्ट के माध्यम से संरक्षित किया गया है। आगरा में भी मेट्रो रेल चलाने हेतु डी.पी.आर. का कार्य पूर्ण किया जा चुका है। प्रमुख सचिव वन संजीव सरन ने कहा कि मुख्यमंत्री द्वारा पर्यावरण को अनुकूल बनाने हेतु विभिन्न कदम उठाए गए हैं, जिनमें एक दिन में 5 करोड़ पौधा रोपित करने पर प्रदेश का नाम गिनीज बुक आॅफ वल्र्ड रिकाॅर्ड में सम्मिलित हुआ है।

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