जहर से नहीं मरी, तो निशात को दे दी तीन तलाक, योगी की शरण में जायेगी

निशात परवीन

बदायूं में दहेज की मांग पूरी न करने पर शौहर और उसके परिजनों ने एक महिला के साथ सनसनीखेज वारदात को अंजाम दे दिया। पहले जहर का इंजेक्शन लगा दिया और जब बच गई, तो उसे तीन बार बोल कर तलाक दे दी। पीड़ित महिला तलाक मानने को तैयार नहीं है, वह पुलिस की शरण में चली गई, तो शौहर अब हलाला कराने को बोल रहा है। पीड़ित मुख्यमंत्री आदित्यनाथ योगी की शरण में जाने की तैयारी कर रही है।

सनसनीखेज वारदात बदायूं जिले के कादरचौक थाना क्षेत्र में स्थित गाँव रमजानपुर की है। पीड़ित विवाहिता निशात परवीन का कहना है कि उसके माता-पिता नहीं हैं, उसके भाईयों ने इशराक अली से 7 मई 2016 को निकाह कराया था और कर्ज लेकर करीब छः लाख रूपये का दहेज दिया था, जिसे वे अभी तक चुकता नहीं कर पाये हैं। निशात ने बताया कि निकाह के कुछ दिन बाद ही इशहाक और उसके परिजन कार व मेडिकल स्टोर खोलने के लिए पांच रूपये की मांग करने लगे, जो देने में उसका परिवार सक्षम नहीं है, इसी पर उसे प्रताड़ित करने लगे। उसने बताया कि 10 नवंबर 2016 को इशहाक और उसके परिजन वाहिद, भूरी, साजिद, हसीब और दूल्हे आदि ने उसके साथ मारपीट की एवं इशहाक ने जान से मारने के इरादे से उसे जहर का इंजेक्शन लगा दिया। इशहाक झोलाझाप डॉक्टर भी है।

पीड़ित ने बताया कि जहर का इंजेक्शन देने के बाद कमरे में छोड़ कर आरोपी चले गये, तभी उसने किसी तरह भाई को फोन कर दिया। भाई, भाभी और भतीजे वगैरह तत्काल न सिर्फ आ गये, बल्कि उसे बरेली ले गये और फिर उन्होंने एक निजी हॉस्पिटल में भर्ती कराया, जहाँ वह 26 नवंबर 2016 तक आईसीयू में भर्ती रही, पर किसी तरह बच गई, जिसके बाद वह अपने परिजनों के साथ रहने लगी। पीड़ित स्वास्थ्य विभाग में अस्थाई कर्मचारी है, उसका घर के बाहर निकलना मजबूरी है।

पीड़ित ने बताया कि 2 अप्रैल 2017 को इशहाक और उसके परिजनों ने उसे घेर लिया, तो उसने डायल- 100 को फोन किया, लेकिन पुलिस ने आकर इशहाक से समझौता कर लिया। पीड़ित को तीन बार बोल कर इशहाक ने तलाक भी दे दिया और अब साथ रखने के लिए हलाला कराने को बोल रहा है। पीड़ित ने बताया कि इशहाक ने बरेली की एक लड़की से पहले ही निकाह हुआ है और वह उसे भी तीन बार बोल कर तलाक दे चुका है, जो उससे छुपाया गया था। पीड़ित के प्रार्थना पत्र पर एसएसपी ने कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं, जिस पर थाना पुलिस जांच कर रही है। पीड़ित को स्थानीय स्तर पर न्याय की उम्मीद नहीं है, वह मुख्यमंत्री आदित्यनाथ योगी की शरण में जाने की तैयारी कर रही है।

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