बकाया के चलते डीपी यादव की चीनी मिल का स्टॉक जब्त

18 मई 2010 को भूमि पूजन करने के बाद डीपी यादव ने बड़े-बड़े वादे और दावे किये थे, लेकिन स्थिति यह है कि उनकी मिल पर करोड़ों रुपया बकाया है, जिससे जनता के बीच डीपी यादव की छवि और भी ज्यादा खराब हो गई है। फिलहाल डीपी यादव हत्या के प्रकरण में सजा होने के कारण देहरादून की जेल में बंद है।
18 मई 2010 को भूमि पूजन करने के बाद डीपी यादव ने बड़े-बड़े वादे और दावे किये थे, लेकिन स्थिति यह है कि उनकी मिल पर करोड़ों रुपया बकाया है, जिससे जनता के बीच डीपी यादव की छवि और भी ज्यादा खराब हो गई है। फिलहाल डीपी यादव हत्या के प्रकरण में सजा होने के कारण देहरादून की जेल में बंद है।
बाहुबलि, धनबलि और माफिया के रूप में कुख्यात राजनेता डीपी यादव उर्फ़ धर्मपाल यादव के लिए एक और बुरी खबर है। बदायूं के जिला मजिस्ट्रेट शम्भू नाथ ने गन्ना मूल्य का भुगतान न करने के कारण बिसौली स्थित यदु शुगर मिल द्वारा उत्पादित चीनी स्टाक को जब्त करने का आदेश दिया है। उन्होंने उप जिलाधिकारी बिसौली तथा सहकारी गन्ना विकास समिति की सुपुर्दगी में चीनी देते हुए निर्देश दिए हैं कि बैंक में खाता खोलकर दोनों अधिकारी संयुक्त रूप से खाते को संचालित करते हुए चीनी की बिक्री से प्राप्त होने वाली धनराशि का 85 प्रतिशत भाग बैंक खाते मे जमा कराकर किसानों को बकाया गन्ना मूल्य का भुगतान करना सुनिश्चित करें।
गुरूवार को कलेक्ट्रेट स्थित सभाकक्ष में जिलाधिकारी ने बकाया गन्ना मूल्य के भुगतान की समीक्षा की। उन्होंने पाया कि यदु शुगर मिल ने 59.60 करोड़ के सापेक्ष मात्र 21.17 करोड़ का ही भुगतान किया है और अभी भी 38.43 करोड़ रूपए भुगतान हेतु शेष है। शेखूपुर स्थित सहकारी चीनी मिल ने 23.18 करोड़ के सापेक्ष 13.84 करोड़ रूपए का भुगतान कर दिया है और 9.34 करोड़ रूपए भुगतान किया जाना अवशेष है। बता दें कि यदु शुगर मिल के पेराई सत्र 2014-15 के लिए जिला मजिस्ट्रेट ने 28 नवम्बर को टैंगिंग आदेश जारी कर निर्देश दिए थे कि चीनी मिल अपने बैंक पंजाब नेशनल बैंक बिसौली से अनुबन्ध करेंगे और उत्पादित चीनी के बन्धक पर समय-समय पर प्राप्त होने वाली अग्रिम धनराशि में से निर्धारित टैगिंग के अनुसार 85 प्रतिशत की धनराशि गन्ना मूल्य एवं कमीशन के भुगतान हेतु अलग से गन्ना मूल्य खाता खोलकर जमा करते रहेंगे। उपलब्ध धनराशि का उपयोग केवल गन्ना मूल्य भुगतान के लिए ही किया जाएगा। जिला गन्ना अधिकारी द्वारा जिलाधिकारी को अवगत कराया गया कि संबंधित चीनी मिल द्वारा टैंगिंग का अनुपालन कर नियमानुसार गन्ना भुगतान नहीं किया जा रहा है और चीनी मिल के प्रतिनिधियों द्वारा कई बार आश्वासन देने के बाद भी गन्ना मूल्य का भुगतान नहीं किया गया है। चीनी मिल द्वारा टैंगिंग आदेश के विपरीत उत्पादित बन्धक चीनी पर बैंक से प्राप्त होने वाली अग्रिम राशि का गन्ना मूल्य भुगतान में उपयोग न कर अन्य मदों में उपयोग किए जाने की सम्भावना को दृष्टिगत रखते हुए जिला मजिस्ट्रेट ने पेराई सत्र 2014-15 की उत्पादित चीनी स्टाक को जब्त कर लिया है।
जिलाधिकारी ने यदु शुगर मिल के जिम्मेदारों को मात्र 07 अप्रैल तक की मोहलत प्रदान करते हुए निर्देश दिए हैं कि यदि निर्धारित अवधि में शत-प्रतिशत भुगतान नहीं किया गया, तो उन्हें जेल भिजवा दिया जाएगा। इस अवसर पर जिला राजस्व अधिकारी दिनेश कुमार सिंह, डिप्टी कलेक्टर बी. प्रसाद, जिला गन्ना अधिकारी दिलीप कुमार सैनी सहित शेखूपुर स्थित सहकारी चीनी मिल के प्रधान प्रबन्धक राजीव जैन तथा यदु शुगर मिल के प्रतिनिधि मौजूद रहे।

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