शांति कमेटी की बैठक के दौरान थाना परिसर में हंगामा, पुलिस की साख खराब

थाना इस्लामनगर में हुई विवादित बैठक का दृश्य।

बदायूं जिले में इस्लामनगर थाना पुलिस कानून की रक्षा में असफल साबित हो रही है। हालात इतने खराब हो चले हैं कि थाने में ही हंगामा हो गया। हंगामा करने वालों पर शिकंजा कसने की जगह पुलिस यह प्रयास करती रही कि हंगामा करने वाले किसी तरह थाने के बाहर चले जायें। उपस्थित गणमान्य नागरिकों ने स्थिति को संभाल लिया, वरना बड़ा बवाल हो सकता था, इसके बावजूद पुलिस ने चिन्हित कर हंगामा करने वालों पर कोई कार्रवाई नहीं की है।

चौंका देने वाली घटना कस्बा इस्लामनगर स्थित थाने के अंदर शनिवार को घटित हुई। पुलिस ने शहर में शांति व्यवस्था बनाये रखने के उद्देश्य से शनिवार को थाने में बैठक आयोजित की थी। बैठक में गणमान्य नागरिकों के साथ कुछेक दलाल, शरारती तत्व और मुस्लिम समाज के दो प्रतिद्वंदी गुट भी मौजूद थे। भाषण देने का नंबर आया, तो सांप्रदायिक सौहार्द बनाये रखने की बातें करने की जगह छुटभैये नेता नगर निकाय के चुनाव को ध्यान में रखते हुए राजनैतिक मुद्दे उछालने लगे। मुस्लिम समाज का एक छुटभैया और बड़बोला नेता स्लाटर हाउस का मुद्दा उछालने लगा, तो मुस्लिम समाज का ही दूसरा गुट विरोध करने लगा, इसी पर दोनों पक्षों के बीच तनाव बढ़ता चला गया और जोरदार हंगामा होने लगा।

बैठक में उपस्थित लोगों ने बताया कि दोनों पक्षों के आक्रोश के सामने पुलिस ने न सिर्फ समर्पण कर दिया, बल्कि सहमी पुलिस यह प्रयास करती नजर आई कि थाने के बाहर जाकर दोनों पक्ष लड़ सकते हैं। हंगामा करने वालों के सामने हथियार डाले हुए नजर आ रही पुलिस की आम जनता के बीच साख पूरी तरह खराब हो गई है। लोगों में यह डर बढ़ गया है कि थाने में हंगामा करने वाले दुस्साहसी लोग कभी सड़क पर बवाल करने लगें, तब आम जनता किस की शरण में जायेगी। थाने के अंदर घटना होने से पुलिस की साख खराब हुई है, जो तभी सही हो सकती है, जब हंगामा करने वालों के विरुद्ध कार्रवाई हो।

(गौतम संदेश की खबरों से अपडेट रहने के लिए एंड्राइड एप अपने मोबाईल में इन्स्टॉल कर सकते हैं एवं गौतम संदेश को फेसबुक और ट्वीटर पर भी फ़ॉलो कर सकते हैं, साथ ही वीडियो देखने के लिए गौतम संदेश चैनल को सबस्क्राइब कर सकते हैं)

ठाकुर विरोधी एसओ के विरुद्ध नहीं हुई कार्रवाई, दबिश देकर मंगवाई रिश्वत

Leave a Reply