अंत तक शिवपाल सिंह यादव के नाम का जयकारा लगाते रहे आबिद रजा

आबिद रजा

बर्चस्व की जंग में समाजवादी पार्टी का एक-एक कार्यकर्ता अखिलेश यादव के पीछे खड़ा नजर आ रहा था और अंत में शीर्ष नेतृत्व ने भी अखिलेश यादव के नेतृत्व को स्वीकार कर लिया, लेकिन बदायूं विधान क्षेत्र के विधायक आबिद रजा अंत तक शिवपाल सिंह यादव के नाम का जयकारा लगाते रहे। गुटबंदी का भरपूर लाभ उठाने में कामयाब रहे आबिद रजा अखिलेश यादव द्वारा बुलाई गई विधायकों की बैठक में भी सम्मलित नहीं हुए, जबकि उनके राजनैतिक सरपरस्त आजम खां अपनी संपूर्ण ऊर्जा अखिलेश यादव को विजयी बनाने में खर्च करते नजर आ रहे थे।

समाजवादी पार्टी से निष्कासन होने के बाद अखिलेश यादव ने शनिवार को अपने आवास पर बहुमत सिद्ध करने के उद्देश्य से सभी विधायकों की बैठक बुलाई थी, जिसमें करीब 205 विधायक अखिलेश को समर्थन देने के लिए पहुंचे थे, शेष विधायक शिवपाल सिंह यादव के पास पार्टी कार्यालय में मौजूद रहे। सूत्रों का कहना है कि बदायूं लोकसभा क्षेत्र के विधायक आबिद रजा भी शिवपाल सिंह यादव के समर्थन में पार्टी कार्यालय पर मौजूद रहे, जबकि उनके राजनैतिक सरपरस्त आजम खां अखिलेश यादव को मजबूती प्रदान कर रहे थे। हालाँकि अभी यह स्पष्ट नहीं हो सका है कि अखिलेश यादव द्वारा विधायकों की बैठक में आबिद रजा को बुलवाया गया था, या नहीं।

यहाँ यह भी बता दें कि सांसद धर्मेन्द्र यादव की आलोचना करने के बाद आबिद रजा को अखिलेश यादव ने ही पार्टी से निष्कासित किया था। गुटबाजी के चलते अखिलेश यादव के साथ मजबूती से खड़े सांसद धर्मेन्द्र यादव को अपमानित करने के उद्देश्य से प्रदेश अध्यक्ष शिवपाल सिंह यादव ने शुक्रवार को बदायूं विधान सभा क्षेत्र से आबिद रजा को सपा प्रत्याशी घोषित कर दिया था। अब हालात बदल गये हैं। पार्टी में पुनः अखिलेश यादव का बर्चस्व कायम हो गया है, जिसका नुकसान आबिद रजा को भी उठाना पड़ सकता है।

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