आयुक्त ने 50 जन सूचना अधिकारियों पर जुर्माना डाला

 

उ.प्र. राज्य सूचना आयोग के आयुक्त हाफिज उस्मान इन्दिरा भवन स्थित अपने कार्यालय कक्ष में सूचना का अधिकार के सम्बन्ध में उच्चस्तरीय बैठक करते हुए।
उ.प्र. राज्य सूचना आयोग के आयुक्त हाफिज उस्मान इन्दिरा भवन स्थित अपने कार्यालय कक्ष में सूचना का अधिकार के सम्बन्ध में उच्चस्तरीय बैठक करते हुए।
उत्तर प्रदेश सूचना आयोग के कमिश्नर हाफिज उस्मान की अध्यक्षता में आज लखनऊ स्थित उनके कार्यालय कक्ष में बैठक सम्पन्न हुई, जिसमें डी.एम. व तहसील स्तर के सभी संबंधित 150 से अधिक अधिकारी शामिल हुए। श्री उस्मान ने अधिकारियों की बैठक में समीक्षा करते हुए, 262 वादों की सुनवाई की जिसमें 50 से अधिक अधिकारियों के खिलाफ 25000 रूपये के हिसाब 12 लाख पचास हजार रूपये का जुर्माना लगाते हुए जिलाधिकारी को वसूली के आदेश दिये, तथा जुर्माना वसूली की रिपोर्ट आयोग में प्रस्तुत करने के लिए कहा गया है, साथ ही साथ 25 अधिकारियों के खिलाफ विभागीय कार्यवाही के भी आदेश दिये गये हैं।
श्री उस्मान ने बताया कि कुछ अधिकारियों के खिलाफ जांच के उपरान्त, जैसे ग्राम प्रधान सूरजमुखी, ग्राम पंचायत अधिकारी नजर अब्बास वाकरी, तथा तकनीकी सहायक नेम सिंह के ऊपर रूपये 957785 रू0 के गबन में उक्त कर्मचारी दोषी पाये गये हैं। उक्त कर्मचारियों से रिकवरी के आदेश देते हुए संबंधित अधिकारी व प्रधान के खिलाफ कार्यवाही करने के आदेश दिये हैं, साथ ही श्री उस्मान ने समीक्षा बैठक में कहा कि सूचना का अधिकार एक ऐसा कानून है, जिससे कार्य में पारदर्शिता आयेगी और जनता में अधिकारियों/कर्मचारियों व सरकार के लिए सम्मान का भाव पैदा होगा व विश्वास बढ़ेगा। उन्होंने सभी जन सूचना अधिकारियों को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि आर.टी.आई. के प्रार्थना पत्रों का 30 दिन के अन्दर निस्तारण करें, अन्यथा ऐसे अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्यवाही की जायेगी।
समीक्षा बैठक में राज्य सूचना आयुक्त श्री उस्मान से विभिन्न तहसीलों तथा जिला स्तर के उपस्थित अधिकारियों ने शिकायत की कि आर.टी.आई. के नाम पर कुछ लोग अपने व्यक्तिगत कार्यों के लिए दबाव बनाते हैं, तथा पैसे की भी मांग करते हैं, ऐसे लोगों के खिलाफ कार्यवाही होनी चाहिए। आयोग ने इस बात को भी गम्भीरता से लेते हुए जन सूचना अधिकारियों को यकीन दिलाया कि आर.टी.आई. के नाम पर ब्लैक मेल, व धन उगाही करने वालों के खिलाफ सख्त कार्यवाही की जायेगी, एक प्रकरण में प्रतिवादी द्वारा लिखित रूप से दिया गया है कि वादी द्वारा सूचना प्रार्थना पत्र वापस लेने के लिए 3000 रूपये की मांग की गयी है, इस संबंध में उर्मिला देवी के खिलाफ डी.एम. सहारनपुर को जांच के आदेश दिये गये हैं। उक्त प्रकरण की जांच करते हुए आयोग को 30 दिन के अन्दर अपनी रिपोर्ट पेश करें, ताकि ऐसे लोगों के खिलाफ कार्यवाही की जा सके।
हाफिज उस्मान ने वादी राकेश सिंह बनाम वाणिज्य कर विभाग बिजनौर में अपर पुलिस महानिदेशक, आर्थिक अनुसंधान संगठन, (सी.आई.डी.) पांचवां तल इन्दिरा भवन उ0प्र0 लखनऊ को जांच के आदेश दिये हैं। वादी शशि कान्त बनाम रजिस्ट्रार फर्म्स सोसाइटीज एवं चिट्स उ.प्र. तृतीय तल विकास दीप हुसैनगंज लखनऊ में रजिस्ट्रार पी.एन.दूबे को शोकाज नोटिस जारी करते हुए, जिलाधिकारी उन्नाव को वादी द्वारा उठाये गये बिन्दुओं पर जांच करने के आदेश दिये गये हैं। वादी केवल प्रसाद बनाम अधीक्षण अभियंता सप्तम मण्डल सिंचाई कार्य निकट गोमती बैराज गोमती नगर लखनऊ में रमाकान्त रस्तोगी, अधीक्षण अभियंता सप्तम मण्डल सिंचाई कार्य निकट गोमती बैराज गोमती नगर लखनऊ के विरूद्ध 25000 रूपये का दण्ड अधिरोपित किया, तथा जिलाधिकारी लखनऊ को उक्त आदेश का अनुपालन सुनिश्चित कराने के आदेश दिये हैं। विभिन्न जनपदों से आये जन सूचना अधिकारियों ने राज्य सूचना आयुक्त को आश्वस्त किया कि वे आयोग के आदेशों /निर्देशों तथा जन सूचना अधिकार अधिनियम का पालन करें और आर.टी.आई. कार्यकर्ताओं को निर्धारित अवधि में सूचना उपलब्ध करायेंगे।

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