लापरवाहों में हड़कंप, डीएम के साथ नहीं दिखे कमल-संतोष

निरीक्षण के दौरान जानकारी लेते डीएम पवन कुमार।
निरीक्षण के दौरान जानकारी लेते डीएम पवन कुमार।
बदायूं में बुधवार को कार्यभार ग्रहण करने वाले तेजतर्रार जिलाधिकारी पवन कुमार से जैसी आशा की जा रही थी, वैसा ही कार्य करते नजर आ रहे हैं। जिलाधिकारी कार्यालय में वर्षों से संबद्ध बदनाम बाबू कमल शर्मा और संतोष शर्मा आज जिलाधिकारी के आसपास नजर नहीं आये। निरीक्षण के समय जिलाधिकारी के साथ एडीएम (प्रशासन) के स्टेनो सुविज्ञानंद दिखाई दिए, जो डीएम के निर्देशों को नोट कर रहे थे। बदनाम कमल और संतोष का खौफ खत्म करने के लिए डीएम को इन्हें अपने आवास और ऑफिस से हटाना होगा, वरना कर्मचारियों और अधिकारियों में भ्रम की स्थिति बनी रहेगी।
जिलाधिकारी ने तहसील बिल्सी का औचक निरीक्षण किया और नगर मजिस्ट्रेट श्रीराम यादव एवं एसडीएम सदर जंग बहादुर को भेजकर जिला विद्यालय निरीक्षक, बेसिक शिक्षा, वित्त एवं लेखाधिकारी, सर्व शिक्षा अभियान तथा नगर शिक्षा कार्यालयों का औचक निरीक्षण कराया, तो नगर शिक्षा अधिकारी अजय कुमार सिंह, सर्व शिक्षा अभियान के असिस्टेंट एकाॅउन्ट अफसर जगदीश सिंह, वित्त एवं लेखाधिकारी महिमा चन्द्र तथा बेसिक शिक्षा अधिकारी अनुपस्थित पाए गए। हालांकि बीएसए के सम्बन्ध में स्टाफ ने जानकारी दी कि वह स्कूलों का निरीक्षण करने गए हैं।
नगर मजिस्ट्रेट एवं एसडीएम सदर को जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय में वरिष्ठ सहायक शैलेश कुमार श्रीवास्तव, प्रदीप कुमार सक्सेना, अतीक अहमद एवं सुखदेव सिंह अनुपस्थित मिले। बेसिक शिक्षा कार्यालय में अनुचर राजेन्द्र कुमार, राजवीर, राम सिंह तथा वरिष्ठ सहायक ललित मौर्य तथा वित्त एवं लेखाधिकारी कार्यालय में लेखाकार दिनेश कुमार और राम चन्द्र एवं अनुचर शकुन्तला देवी अनुपस्थित पाई गईं। सर्व शिक्षा अभियान कार्यालय में  डीसी राम सरन मौर्य, गौरव कुमार सक्सेना, आरसी राजेन्द्र कुमार मिश्रा तथा नगर शिक्षा अभियान कार्यालय में कनिष्ठ लिपिक मुहम्मद फारूख अनुपस्थित पाए गए। नगर मजिस्ट्रेट ने अपनी रिपोर्ट जिलाधिकारी को सौंप दी है।
जिलाधिकारी पवन कुमार ने शुक्रवार को तहसील बिल्सी का जब औचक निरीक्षण किया, तो उनके तेजतर्रार स्वभाव और समयबद्ध कार्यप्रणाली के कारण वहां के अधिकारियों, कर्मचारियों में हड़कम्प मच गया। तहसील भवन के प्रथम, द्वितीय तल को जाने वाली सीढ़ियों पर जगह-जगह गुटखा और पान की पीक देखकर जिलाधिकारी ने नाराजगी जताई, वहीं दूसरी ओर तहसील स्तरीय चकबन्दी कार्यालय में अभिलेखों का रख-रखाव ठीक न होने तथा गन्दगी पाए जाने पर जिलाधिकारी ने भविष्य में इस ओर विशेष ध्यान दिए जाने की चेतावनी दी।
अपर जिलाधिकारी प्रशासन अजय कुमार श्रीवास्तव के साथ जिलाधिकारी ने विभिन्न कक्षों में जाकर कर्मचारियों से वार्ता कर कार्य करने की प्रणाली को परखा और खामियां पाए जाने पर सुधार लाने की चेतावनी दी। उन्होंने चकबन्दी कार्यालय के अभिलेखों का निरीक्षण कर कितने गांवों में चकबन्दी का कार्य किया जा रहा, चकबन्दी लेखपालों की उपस्थित, एसीओ की तैनाती के सम्बन्ध में चकबन्दी अधिकारी से जानकारी ली। तहसील बिल्सी के कई वकीलों ने मिलकर जिलाधिकारी से शिकायत की कि तहसीलदार मुकदमों के निस्तारण में अनावश्यक विलम्व करते हैं, जिस पर जिलाधिकारी ने बिल्सी के तहसीलदार से जानकारी लेते हुए निर्देश दिए कि न्यायालय में दायर वादों को प्राथमिकता के आधार पर निस्तारण किया जाए। बिजली के बोर्ड खुले होने पर जिलाधिकारी ने ठीक कराने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने सम्बंधित पटल पर जाकर मुख्य एवं विविध देयों तथा आरसी की राजस्व वसूली के सम्बन्ध में जानकारी हासिल की। पूर्ति निरीक्षक कार्यालय में राशन कार्ड के साथ आधार लिंक के सम्बन्ध में पूछताछ करते हुए तहसील क्षेत्र के राशन कार्डों की स्थिति के सम्बन्ध में विस्तृृत रिपोर्ट तलब की है। उन्होंने निलंबित चल रही राशन की दुकानों के सम्बन्ध में जानकारी की, तो पूर्ति निरीक्षक ने बताया कि तहसील क्षेत्र में सात दुकाने निलंबित चल रही हैं। जिलाधिकारी ने प्राथमिकता के आधार पर प्रस्ताव कराकर नए कोटेदारों का चयन करने को कहा है। उन्होंने उप निबन्धक रजिस्ट्रार कार्यालय का भी निरीक्षण किया, तो जानकारी मिली कि गत वर्ष के सापेक्ष 371 बैनामे कम हुए हैं। जिलाधिकारी ने एसडीएम कक्ष की व्यवस्थाएं भी चाक चैबन्द न होने पर असंतोष जताया। इस अवसर पर एसडीएम बिल्सी विधान जयसवाल और तहसीलदार बालक राम मौजूद रहे।
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