ईंटों से कुचल कर प्रेमी की हत्या, प्रेमिका की हालत गंभीर, रेफर

ऑनर किलिंग के बाद गाँव मंझिया में तैनात पुलिस।
ऑनर किलिंग के बाद गाँव मंझिया में तैनात पुलिस।

प्रेमरत जोड़े पर प्रेमिका के परिजनों ने अचानक हमला बोला दिया। दोनों को लाठी-डंडों से दौड़ा-दौड़ा कर पीटा ही नहीं, बल्कि प्रेमी को दिनदहाड़े ईंटों से कुचल कर मौत के घाट उतार दिया। प्रेमिका को हालत गंभीर होने के कारण बरेली रेफर कर दिया गया है। समूचे इलाके में दहशत का माहौल है। पुलिस ने दो लोगों को गिरफ्तार कर लिया है।

दुस्साहसिक वारदात बदायूं जिले के थाना सिविल लाइन क्षेत्र में स्थित गाँव मंझिया की है। बताते हैं कि दुर्वेश उर्फ़ वीरू (20) पुत्र राम सिंह का लंबे अर्से से पड़ोस की ही स्वजातीय पिंकी (16) पुत्री ओमकार से प्रेम प्रसंग चल रहा था। दोनों नट जाति के हैं और छुप कर दोनों एक-दूसरे से मिलते रहते थे। दुर्वेश दिल्ली में नौकरी करने लगा, जो कभी-कभी गाँव आता था। बताते हैं कि दुर्वेश आज सुबह ही दिल्ली से आया था और आज शाम को ही उसे वापस लौटना था, इसीलिए दोनों ने जंगल में मिलने की योजना बना ली। बताते हैं कि दोपहर एक बजे के करीब दोनों ईख के खेत में पहुंच गये, लेकिन ईख में घुसते हुए पिंकी के भाई जितेन्द्र ने देख लिए।

जितेन्द्र दौड़ कर गाँव आया और उसने अपनी मां शीला व चाचा राजेश और सत्यवीर को बता दिया, तो लाठी-डंडे लेकर सभी जंगल की ओर दौड़ पड़े और दोनों को ईख के अंदर ही दबोच लिया। पिंकी के परिजन दोनों को पीटते हुए गाँव तक लाये और गाँव में लाकर दुर्वेश को ईटों से कुचल दिया। दुर्वेश के शरीर में हलचल होना बंद हो गई, तो पिंकी ने अपने घर में ही फांसी लगा ली। पिंकी के शरीर में भी हरकत होना बंद हो गई, तो पिंकी के परिजन फांसी पर लटकी लाश को उतार कर दुर्वेश के पास ही डाल कर फरार हो गये।

गाँव मंझिया में घटना स्थल पर पड़ी ईटें और खून पर बैठी मक्खियाँ।
गाँव मंझिया में घटना स्थल पर पड़ी ईटें और खून पर बैठी मक्खियाँ।

पुलिस को किसी तरह घटना की सूचना मिली, तो पुलिस दोनों को अस्पताल लेकर आई, जहां डॉक्टर ने दुर्वेश को मृत घोषित कर दिया, वहीं हालत गंभीर होने के कारण पिंकी को डॉक्टर ने बरेली रेफर कर दिया। उधर गाँव सहित पूरे इलाके में दहशत का माहौल है। गाँव में पुलिस तैनात कर दी गई है, साथ ही पुलिस ने जितेन्द्र व राजेश को गिरफ्तार भी कर लिया है।

इस पूरे घटना क्रम में आश्चर्य की बात यह है कि प्रेमी जोड़े के साथ दिनदहाड़े और खुलेआम दरिंदगी की गई, लेकिन एक भी ग्रामीण सामने नहीं आया और न ही किसी ने पुलिस को सूचना दी, साथ ही सूचना के बाद सीओ राजेन्द्र धामा शाम को छः बजे के आसपास पहुंचे, जबकि पांच-छः किमी की दूरी कुछ मिनट में ही तय की जा सकती थी। पुलिस ने भी थोड़ी सक्रीयता दिखाई होती, तो शायद, दुर्वेश भी बच सकता था। घटना के संबंध में अभी कोई एफआईआर दर्ज नहीं की गई है। पुलिस का कहना है कि उनके पास अभी कोई तहरीर नहीं आई है, इसीलिए पुलिस जितेन्द्र और राजेश को भी गिरफ्तार नहीं मान रही है। खैर, सामाजिक भीरुता और अव्यवस्थित तंत्र की भेंट एक और प्रेमी जोड़ा चढ़ गया है।

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