सीमा व पीसी प्रकरण में भी जिलाध्यक्ष का ऐलान बना शिगूफा

सीमा चौहान का स्वागत करते किसान मोर्चा के नवांगत प्रदेश अध्यक्ष राजा वर्मा।
सीमा चौहान का स्वागत करते किसान मोर्चा के नवांगत प्रदेश अध्यक्ष राजा वर्मा।

बदायूं जिले में भारतीय जनता पार्टी की स्थिति बद्तर होती जा रही है। गुटबाजी सड़क पर आ गई है, लेकिन प्रांतीय नेतृत्व भी मूकदर्शक बना हुआ है। जिलाध्यक्ष प्रेम स्वरूप पाठक को एक बार फिर मुंह की खानी पड़ी है। सीमा चौहान और पीसी शर्मा के विरुद्ध की गई कार्रवाई को प्रदेश नेतृत्व ने नकार दिया है।

उल्लेखनीय है कि भाजपा जिलाध्यक्ष प्रेम स्वरूप पाठक ने दो दिन पूर्व मनमाने तरीके से किसान मोर्चा बरेली क्षेत्र की महामंत्री सीमा चौहान और पीसी शर्मा की प्राथमिक सदस्यता समाप्त करने का ऐलान किया था, जिसे सीमा चौहान और पीसी शर्मा ने नहीं माना था, साथ ही कहा था कि उनकी सदस्यता समाप्त करने का अधिकार जिलाध्यक्ष को नहीं है।

शुक्रवार को प्रदेश मुख्यालय पर भाजपा किसान मोर्चा की बैठक हुई, जिसमें सीमा चौहान बरेली क्षेत्र की महामंत्री की हैसियत से सम्मलित हुईं, उनका बैठक में नये प्रदेश अध्यक्ष राजा वर्मा ने ससम्मान स्वागत भी किया, जिससे स्पष्ट है कि जिलाध्यक्ष का बयान एक बार फिर शिगूफा ही साबित हुआ है। यहाँ यह भी बता दें कि मई में पूर्व विधायक राम सेवक सिंह पटेल व भाजयुमो जिलाध्यक्ष कुलदीप वार्ष्णेय सहित तीन लोगों के विरुद्ध भी जिलाध्यक्ष ने कार्रवाई करने का ऐलान किया था, लेकिन प्रांतीय नेतृत्व ने उनके द्वारा की गई कार्रवाई को नहीं माना था और अब सीमा चौहान व पीसी शर्मा के प्रकरण में भी जिलाध्यक्ष को मुंह की खानी पड़ी है।

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