मंत्री इंदिरा हृदयेश ने निर्माण समिति के उपाध्यक्ष को हड़काया

किरन कांत

कैबिनेट मंत्री इंदिरा हृदयेश
कैबिनेट मंत्री इंदिरा हृदयेश

उत्तर प्रदेश के नेता अफसरों और आम जनता से अभद्रता कर राष्ट्रीय स्तर पर कुख्यात होते जा रहे हैं, ऐसे में उत्तराखंड के नेता पीछे क्यूं रहें। कुख्यात होने की दौड़ में शामिल हुई हैं उत्तराखंड की कांग्रेस पार्टी की वरिष्ठ नेत्री व कैबिनेट मंत्री इंदिरा हृदयेश। आश्चर्य की बात तो यह है कि जिस मुख्यमंत्री ने उन्हें कैबिनेट मंत्री बनाया है, उसी मुख्यमंत्री के विरुद्ध भी बोल रही हैं, साथ ही पत्रकारों को भी उन्होंने धमकाया कि संपादकों से कह कर निकलवा दूंगी।

प्रकरण उत्तराखंड के शहर हल्द्वानी का है। उत्तराखंड सरकार में वरिष्ठ मंत्री इंदिरा हृदयेश पर अहंकार इस कदर सवार हो गया है कि उन्होंने निर्माण सलाहकार समिति के उपाध्यक्ष बलराम सिंह विष्ट को फोन मिलवाया और उन्हें एकतरफा हड़काना शुरू कर दिया। स्वयं एक भ्रष्ट कंपनी की सिफारिश कर रही थीं, लेकिन विष्ट पर आरोप मढ़ रही थीं कि तुम चाहते क्या हो, कांग्रेस खत्म हो जाये, दफना दी जाये? आगे कहा कि बोल क्यूं नहीं रहा है, बड़ा तीसमारखा नेता बनता है। फोन डिस्कनेक्ट करने के बाद भी नहीं रुकीं। बाद में अपने चहेतों से कहने लगीं कि यह जितने भी मुख्यमंत्री के ठेकेदार हैं, इन सबको ठीक कर दूंगी मैं।

इंदिरा हृदयेश के बात करने के अंदाज़ में अहंकार तो है ही, साथ ही यह भी सिद्ध हो रहा है कि प्रकरण धन के बंटवारे का ही है। सरकारी धन को हजम करने की प्रतिस्पर्धा चलती नजर आ रही है, जिसमें उनके भ्रष्ट लोगों पर शिकंजा कसा जा रहा है, तो वे मुख्यमंत्री पर ही सीधे अटैक कर रही हैं। इस प्रकरण पर पत्रकारों ने सवाल किया, तो अहंकार के एक और पायदान पर चढ़ कर उन्होंने पत्रकारों को झिड़क दिया। बोलीं- संपादकों से कह कर बाहर निकलवा दूंगी। सवाल यह भी उठ रहा है कि उनके संपादकों से इतने गहरे रिश्ते हैं क्या?, वरना वे पत्रकारों से इस तरह बात नहीं कर पातीं। संपादक अगर इंदिरा हृदयेश की चरण वंदना न कर रहे होते, तो उनमें इतना भी साहस नहीं था, जो पत्रकारों के साथ इस तरह पेश आतीं।

इस प्रकरण पर निर्माण सलाहकार समिति के उपाध्यक्ष बालम सिंह बिष्ट ने कहा कि वे फोन पर सिर्फ इसलिए धमका रही थीं कि ठीक से काम न करने वाली कंपनी के विरुद्ध उन्होंने आवाज उठा दी।  बोले- एक कंस्ट्रकशन कंपनी के संबंध में लोगों ने शिकायत की, जिसकी जांच करने आये और जांच में कंपनी गलत पाई गई, इस पर वे भड़क रही हैं। बोले- वे गलत काम नहीं होने देंगे। स्थानीय लोगों की अनदेखी नहीं होने देंगे।

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