राजेश यादव ने डीपीआरओ कार्यालय को बनाया लूट का अड्डा

मनमानी करने वाला प्रभारी जिला पंचायात राज अधिकारी राजेश यादव।
मनमानी करने वाला प्रभारी जिला पंचायात राज अधिकारी राजेश यादव।

समाजवादी पार्टी की सरकार में यादव जाति को ही वीवीआईपी दर्जा मिल जाता है। सपा सरकार में अघोषित रूप से यादवों को हर कानून और हर नियम तोड़ने की छूट सी रहती है। बदायूं में तो हालात और भी ज्यादा खराब हैं। बदायूं में आम यादव ही नहीं, बल्कि यादव कर्मचारी और अधिकारी भी हर नियम को खुलेआम तोड़ रहे हैं, लेकिन उन्हें रोकने और टोकने तक का साहस किसी में नहीं है। जिला पंचायत राज अधिकारी के पद पर कब्जा जमाने वाले राजेश यादव मनमानी करने के चलते आज कल चर्चाओं के केंद्र में हैं।

राजेश यादव मूल रूप से खंड विकास अधिकारी है और तीन विकास खंडों का कार्यभार संभाले हुए है। खुद को सांसद धर्मेन्द्र यादव का सहपाठी बताता है। होगा भी, क्योंकि खंड विकास अधिकारी स्तर के अधिकारी को जिलाधिकारी ने जिला पंचायत राज अधिकारी का भी कार्यभार दे रखा है, तो जाहिर है कि किसी दबाव में ही दिया होगा। सूत्रों का यही भी कहना है धर्मेन्द्र यादव अच्छा काम करने वाले को पसंद करते हैं, ताकि लोग उनके पास तक न आयें, पर राजेश यादव तो उनकी छवि को भी नुकसान पहुंचा रहा है।

जिलाधिकारी ने प्रभारी जिला पंचायत राज अधिकारी राजेश यादव को वित्तीय और प्रशासनिक शक्ति नहीं दी है। नियुक्ति, स्थानांतरण, निलंबन, बहाली सहित किसी भी तरह का महत्वपूर्ण निर्णय लेने का अधिकार राजेश यादव को नहीं है। जिलाधिकारी का स्पष्ट आदेश है कि जिला पंचायत राज अधिकारी विशेष परिस्थितियों में मुख्य विकास अधिकारी के माध्यम से पत्रावली उन्हें भेजें, पर जिलाधिकारी के आदेश को राजेश यादव ने अभी तक कोई अहमियत नहीं दी है।

राजेश यादव नियुक्ति, स्थानांतरण, निलंबन और बहाली सहित तमाम महत्वपूर्ण निर्णय स्वयं ही ले रहे हैं। सूत्रों का कहना है कि कार्यालय में दलाल पूरी तरह हावी हैं। राजेश यादव के संबंध में अन्य तमाम तरह की चर्चायें भी आम हो चली हैं, लेकिन फिलहाल उन बातों का कोई प्रमाण नहीं है। भ्रष्टाचार और मनमानी सार्वजनिक तौर पर की जा रही है। हालात ऐसे ही रहे, तो ग्राम पंचायतों की व्यवस्था पूरी तरह चौपट हो जायेगी। यहाँ यह भी बता दें कि कई जिलों में मनरेगा घोटालों की सीबीआई जांच चल रही है, जिसमें राजेश यादव भी जांच के दायरे में बताया जाता है, ऐसे में जिलाधिकारी ने राजेश यादव को महत्वपूर्ण कार्यभार दे रखा है, जिससे अन्य तमाम सवाल उठने स्वाभाविक ही हैं।

महत्वपूर्ण निर्णय न लेने संबंधी जिलाधिकारी द्वारा किया गया आदेश।
महत्वपूर्ण निर्णय न लेने संबंधी जिलाधिकारी द्वारा किया गया आदेश।
प्रभारी सहायक विकास अधिकारी का राजेश यादव द्वारा किया गया स्थानांतरण आदेश।
प्रभारी सहायक विकास अधिकारी का राजेश यादव द्वारा किया गया स्थानांतरण आदेश।
ग्राम पंचायत विकास अधिकारी का राजेश यादव द्वारा किया गया स्थानांतरण आदेश।
ग्राम पंचायत विकास अधिकारी का राजेश यादव द्वारा किया गया स्थानांतरण आदेश।
सहायक विकास अधिकारी व ग्राम पंचायत विकास अधिकारी का राजेश यादव द्वारा किया गया स्थानांतरण आदेश।
सहायक विकास अधिकारी व ग्राम पंचायत विकास अधिकारी का राजेश यादव द्वारा किया गया स्थानांतरण आदेश।
 ग्राम पंचायत विकास अधिकारी का राजेश यादव द्वारा किया गया स्थानांतरण आदेश।
ग्राम पंचायत विकास अधिकारी का राजेश यादव द्वारा किया गया स्थानांतरण आदेश।
 ग्राम पंचायत विकास अधिकारी का राजेश यादव द्वारा किया गया स्थानांतरण आदेश।
ग्राम पंचायत विकास अधिकारी का राजेश यादव द्वारा किया गया स्थानांतरण आदेश।

 

 

संबंधित खबरें पढ़ने के लिए क्लिक करें लिंक

मुख्यमंत्री के भाई का रूम मेट होना ही है कानून

सांसद और डीएम के आवासों पर संबद्ध हैं सफाई कर्मी

हाईकोर्ट व शासन के निर्देश के विपरीत राजेश ही बने डीपीआरओ

जिला योजना की बैठक में पीडी और डीपीआरओ की फजीहत

Leave a Reply