यूपी में खुलेगा ब्रिटिश डिप्टी हाई कमिशनर का कार्यालय

उत्तर प्रदेश के अप्रवासी भारतीय एवं वाह्य सहायतित परियोजना विभाग के सलाहकार मधुकर जेटली मिस हेनाह काकबर्न की अध्यक्षता में विदेश से आये ब्रिटिश डेलीगेशन से बात करते हुए।
उत्तर प्रदेश के अप्रवासी भारतीय एवं वाह्य सहायतित परियोजना विभाग के सलाहकार मधुकर जेटली मिस हेनाह काकबर्न की अध्यक्षता में विदेश से आये ब्रिटिश डेलीगेशन से बात करते हुए।
विदेश यात्रा एवं बीजा फैसेलिटीज आदि के मामलों में उत्तर प्रदेश के नागरिकों को अब भटकने, परेशान अथवा गलत लोगों के हाथों ठगी का शिकार होने से बचाने के लिए प्रदेश सरकार ने बेहतर कदम उठाते हुए प्रदेश में ही बीजा फैसेलिटेशन सर्विस हेतु ब्रिटिश डिप्टी हाई कमिशनर का कार्यालय लखनऊ में खुलवाने की अनुठी पहल की है।
उत्तर प्रदेश के अप्रवासी भारतीय एवं वाह्य सहायतित परियोजना विभाग के सलाहकार (राज्य मंत्री दर्जा प्राप्त) मधुकर जेटली ने आज अपने कार्यालय में मिस हेनाह काकबर्न की अध्यक्षता में विदेश से आये ब्रिटिश डेलीगेशन से विस्तृत बैठक के बाद यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि प्रदेश में डिप्टी हाई कमीश्नर कार्यालय की स्थापना से नागरिकों को बीजा फैसेलिटीज आदि की सुविधा प्राप्त होने के साथ-साथ शिक्षा, व्यापार और संस्कृति को भी बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने कहा कि ब्रिटिश सरकार ने उत्तर प्रदेश में कौंसिलेट खोलने की अनुमति दे दी है। उत्तर प्रदेश में खुलने वाला यह कौंसिलेट भारत का पहला कौंसिलेट होगा। ब्रिटिश कौंसिलेट स्थापित करने के लिए प्रदेश सरकार समस्त आवश्यक सुविधाएं यथा-शीघ्र प्राथमिकता के आधार पर उपलब्ध करायेगी, ताकि प्रदेशवासियों को ब्रिटेन संबंधी सूचनाएं तथा ब्रिटेन की यात्रा हेतु औपचारिकताओं की पूर्ति सरलता से कराया जा सके। उन्होंने कहा कि लखनऊ में खुलने वाला डिप्टी हाई कमीश्नर कार्यालय अत्याधुनिक बायोमिट्रक व्यवस्थाओं से पूर्ण होगा, ताकि लोगों को अंगुल चिन्ह तथा आॅखों की पहचान आदि के दस्तावेजी संकलन कार्य हेतु दिल्ली न जाना पड़े। उन्होंने कहा कि डिप्टी हाई कमीश्नर कार्यालय की स्थापना एवं संसाधनों की पूर्ति के लिए सरकार ब्रिटेन सरकार के मानकों को प्राथमिकता से पूर्ण करायेगी।
बैठक में प्रमुख सचिव एन.आर.आई. संजीव सरन ने कहा कि विश्व के महत्वपूर्ण देशों जैसे कनाडा, अमेरिका, युरोपियन यूनियन, गल्फ कन्ट्री, न्यूजीलैण्ड एवं आस्ट्रेलिया आदि देशों का भी कौंसिलेट उत्तर प्रदेश में स्थापित कराने हेतु प्रदेश सरकार निरंतर प्रयासरत है। इनकी स्थापना से उक्त देशों के अप्रवासी भारतीय एवं उन देश के नागरिक प्रदेश से सीधे जुड़ सकेगें, जिससे प्रदेश में शिक्षा, व्यापार एवं संस्कृतिक गतिविधियों के आदान प्रदान से बेहतर विकास हो सकेगा। उन्होंने कहा कि साथ ही इन देशों में आवगमन यात्रा संबंधित औपचारिकताएं तथा सूचनाओं को सुगमता से प्राप्त करने के लिए प्रदेश वासियों को एक बेहतर पटल मिल सकेगा।

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