विराट की सफलता के लिए अनुष्का कर रही अनुष्ठान

आश्रम के अंदर अपने परिचितों के साथ मस्ती करती अनुष्का।
आश्रम के अंदर अपने परिचितों के साथ मस्ती करती अनुष्का।

किरन कांत

भारत ही नहीं, बल्कि विश्व पटल पर इस वक्त क्रिकेटर विराट कोहली और अनुष्का शर्मा धूम मचाये हुए हैं। वर्ल्ड कप को लेकर विराट चर्चा में हैं और अपनी फिल्म एनएच- 10 को लेकर अनुष्का भी ख़ास चर्चा के केंद्र में हैं।

गाड़ी से उतरने के बाद कुछ ख़ास लोगों से घिरी अनुष्का।
गाड़ी से उतरने के बाद कुछ ख़ास लोगों से घिरी अनुष्का।

विराट और अनुष्का के बीच प्रेम संबंध भी है और माना जा रहा है कि दोनों शादी भी करेंगे। फिलहाल ध्यान देने की बात यह है कि चर्चाओं के केंद्र में रहने वाली यह जोड़ी बिल्कुल आम आदमी की तरह शांत है। कल विराट ने अनुष्का की फिल्म देखने के बाद ट्वीट किया था और अनुष्का मुम्बई की भीड़ से दूर भगवान के चरणों में है। बेहद गोपनीय तरीके से अनुष्का पूजा-अर्चना में मग्न बताई जा रही हैं।

आश्रम के अंदर जाती अनुष्का।
आश्रम के अंदर जाती अनुष्का।

उत्तराखंड के पथरी में वह वर्ल्ड कप शुरू होने से पहले भी आई थीं और तब उन्होंने विशेष पूजा-अर्चना की थी, ऐसे ही अब आई हैं और विशेष अनुष्ठान कर रही हैं। आश्रम के कर्मचारियों से उन्होंने विशेष आग्रह किया है कि वे उनके यहाँ होने की खबर किसी को न दें, फिर भी उनके यहाँ होने की खबर गाँव तक पहुंच गई है और लोग एक-एक कर किसी न किसी बहाने उन्हें निहारने आने लगे हैं।

आश्रम में पेय पदार्थ के साथ धूप का आनंद लेती अनुष्का।
आश्रम में पेय पदार्थ के साथ धूप का आनंद लेती अनुष्का।

सूत्रों का कहना है कि वे देर रात तक पूजा में व्यस्त रहती हैं और बाकी समय अपने कुछ ख़ास मित्रों के सात बातें करती रहती हैं, लेकिन यह स्पष्ट नहीं हो पाया कि वे मन्नत अपने लिए मांगने आई हैं या अपने ख़ास विराट के लिए। वैसे सवाल यह भी है कि क्रिकेट के चलते बेहद व्यस्त विराट के पास अनुष्का फ़िलहाल जा नहीं सकती, ऐसे में पूजा, पर्यटन और एकांत ही बेहतर विकल्प कहा जा सकता है, वैसे उसकी निजी जिंदगी पर किसी भी तरह की टीका टिप्पणी करने का अधिकार किसी और को होना नहीं चाहिए, वो चाहे जैसे जीये, उसका अपना निर्णय होना चाहिए और निजी जीवन में ताक-झाँक कर अशांत भी नहीं करना चाहिए। सेलेब्रेटी को ऐसा नहीं लगना चाहिए कि चर्चित होना उसके लिए गुनाह है, इसलिए हम अनुष्का को शांत और आनंदमय जीवन की शुभकामना देते हैं।

वाकई, मॉल के पास तक ही रहता है संविधान का राज

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