यूपी बजट: बिजली पर विशेष ध्यान, बदायूं पर भी हुई धन वर्षा

यूपी बजट: बिजली पर विशेष ध्यान, बदायूं पर भी हुई धन वर्षा
वित्तीय वर्ष- 2014-15 के मुख्य बिन्दु
वित्तीय वर्ष- 2014-15 के मुख्य बिन्दु

बजट- 2014-15 के मुख्य बिन्दु

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ऽ    वित्तीय वर्ष 2014-15 के लिये प्रस्तुत बजट का आकार दो लाख चौहत्तर हजार सात सौ चार करोड उनसठ लाख रुपये (2,74,704.59 करोड़ रुपये) है, जो वर्ष 2013-14 के बजट के सापेक्ष 24 प्रतिशत अधिक है।

ऽ    इस आकार के बजट को वित्त पोषित करने हेतु बजट में संसाधनों की समुचित व्यवस्था की गई है, जिसमें प्रदेश के स्वयं के कर राजस्व में वर्ष- 2013-14 की अपेक्षा लगभग 17 प्रतिशत की वृद्धि सम्मिलित है।

ऽ    इस बजट में बीस हजार नौ सौ सत्तावन करोड़ सैंतालिस लाख रुपये (20,957.47 करोड़ रुपये) की नई योजनायें सम्मिलित की गई है।

ऽ    वार्षिक योजना की नई वित्त पोषण की व्यवस्था के अन्तर्गत आयोजनागत पक्ष में 95,039 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है, जिसमें लगभग 75 प्रतिशत राशि कृषि, किसान और ग्रामीण क्षेत्रों के विकास की योजनाओं के लिए है।

ऽ    प्रदेश में अवस्थापना और औद्योगिक क्षेत्र में निवेश को आकर्षित करने के उद्देश्य से 12 जून, 2014 को नई दिल्ली में निवेशक सम्मेलन आयोजित किया गया, जिसमें देश-विदेश की लगभग 150 कम्पनियों द्वारा भाग लिया गया। यह सम्मेलन अत्यन्त सफल रहा और 23 कम्पनियों ने लगभग 54,606 करोड़ रुपये के समझौता ज्ञापनों पर हस्ताक्षर किये।

ऽ    प्रदेश को मजबूत कानून व्यवस्था देने के लिए पुलिस बल में वृद्धि, संचालन और आधुनिकीकरण हेतु 12,400 करोड़ रुपये की व्यवस्था।

ऽ    बिजली की व्यवस्था मजबूत करने के लिए बिजली की परियोजनाओं हेतु 23,928 करोड़ रुपये की व्यवस्था।

ऽ    गाँवों में घरों में शौचालय निर्माण हेतु लगभग 359      करोड़ रुपये की व्यवस्था।

ऽ    ब्रायलर पैरेन्ट फार्मिंग की 10 इकाई तथा कामर्शियल लेयर फार्मिंग की 80 इकाई स्थापित किये जाने का लक्ष्य, जिससे लगभग 367 करोड़ अण्डे तथा 9 से 10 करोड़ किलोग्राम कुक्कुट माँस प्रतिवर्ष उत्पादित होगा।

ऽ    समाजवादी पेंशन योजना के लिये 2,424 करोड़ रुपये की व्यवस्था।

ऽ    गाजियाबाद शहर में मेट्रो रेल विस्तार कार्यक्रम के अन्तर्गत 1,838 करोड़ रुपये की लागत से 11.11 किलोमीटर लम्बी मेट्रो रेल परियोजना क्रियान्वित।

ऽ    लखनऊ में चक गंजरिया फार्म में उपलब्ध कुल 846 एकड़ भूमि में से 320 एकड़ भूमि पर अवस्थापना सुविधाओं यथा-100 एकड़ भूमि पर आई0टी0 सिटी, 50 एकड़ भूमि पर भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान, 100 एकड़़ भूमि में विश्व स्तरीय कैंसर संस्थान, मेडीसिटी तथा अन्य चिकित्सा सुविधाएं और 20 एकड़ भूमि पर पी0पी0पी0 मोड पर सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल/कार्डियोलॉजी सेन्टर, 20 एकड़ भूमि पर आधुनिक दुग्ध प्रसंस्करण प्लाण्ट व 25 एकड़ भूमि पर प्रशासनिक प्रशिक्षण अकादमी की स्थापना किये जाने का निर्णय।

सामान्य आर्थिक परिदृश्य

ऽ    अवस्थापना सुविधाओं, यथा-सड़क, सेतु, सिंचाई एवं ऊर्जा के विकास, सुदृढ़ीकरण एवं रख-रखाव की योजनाओं के लिये उन्चास हजार एक सौ आठ करोड़ रुपये (49,108 करोड़ रुपये) की व्यवस्था की गई है, जो गत वर्ष से लगभग 82 प्रतिशत अधिक है।

ऽ    त्वरित आर्थिक विकास कार्यक्रमों के लिए 1,000 करोड़ रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित।

ऽ    कृषि एवं सम्बद्ध सेवाओं के लिये सात हजार छः सौ पच्चीस करोड़ रुपये (7,625 करोड़ रुपये) की व्यवस्था की गयी है, जो गत वर्ष से 15 प्रतिशत अधिक है।

ऽ    शिक्षा के विस्तार एवं गुणवत्ता में सुधार की योजनाओं के लिये इकतालिस हजार पाँच सौ अड़तीस करोड़ रुपये (41,538 करोड़ रूपये) की व्यवस्था की गयी है जो गत वर्ष से 15 प्रतिशत अधिक है।

ऽ    चिकित्सा, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण के क्षेत्र में गुणात्मक सुधार एवं विस्तार हेतु चौदह हजार तीन सौ सतहत्तर करोड़  रुपये (14,377 करोड़ रुपये) की व्यवस्था की गई है, जो गत वर्ष की तुलना में लगभग 34 प्रतिशत अधिक है।

ऽ    अनुसूचित जाति, जनजाति, पिछड़ा वर्ग, विकलांग अल्पसंख्यक तथा सामान्य वर्ग के गरीब व्यक्तियों के कल्याण की योजनाओं के लिये पच्चीस हजार पाँच सौ बाईस करोड़ रुपये (25,522 करोड़ रुपये) की व्यवस्था की गयी है, जो गत वर्ष की तुलना में लगभग 26 प्रतिशत अधिक है।

किसानों के लिए

ऽ    सहकारी चीनी मिल संघ की सदस्य मिलों पर गन्ना किसानों के बकाया गन्ना मूल्य के भुगतान हेतु 400 करोड़ रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित।

ऽ    प्रदेश में गन्ने की औसत उपज एवं चीनी परता में वृद्धि किये जाने के उद्देश्य से चार वर्षों में सम्पूर्ण बीज बदलाव का कार्यक्रम बनाया गया है, जिसमें लगभग 350 करोड़ रुपये की धनराशि व्यय होने का अनुमान।

ऽ    सहकारी गन्ना समितियों को सोसाइटी कमीशन की प्रतिपूर्ति हेतु 252 करोड़ रुपये की व्यवस्था।

ऽ    नेशनल क्रॉप इन्श्योरेन्स योजना हेतु 95 करोड़ रुपये की व्यवस्था।

ऽ    भूमि सेना योजना के लिये 100 करोड़ रुपये की व्यवस्था।

ऽ    रसायनिक उर्वरकों के अग्रिम भण्डारण के लिये 100 करोड़ रुपये की व्यवस्था।

ऽ    वर्ष 2014-15 में लगभग 90 लाख मीट्रिक टन उर्वरक वितरण का लक्ष्य रखा गया है, जिसमें खरीफ के अन्तर्गत 36 लाख मीट्रिक टन एवं रबी के अन्तर्गत 53 लाख मीट्रिक टन उर्वरक वितरण किये जाने का लक्ष्य।

 

ग्रामीण क्षेत्रों का विकास

ऽ    प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के कार्यों के लिये 2593 करोड़ रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित, योजना के द्वितीय चरण के अन्तर्गत प्रदेश के 3000 किलोमीटर मार्गों के उच्चीकरण का लक्ष्य।

ऽ    लखनऊ से आगरा तक 6 लेन के लगभग 300 कि0मी0 लम्बे एक्सप्रेस वे का निर्माण कराने की योजना पर कार्यवाही गतिमान। योजना हेतु 3280 करोड़ रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित। 

ऽ    लोहिया ग्रामीण आवास योजना के अन्तर्गत 1500 करोड़ रुपये की व्यवस्था।

ऽ    डॉ0 राम मनोहर लोहिया योजना के अन्तर्गत चयनित ग्रामों की अनजुड़ी बसावटों में संपर्क मार्गों के निर्माण एवं पुनर्निर्माण हेतु 800 करोड़ रुपये की व्यवस्था।

ऽ    इन्दिरा आवास योजना हेतु 1,800 करोड़ रुपये की व्यवस्था।

ऽ    सी0सी0 रोड एवं के0सी0 ड्रेन तथा इण्टर लॉकिंग टाइल्स हेतु 487 करोड़ रुपये की व्यवस्था।

ऽ    श्री रामशरण दास ग्राम सड़क योजना में संपर्क मार्गों के निर्माण हेतु 50 करोड़ रुपये की व्यवस्था।

ऽ    ग्रामीण पेयजल हेतु 1598 करोड़ रुपये की व्यवस्था।

विशेष क्षेत्र कार्यक्रम

ऽ    विशेष क्षेत्र कार्यक्रम के अन्तर्गत पूर्वांचल की विशेष परियोजनाओं हेतु 291 करोड़ रुपये तथा बुन्देलखण्ड की विशेष योजनाओं के लिये 758 करोड़ रुपये की व्यवस्था।

शहरी क्षेत्रों का विकास

ऽ    राज्य वित्त आयोग की संस्तुति के अन्तर्गत प्रदेश की समस्त नगरीय निकायों के लिये 6,648 करोड़ रुपये की व्यवस्था।

ऽ    तेरहवें वित्त आयोग की संस्तुतियों के अन्तर्गत प्रदेश की समस्त नागर स्थानीय निकायों के विकास के लिए 909 करोड़ रुपये की व्यवस्था।

ऽ    नया सवेरा नगर विकास योजना हेतु 900 करोड़ रुपये की व्यवस्था।

ऽ    आदर्श नगर योजना के अन्तर्गत 150 करोड़ रुपये, नगरीय सीवरेज योजना हेतु 75 करोड़ रुपये, नगरीय पेयजल कार्यक्रम के लिए 150 करोड़ रुपये, नगरीय सड़क सुधार योजना के लिए 100 करोड़ रुपये तथा नगरीय जल निकासी योजना के लिए 75 करोड़ रुपये की व्यवस्था।

ऽ    लखनऊ नगर के लिए मेट्रो रेल परियोजना को गति प्रदान करने हेतु 95 करोड़ रुपये की व्यवस्था।

कमजोर वर्गों के लिए

ऽ    वृद्धावस्था/किसान पेंशन योजना हेतु 1,613 करोड़ रुपये की व्यवस्था।

ऽ    राष्ट्रीय पारिवारिक लाभ योजना हेतु 419 करोड़ रुपये की व्यवस्था।

ऽ    निराश्रित विधवाओं के भरण पोषण तथा उनके बच्चों को शिक्षा आदि की व्यवस्था हेतु 607 करोड़ रुपये की व्यवस्था।

ऽ    नेत्रहीन, मूक बधिर एवं शारीरिक रूप से विकलांगों को उनके भरण पोषण हेतु 316 करोड़ रुपये की व्यवस्था।

ऽ    विकलांग बच्चों की समेकित शिक्षा योजना के लिये 105 करोड़ रुपये की व्यवस्था।

शहरी गरीबों के लिये

ऽ    आसरा योजना के लिये 335 करोड़ रूपये की व्यवस्था, जिससे लगभग 8,500 आवासों के निर्माण का लक्ष्य।

ऽ    नगरीय क्षेत्रों में अल्पसंख्यक बाहुल्य बस्तियों एवं अन्य मलिन बस्तियों में, जहाँ सड़कों और मूलभूत सुविधाओं का अभाव है, में इण्टरलाकिंग सड़क, नाली निर्माण, जल निकासी इत्यादि मूलभूत अवस्थापना सुविधाओं हेतु 375 करोड़ रुपये की व्यवस्था।

ऽ    प्रदेश के रिक्शा चालकों को निःशुल्क मोटर/बैटरी/सौर ऊर्जा चालित अत्याधुनिक रिक्शा दिये जाने की योजना हेतु 300 करोड़ रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित, जिससे लगभग 60 हजार रिक्शा चालक लाभान्वित होगें।

ऽ    शहरों को स्लम मुक्त करने की राजीव आवास योजना हेतु 200 करोड़ रुपये की व्यवस्था।

अधिवक्ता कल्याण

ऽ    अधिवक्ताओं के कल्याणार्थ वित्तीय वर्ष 2014-2015 में 40 करोड़ रुपये की धनराशि का प्रस्ताव।

कानून व्यवस्था

ऽ    पुलिस बल के आधुनिकीकरण, जिसमें आवासीय एवं अनावासीय भवनों का निर्माण तथा उपकरणों एवं वाहनों का क्रय सम्मिलित है, के लिये 745 करोड़ रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित।

कृषि

ऽ    बारहवीं पंचवर्षीय योजना में कृषि क्षेत्र की विकास दर 5.1 प्रतिशत प्राप्त करने का लक्ष्य है। इस लक्ष्य की प्राप्ति हेतु वर्ष 2014-15 में खाद्यान्न उत्पादन का लक्ष्य 594 लाख मीट्रिक टन एवं तिलहन उत्पादन का लक्ष्य 12 लाख मीट्रिक टन रखा गया है ।

ऽ    किसानों के लिए 61 लाख कुन्तल बीज वितरण का लक्ष्य है, जिसमें खरीफ के अन्तर्गत 10 लाख कुन्तल एवं रबी के अन्तर्गत 51 लाख कुन्तल है।

ऽ    नेशनल फूड सिक्योरिटी मिशन योजना के लिये लगभग 178 करोड़ रुपये की व्यवस्था ।

ऽ    उत्तर प्रदेश सोडिक भूमि सुधार परियोजना तृतीय हेतु 200 करोड़ रुपये की बजट व्यवस्था।

ऽ    कृषि विपणन यार्ड के निर्माण एवं विकास के लिये 88 करोड़ रुपये तथा सहकारी समितियों के माध्यम से अतिरिक्त भण्डारण क्षमता के विकास हेतु 70 करोड़ रुपये की बजट व्यवस्था का प्रस्ताव।

ऽ    प्रमाणित बीजों के उपयोग को बढ़ावा देने हेतु अनुदान के लिये 81 करोड़ रुपये, संकर बीजों के लिये 35 करोड़ रुपये तथा संकर मक्का बीज प्रोत्साहन योजना के लिये 25 करोड़ रुपये की सब्सिडी की व्यवस्था प्रस्तावित।

ऽ    कृषि शिक्षा एवं अनुसंधान को बढ़ावा दिये जाने के उद्देश्य से प्रदेश के कृषि विश्वविद्यालयों एवं महाविद्यालयों के सुदृढ़ीकरण एवं संवर्धन हेतु 227 करोड़ रुपये की बजट व्यवस्था प्रस्तावित।

गन्ना विकास एवं चीनी उद्योग

ऽ    चीनी मिल क्षेत्रों में विपणन सुविधाओं के विकास हेतु अन्तर-ग्रामीण सड़कों का निर्माण के लिये लगभग 37 करोड़ रुपये की बजट व्यवस्था प्रस्तावित है तथा पूर्व निर्मित सम्पर्क मार्गों के सुदृढ़ीकरण के लिये 17 करोड़ रुपये की बजट व्यवस्था प्रस्तावित।

ग्राम्य विकास

ऽ    महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारण्टी योजना के अन्तर्गत वर्ष 2014-15 में लगभग 41 लाख परिवारों को 2018 लाख मानव दिवस का रोजगार उपलब्ध कराये जाने का लक्ष्य।

ऽ    प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना  के अन्तर्गत वर्ष 2014-2015 में 500 या उससे अधिक आबादी की सभी जुड़ सकने योग्य बसावटों और सोनभद्र, चन्दौली, मिर्जापुर में 250 से अधिक आबादी की सभी बसावटों को पक्की सड़कों से जोड़े जाने का लक्ष्य।

पंचायती राज

ऽ    तेरहवें वित्त आयोग की संस्तुतियों के अनुसार जिला पंचायतों को अनुदान के लिये 666 करोड़ रुपये की बजट व्यवस्था। इसके अलावा ब्लॉक पंचायतों के लिये 333 करोड़ रुपये तथा ग्राम पंचायतों को अनुदान हेतु 2,332 करोड़ रुपये की बजट व्यवस्था प्रस्तावित है।

ऽ    राज्य वित्त आयोग की संस्तुति के अन्तर्गत प्रदेश की पंचायती राज संस्थाओं के लिये 4,390 करोड़ रुपये की बजट व्यवस्था।

ऽ    पिछड़ा क्षेत्र अनुदान निधि से पोषित कार्यक्रमों के लिये 853 करोड़ रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित।

ऽ    ग्रामीण क्षेत्रों में अन्त्येष्टि स्थलों के विकास हेतु 100 करोड़ रुपये की नई योजना प्रस्तावित।

सहकारिता

ऽ    गैर लाइसेंस प्राप्त जिला सहकारी बैंकों को भारतीय रिजर्व बैंक से बैंकिंग लाइसेंस प्राप्त करने हेतु 610 करोड़ रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित।

ऽ    प्रारम्भिक सहकारी कृषि ऋण समितियों के माध्यम से कृषकों को कम ब्याज दर पर फसली ऋण उपलब्ध कराये जाने हेतु समितियों को अनुदान के लिये 50 करोड़ रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित।

ऽ    कृषि ऋण राहत योजना के अंतर्गत 129 करोड़ रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित।

दुग्ध विकास

ऽ    वर्ष 2014-15 में दुग्ध उत्पादन का लक्ष्य 300 लाख मी0 टन निर्धारित।

ऽ    लखनऊ में 05 लाख लीटर, कानपुर में 10 लाख लीटर, वाराणसी में 05 लाख लीटर तथा इटावा में 05 लाख लीटर दैनिक दुग्ध प्रसंस्करण क्षमता के डेरी प्लाण्टों की स्थापना का लक्ष्य।

ऽ    ग्रामीण क्षेत्रों में दुग्ध विकास कार्यक्रमों हेतु अवस्थापना सुविधा योजनान्तर्गत बल्क मिल्क कूलर एवं आटोमैटिक मिल्क कलेक्शन यूनिटों की स्थापना।

मत्स्य

ऽ    सक्रिय मत्स्य पालकों के आवास विहीन 1,600 परिवारों के लिये निःशुल्क आवास उपलब्ध कराये जाने की योजना के अन्तर्गत प्रति आवास हेतु राज्य सरकार द्वारा दी जाने वाली वित्तीय सहायता की राशि को 75,000 रुपये प्रति आवास से बढ़ाकर लोहिया आवास की भाँति 1 लाख 60 हजार रुपये की व्यवस्था।

सिंचाई

ऽ    सिंचाई और बाढ़ की योजनाओं के लिये 7,587 करोड़ रुपये की बजट में व्यवस्था।

ऽ    लघु, मध्यम तथा मुख्य सिंचाई की कई नई योजनायें प्रस्तावित हैं, जिनके लिये 1323 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गयी है, जिसमें बाढ़ नियंत्रण एवं जल निकासी की नयी योजनाओं के लिये 389 करोड़ रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित।

ऽ    डॉ0 राममनोहर लोहिया नवीन राजकीय नलकूप निर्माण परियोजना, डॉ0 राममनोहर लोहिया राजकीय नलकूप आधुनिकीकरण परियोजना तथा डॉ राम मनोहर लोहिया नलकूप पुनर्निर्माण योजना हेतु 356 करोड़ रुपये की बजट व्यवस्था प्रस्तावित।

ऽ    वाराणसी के तीन घाटों मालवीय घाट, राज नारायण घाट एवं लोहिया घाट के निर्माण हेतु 30 करोड़ रुपये की बजट व्यवस्था।

लघु सिंचाई

ऽ    लघु सिंचाई की विभिन्न योजनाओं के लिए 338 करोड़ रुपये की व्यवस्था, जिससे लगभग 1.98 लाख हेक्टेयर अतिरिक्त सिंचन क्षमता का सृजन किये जाने का लक्ष्य।

ऽ    सामुदायिक ब्लास्ट वेल के निर्माण हेतु 89 करोड़ रुपये, चेक डैमों के निर्माण के लिये 80 करोड़ रुपये तथा मध्यम गहरे नलकूपों के निर्माण हेतु 69 करोड़ रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित।

ऊर्जा

ऽ    वर्ष 2016-2017 से ग्रामीण क्षेत्रों को 18 घण्टे तथा शहरी क्षेत्रों में 24 घण्टे बिजली उपलब्ध कराये जाने का निर्णय लिया गया है। इसके लिये आवश्यक पारेषण एवं वितरण लाइनों का निर्माण किया जायेगा। इन कार्यों पर लगभग 22,000 करोड़ रुपये का व्यय अनुमानित।

ऽ    प्रदेश में गैर विद्युतीकृत लगभग 1,34,000 मजरों के विद्युतीकरण का कार्य प्रारम्भ कर दिया गया है तथा इसके लिये 7,282 करोड़ रुपये की योजनायें स्वीकृत। यह कार्य अगले 2 वर्ष में पूर्ण कर लिया जायेगा ।

ऽ    सार्वजनिक क्षेत्र में स्थापित की जा रही अनपरा “डी” तापीय परियोजना, जिसकी क्षमता 1,000 मेगावाट है वर्ष 2014 में पूर्ण हो जायेगी तथा इससे विद्युत प्राप्त होने लगेगी ।

ऽ    बारा, इलाहाबाद में स्थापित की जा रही 1,980 मेगावाट क्षमता की तापीय परियोजना भी लगभग पूर्ण है। इस परियेाजना की प्रथम इकाई से नवम्बर, 2014 तक तथा शेष 2 इकाइयों से जून, 2015 तक विद्युत उत्पादन प्रारम्भ हो जायेगा।

ऽ    ललितपुर में स्थापित की जा रही 1,980 मेगावाट क्षमता की परियोजना का कार्य भी दिसम्बर, 2014 तक पूर्ण हो जायेगा। परियेाजना की प्रथम इकाई से दिसम्बर, 2014 तक तथा दूसरी इकाई से जून, 2015 तक विद्युत उत्पादन प्रारम्भ हो जायेगा।

ऽ    एन0टी0पी0सी0 के साथ संयुक्त उपक्रम के अन्तर्गत स्थापित की जा रही 1,320 मेगावाट क्षमता की मेजा तापीय परियोजना से वर्ष 2016 में 916 मेगावाट बिजली प्रदेश को मिलने लगेगी।

ऽ    ग्रामीण क्षेत्रों में निजी नलकूपों के ऊर्जीकरण के लिये किसानों को एक वर्ष से अधिक इन्तजार करना पड़ता है। योजना बनाई जा रही है कि पूर्व से लम्बित सभी नलकूपों का ऊर्जीकरण तत्काल कर दिया जाय एवं भविष्य में भी किसानों द्वारा आवेदन करने पर नलकूपों का ऊर्जीकरण बिना किसी विलम्ब के हो सके।

अतिरिक्त ऊर्जा

ऽ    चीनी उद्योग आसवनी एवं को-जेनरेशन प्रोत्साहन नीति, 2013 प्रख्यापित की गयी है, जिसमें बगास से संचालित को-जेनरेशन इकाइयों की स्थापना पर विशेष बल दिया जा रहा है, जिससे को-जेनरेशन संयंत्रों की वर्तमान स्थापित क्षमता को बढ़ाकर 1,500 मेगावॉट किये जाने की योजना प्रस्तावित।

ऽ    प्रदेश में विद्युत उत्पादन एवं आपूर्ति के अन्तर के दृष्टिगत प्रदेश सरकार द्वारा सौर ऊर्जा नीति-2013 प्रख्यापित की गयी है। इस नीति के अनुसार मार्च 2017 तक 500 मेगावाट क्षमता की सौर ऊर्जा विद्युत उत्पादन परियोजनाओं की स्थापना का लक्ष्य।   

ऽ    व्यक्तिगत, संस्थागत तथा सरकारी भवनों में रूफटॉप सोलर पॉवर प्लाण्ट की स्थापना हेतु रूफटॉप सोलर पॉवर प्लाण्ट नीति 2014-15 बनाये जाने का प्रस्ताव।

सड़क एवं यातायात

ऽ    प्रदेश में सड़कों, पुलों और सम्पर्क मार्गों के निर्माण एवं सुदृढ़ीकरण हेतु 15,100 करोड़ रुपये की बजट व्यवस्था।

ऽ    सड़कों के अनुरक्षण कार्यों के लिये 2,492 करोड़ रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित।

ऽ    जिला मुख्यालयों को 04 लेन के मार्ग से जोड़ा जाना प्रदेश सरकार की प्राथमिकता का कार्यक्रम है। इसके लिए वर्ष 2014-15 में जिला मुख्यालयों को 04 लेन से जोड़े जाने हेतु 655 करोड़ रुपये की व्यवस्था।

ऽ    वर्ष 2014-15 में 100 किलोमीटर राज्य मार्गों को एक लेन से दो लेन में परिवर्तित किया जायेगा। राज्य राजमार्गों के चौड़ीकरण एवं सुदृढ़ीकरण हेतु 667 करोड़ रुपये की व्यवस्था।

ऽ    वित्तीय वर्ष 2014-15 में प्रदेश में 500 से अधिक आबादी की समस्त अवशेष अनजुड़ी बसावटें, जो प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के कोर नेटवर्क में सम्मिलित नहीं हैं, को पक्के सम्पर्क मार्गों से जोड़े जाने की योजना।

ऽ    ग्रामीण अंचलों में पुलों के निर्माण हेतु 1,084 करोड़ रुपये तथा रेलवे उपरिगामी सेतुओं के निर्माण हेतु 465 करोड़ रुपये की व्यवस्था।

ऽ    भारत-नेपाल सीमावर्ती जिलों में सड़कों के निर्माण एवं सुदृढ़ीकरण हेतु 765 करोड़ रुपये की व्यवस्था।

आवास एवं शहरी नियोजन

ऽ    प्रदेश की तीव्र गति से बढ़ रही नगरीय जनसंख्या को ध्यान में रखते हुये सबके लिए आवास योजना के अन्तर्गत 52,000 आवासीय भवन एवं भूखण्ड उपलब्ध कराने का लक्ष्य।

ऽ    लखनऊ विकास क्षेत्र एवं प्रदेश के समस्त विकास क्षेत्रों एवं नगर क्षेत्रों में अवस्थापना विकास हेतु 500 करोड़ रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित।

ऽ    लखनऊ में जय प्रकाश नारायण अन्तर्राष्ट्रीय केन्द्र की स्थापना हेतु 100 करोड़ रुपये प्रस्तावित।

ऽ    नगरीय परिवहन परियोजना के अन्तर्गत गठित होने वाले डेडिकेटेड अरबन ट्रांसपोर्ट फण्ड की स्थापना हेतु 225 करोड़ रुपये की व्यवस्था।

ऽ    शहरी क्षेत्रों में अन्त्येष्टि स्थलों के विकास हेतु 100 करोड़ रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित।

ऽ    आगरा पेयजलापूर्ति परियोजना हेतु वित्तीय वर्ष 2014-15 में 300 करोड़ रुपये की व्यवस्था।

ऽ    जे0एन0एन0यू0आर0एम0 कार्यक्रम के अर्बन इन्फ्रास्ट्रक्चर गवर्नेन्स (न्ण्प्ण्ळण्) एवं अर्बन इन्फ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेन्ट स्कीम फार स्माल एण्ड मीडियम टाउन्स कार्यांशों हेतु क्रमशः 800 करोड़ रुपये तथा 1,000 करोड़ रुपये की व्यवस्था।

ऽ    नदी प्रदूषण नियंत्रण कार्यक्रम में अन्तर्गत प्रदेश की नदियों गंगा, यमुना तथा गोमती के तट पर स्थित नगरों में नदी प्रदूषण नियंत्रण के कार्यों हेतु 83 करोड़ रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित।

ऽ    झील संरक्षण योजनाहेतु 66 करोड़ रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित है।

अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास

ऽ    लघु उद्योग एवं निर्यात प्रोत्साहन की नयी योजनाओं के लिये लगभग 73 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गयी है ।

हथकरघा वस्त्रोद्योग

ऽ    वाराणसी और आगरा में बुनकर बाजारों की स्थापना के लिये 15 करोड़ रुपये की नयी योजना प्रस्तावित है।

 

खादी एवं ग्रामोद्योग

ऽ    प्रत्येक न्याय पंचायत में एक खादी ग्रामोद्योग इकाई की स्थापना करने के उददेश्य से वर्ष 2014-15 में 375 करोड़ रुपये संस्थागत पूंजीनिवेश से 7,500 इकाइयों की स्थापना का लक्ष्य।

ऽ    इसके अतिरिक्त, अनुसूचित जाति के लाभार्थियों के लिए 425 इकाइयों की स्थापना का लक्ष्य है, जिससे 10,200 लाभार्थियों को स्वरोजगार के अवसर सुलभ होंगे।

सूचना प्रौद्योगिकी एवं इलेक्ट्रॉनिक्स

ऽ    लखनऊ में आई0टी0 सिटी की स्थापना के प्रस्ताव के अतिरिक्त  इसी के अनुरूप आगरा में भी आई0टी0 सिटी की स्थापना का प्रस्ताव।

समाज कल्याण

ऽ    छात्रवृत्ति वितरण में पारदर्शिता एवं समयशीलता लाने हेतु छात्रवृत्ति योजना का पूर्ण कम्प्यूटरीकरण किया गया है। वित्तीय वर्ष 2014-15 में अनुसूचित जाति के छात्र-छात्राओं को छात्रवृत्ति के लिये 2,073 करोड़ रुपये तथा सामान्य वर्ग के छात्र-छात्राओं को छात्रवृत्ति के लिये 722 करोड़ रुपये की बजट व्यवस्था।

ऽ    आश्रम पद्धति विद्यालयों के लिये 135 करोड़ रुपये की बजट व्यवस्था प्रस्तावित।

ऽ    सरकार प्रदेश के पूर्व सैनिकों, शहीद सैनिकों की पत्नियों एवं उनके आश्रितों के कल्याण एवं पुनर्वास की योजनाओं के लिये 30 करोड़ रुपये की व्यवस्था।

पिछड़ा वर्ग कल्याण

ऽ    पिछड़े वर्ग के छात्र-छात्राओं की छात्रवृत्ति योजनाओं के लिये 1,096 करोड़ रुपये की बजट व्यवस्था।

ऽ    पिछड़े वर्ग के छात्र-छात्राओं के लिये छात्रावास निर्माण हेतु 24 करोड़ रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित।

 अल्पसंख्यक कल्याण

ऽ    अल्पसंख्यक समुदाय के छात्र/छात्राओं की छात्रवृत्ति योजनाओं के लिये 919 करोड़ रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित।

ऽ    अरबी-फारसी मदरसा आधुनिकीकरण योजना के लिये 240 करोड़ रुपये की बजट व्यवस्था।

ऽ    अरबी पाठशालाओं के लिये 316 करोड़ रुपये के अनुदान की व्यवस्था प्रस्तावित।

ऽ    अल्पसंख्यक समुदाय के कब्रिस्तान/अन्त्येष्टि स्थल की चहारदीवारी के निर्माण के लिये 200 करोड़ रुपये की व्यवस्था।

विकलांग कल्याण

ऽ    प्रदेश के विभिन्न जनोपयोगी सार्वजनिक कार्यालय/भवनों में विकलांग जन के सुगम आवागमन/आसान पहुँच हेतु सुविधा प्रदान करने की दृष्टि से सिपडा योजना हेतु रुपये 25 करोड़ की धनराशि प्रस्तावित।

ऽ    तीन समेकित विशेष माध्यमिक विद्यालयों के भवन निर्माण हेतु प्रति विद्यालय 5 करोड़ रुपये की दर से 15 करोड़ रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित  है।

महिला एवं बाल कल्याण

ऽ    राजीव गांधी किशोरी बालिका सशक्तिकरण योजना सबला के लिये 320 करोड़ रुपये की बजट व्यवस्था।

ऽ    अनुपूरक पोषाहार योजना के लिये 3,344 करोड़ रुपये की बजट व्यवस्था प्रस्तावित। 

ऽ    समन्वित बाल विकास योजना के अन्तर्गत मेडिसिन किट्स, वेतन, मानदेय आदि पर व्यय हेतु  1,618 करोड़ रुपये की बजट व्यवस्था।

बेसिक शिक्षा

ऽ    प्राथमिक शिक्षा हेतु वर्ष 2014-15 के लिए 29,380 करोड़ रुपये प्रस्तावित।

ऽ    सर्वशिक्षा अभियान हेतु 7,715 करोड़ रुपये  तथा प्राथमिक विद्यालयों में मध्याह्न भोजन कार्यक्रम के लिए 1,685 करोड़ रुपये प्रस्तावित।

ऽ    सर्वशिक्षा अभियान के अन्तर्गत असेवित बस्तियों में जो किन्हीं कारणों से छूट गयी हैं, उनमें नवीन प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक विद्यालय की स्थापना का लक्ष्य।

ऽ    वित्तीय वर्ष 2014-15 में कक्षा 1-8 तक के समस्त छात्र-छात्राओं को निःशुल्क पाठ्य पुस्तकें एवं यूनीफार्म के दो सेट दिया जाना प्रस्तावित।

माध्यमिक शिक्षा

ऽ    माध्यमिक शिक्षा की योजनाओं के लिये 7,880 करोड़ रुपये प्रस्तावित।

ऽ    राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा अभियान के लिये 200 करोड़ रुपये की बजट व्यवस्था प्रस्तावित।

ऽ    कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों के छात्रावास निर्माण हेतु 200 करोड़ रुपये की बजट व्यवस्था।

ऽ    प्रदेश में तीन नये सैनिक स्कूलों की स्थापना के लिये 6 करोड़ रुपये प्रस्तावित।

उच्च शिक्षा

ऽ    उच्च शिक्षा हेतु 2,269 करोड़ रुपये की बजट व्यवस्था।

ऽ    प्रदेश में उच्च शिक्षा को बढ़ावा देने के उद्देश्य से अराजकीय महाविद्यालयों को अनुदान दिये जाने हेतु 1,534 करोड़ रुपये की व्यवस्था।

ऽ    राष्ट्रीय उच्चतर शिक्षा अभियान के अंतर्गत मॉडल डिग्री कॉलेजों की स्थापना के लिये 142 करोड़ रुपये प्रस्तावित।

ऽ    सिद्धार्थ विश्वविद्यालय, सिद्धार्थनगर हेतु 20 करोड़ रूपये तथा इलाहाबाद में राज्य विश्वविद्यालय की स्थापना हेतु 10 करोड़ रूपये प्रस्तावित।

ऽ    ई-बुक्स का क्रय/ई-लाइब्रेरी की स्थापना हेतु 2.50 करोड़ रुपये की व्यवस्था।

प्राविधिक शिक्षा

ऽ    प्रदेश में 110 सरकारी पॉलीटेक्निक और 306 निजी पॉटीटेक्निक संचालित हैं । सत्र 2014-15 से 08 और नवीन राजकीय पॉलीटेक्निक संस्थाओं में प्रशिक्षण प्रदान किया जाना प्रस्तावित।

ऽ    जनपद सोनभद्र, कन्नौज एवं मैनपुरी में एक-एक इंजीनियरिंग कालेज स्थापित किया जा रहा है तथा बरेली मण्डल के जनपद बदायूं में भी एक राजकीय इंजीनियिरिंग कालेज की स्थापना का निर्णय।

व्यावसायिक शिक्षा

ऽ    प्रदेश की असेवित तहसीलों/विकास खण्डों में 20 नये राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों की स्थापना किये जाने का लक्ष्य।

चिकित्सा शिक्षा  

ऽ    चिकित्सा शिक्षा हेतु 2,513 करोड़ रुपये की बजट व्यवस्था।

ऽ    लखनऊ जनपद में उच्चस्तरीय सुपर स्पेशियलिटी कैंसर संस्थान के लिये 68 करोड़ रुपये प्रस्तावित।

ऽ    डॉ0 राम मनोहर लोहिया इंस्टीट्यूट ऑफ साइंसेज के संचालन हेतु 184 करोड़ रुपये की  व्यवस्था।

ऽ    किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय लखनऊ को विकसित किये जाने हेतु 400 करोड़ रुपये  प्रस्तावित।

ऽ    संजय गांधी स्नातकोत्तर आयुर्विज्ञान संस्थान, लखनऊ की इमरजेंसी मेडिसिन विभाग तथा आप्थेलमिक सेण्टर के संचालन एवं निर्माण कार्यों हेतु 368 करोड़ रुपये प्रस्तावित।

ऽ    मेडिकल कॉलेज, गोरखपुर में मस्तिष्क ज्वर की महामारी के रोकथाम हेतु 500 शैय्या वाले बाल रोग चिकित्सा संस्थान की स्थापना हेतु 68 करोड़ रुपये  प्रस्तावित।

ऽ    मेडिकल कॉलेज, झाँसी के सुदृढ़ीकरण, अधूरे निर्माण कार्यों को पूरा करने, आवश्यक उपकरणों एवं उच्चस्तरीय चिकित्सालय की स्थापना हेतु 60 करोड़ रुपये प्रस्तावित।

ऽ    मेडिकल कॉलेज, आजमगढ़ के संचालन हेतु 42 करोड़ रुपये एवं मेडिकल कॉलेज, बाँदा में इसी वर्ष बाह्य रोग तथा अन्तः रोगी विभागों को संचालित किए जाने हेतु 71 करोड़ रुपये की व्यवस्था।

ऽ    जनपद गौतमबुद्धनगर में सुपर स्पेशियलिटी बाल चिकित्सालय एवं पोस्ट ग्रेजुएट शैक्षणिक संस्थान, नोएडा तथा चिकित्सा विश्वविद्यालय, ग्रेटर नोएडा की स्थापना प्रस्तावित।

ऽ    जनपद चन्दौली में एक और मेडिकल कॉलेज स्थापित किया जाना प्रस्तावित।

चिकित्सा, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण

ऽ         चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण की योजनाओं के लिये 12,192 करोड़ रुपये प्रस्तावित।

ऽ    राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन के कार्यान्वयन हेतु 3,867 करोड़ रुपये की बजट व्यवस्था।

ऽ    प्रदेश में 1080एम0टी0एस0 समाजवादी स्वास्थ्य सेवा के संचालन हेतु 77 करोड़ रुपये प्रस्तावित।

ऽ    राष्ट्रीय एड्स एवं एस0टी0डी0 नियंत्रण कार्यक्रम हेतु लगभग 89 करोड़ रुपये की व्यवस्था।

ऽ    जिला संयुक्त चिकित्सालयों में विशिष्ट चिकित्सा सुविधायें उपलब्ध कराये जाने हेतु मशीनों,  उपकरण और संयंत्रों के क्रय के लिये 144 करोड़ रुपये की बजट व्यवस्था।

ऽ    प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों के भवन निर्माण एवं सुदृढ़ीकरण हेतु 50 करोड़ रुपये की बजट व्यवस्था।

ऽ    सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों के निर्माण कार्यों तथा उपकरणों के क्रय हेतु 159 करोड़ रुपये की व्यवस्था।

ऽ    आयुर्वेदिक एवं यूनानी कॉलेजों तथा चिकित्सालयों के निर्माण कार्यों एवं उपकरणों के क्रय हेतु 25 करोड़ रुपये प्रस्तावित।

कारागार प्रशासन एवं सुधार

ऽ         वित्तीय वर्ष 2014-15 में जिला कारागार, रामपुर के लिये 20 करोड़, जिला कारागार इटावा के निर्माण हेतु 20 करोड़ तथा जिला कारागार, मुरादाबाद के लिये 20 करोड़ रुपये प्रस्तावित।

ऽ    जिला कारागारों के उच्चीकरण,, नवीनीकरण और चालू कार्यों के लिए 140 करोड़ रुपये की व्यवस्था।

वन

ऽ    मैनपुरी में समान पक्षी विहार परियोजना हेतु भूमि की व्यवस्था के लिये 25 करोड़ रुपये प्रस्तावित।

ऽ    मैनपुरी, इटावा, लखनऊ, उन्नाव, कन्नौज व बदायूँ को पूर्ण रूप से हरा-भरा किये जाने हेतु टोटल फॉरेस्ट कवर योजना के लिये 20 करोड़ रुपये प्रस्तावित।

पर्यावरण

ऽ    नदियों एवं झीलों में हो रहे प्रदूषण की रोकथाम के उद्देश्य से प्रदूषणकारी स्रोतों की पहचान हेतु रिमोट सेन्सिंग आधारित अध्ययन प्रस्तावित।

खेल एवं युवा कल्याण

ऽ         प्रदेश में खेल अवस्थापना सुविधाओं के विकास हेतु 128 करोड़ रुपये प्रस्तावित।

ऽ    स्पोर्ट्स कालेजों को अनुदान, स्टेडियम के अनुरक्षण, प्रशिक्षण एवं खिलाड़ियों को पुरस्कार योजनाओं हेतु 38 करोड़ रुपये की बजट व्यवस्था।

ऽ    प्रदेश में एक खेल एवं शारीरिक शिक्षा विश्वविद्यालय की स्थापना हेतु 20 करोड़ रुपये की व्यवस्था।

ऽ    पंचायत युवा क्रीड़ा और खेल अभियान योजना हेतु 115 करोड़ रुपये प्रस्तावित।

संस्कृति

ऽ    प्रदेश में कला एवं संस्कृति के प्रदर्शन हेतु खुले मंच, चित्रकूट में प्रेक्षागृह, आजमगढ़ में हरिऔध कला केन्द्र, इलाहाबाद में जनेश्वर मिश्र पुस्तकालय की स्थापना, मथुरा-वृन्दावन के मध्य ऑडिटोरियम का निर्माण, भारत रत्न बिस्मिल्ला खाँ की स्मृति में संग्रहालय एवं मकबरा स्थल के विकास की योजनायें प्रस्तावित।

पर्यटन

ऽ    प्रदेश में पर्यटन को बढ़ावा देने हेतु कई नयी योजनाओं के लिऐ 64 करोड़ रुपये की व्यवस्था।

ऽ    पर्यटन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से प्रदेश के अन्दर निजी वायुसेवा में तीन सीटों को अन्डरराइट करने हेतु 5 करोड़ रुपये की व्यवस्था।

न्याय

ऽ    उच्च न्यायालय, लखनऊ बेंच, लखनऊ के गोमतीनगर में निर्माणाधीन नवीन भवन के लिये 370 करोड़ रुपये प्रस्तावित।

ऽ    अनावासीय भवनों के निर्माण हेतु 200 करोड़ रुपये प्रस्तावित।

ऽ    न्यायिक अधिकारियों के आवासीय भवनों के निर्माण हेतु 100 करोड़ रुपये की बजट व्यवस्था।

ऽ    प्रदेश के नवसृजित जनपदों में न्यायालय भवनों के निर्माण के लिए भूमि अधिग्रहण हेतु 30 करोड़ रूपये प्रस्तावित।

ऽ    लम्बित वादों के निस्तारण हेतु 31-03-2015 तक के लिए इवनिंग कोर्टस चलाये जाने हेतु 68 करोड़ रुपये की व्यवस्था।

राजकोषीय सेवाएं

वाणिज्य कर

ऽ    वाणिज्य कर प्रदेश के कर राजस्व का सबसे बड़ा स्रोत है। वाणिज्य कर विभाग का वर्ष 2014-15 का राजस्व संग्रह लक्ष्य 47,500 करोड़ रूपये निर्धारित किया गया है, जो 2013-14 की तुलना में 13 प्रतिशत अधिक है।

आबकारी शुल्क

ऽ    वित्तीय वर्ष 2014-15 हेतु 14500 करोड़ रुपये की प्राप्तियों का लक्ष्य प्रस्तावित है, जो वित्तीय वर्ष 2013-14 की तुलना में 25 प्रतिशत अधिक है।

 

स्टाम्प एवं पंजीकरण

ऽ    वित्तीय वर्ष 2014-15 हेतु प्राप्तियों का लक्ष्य 12,723 करोड़ रुपये निर्धारित किया गया है, जो वित्तीय वर्ष 2013-14 की तुलना में 26 प्रतिशत अधिक है।

वाहन कर

ऽ    वित्तीय वर्ष 2014-15 हेतु प्राप्तियों का लक्ष्य 3950 करोड़ रुपये निर्धारित किया गया है, जो वित्तीय वर्ष 2013-14 की तुलना में 11 प्रतिशत अधिक है।

    वित्तीय वर्ष 2014-15 के बजट अनुमान

प्राप्तियाँ

ऽ    वर्ष 2014-15 में दो लाख सत्तर हजार पाँच सौ तिहत्तर करोड़ रुपये (2,70,573 करोड़ रुपये) की कुल प्राप्तियाँ अनुमानित हैं।

ऽ    कुल प्राप्तियों में दो लाख छब्बीस हजार चार सौ उन्नीस करोड़ रुपये (2,26,419 करोड़ रुपये) की राजस्व प्राप्तियाँ तथा चौवालिस हजार एक सौ चौवन करोड़ रुपये (44,154 करोड़ रुपये) की पूंजीगत प्राप्तियाँ सम्मिलित हैं।

ऽ    वर्ष 2014-15 में राजस्व प्राप्तियों में कर राजस्व का अंश एक लाख सत्तावन हजार पाँच सौ दो करोड़ रुपये (1,57,502 करोड़ रुपये) है। इसमें केन्द्रीय करों में राज्य का अंश छिहत्तर हजार पाँच सौ दो करोड़ रुपये (76,,502 करोड़ रुपये) सम्मिलित है।

व्यय

ऽ    वर्ष 2014-15 में कुल व्यय दो लाख चौहत्तर हजार सात सौ पाँच करोड़ रुपये (2,74,705 करोड़ रुपये) अनुमानित है।

ऽ    कुल व्यय में एक लाख सत्तानवे हजार चार सौ पच्चीस करोड़ रुपये (1,97,425 करोड़ रुपये) राजस्व लेखे का व्यय है तथा सतहत्तर हजार दो सौ अस्सी करोड़ रुपये (77,280 करोड़ रुपये) पूंजी लेखे का व्यय है, जिसमें पूंजीगत परिव्यय पचपन हजार नौ सौ छियासी करोड़ रुपये (55,986 करोड़ रुपये) है।

ऽ    वर्ष 2014-15 के बजट में पंचानवे हजार उन्तालिस करोड़  रुपये (95,039 करोड़ रुपये) आयोजनागत व्यय अनुमानित है।

राजस्व बचत

ऽ    वर्ष 2014-15 में अट्ठाईस हजार नौ सौ चौरानवे करोड़ रुपये (28,994 करोड़ रुपये) की राजस्व बचत अनुमानित है।

राजकोषीय घाटा

ऽ    वित्तीय वर्ष 2014-15 में अट्ठाईस हजार चार सौ ग्यारह करोड़ रुपये (28,,411 करोड़ रुपये) का राजकोषीय घाटा अनुमानित है, जो सकल राज्य घरेलू उत्पाद का 2.97 प्रतिशत है।

समेकित निधि

ऽ    समेकित निधि की प्राप्तियों से कुल व्यय घटाने के पश्चात् वर्ष 2014-15 में घाटा चार हजार एक सौ बत्तीस करोड़ रुपये (4,132 करोड़ रुपये) अनुमानित है।

लोक लेखे से समायोजन

ऽ    वर्ष 2014-15 में लोक लेखे से चार हजार पाँच सौ सत्तर करोड़ रुपये (4,570 करोड़ रुपये) की शुद्ध प्राप्तियाँ अनुमानित हैं।

समस्त लेन-देन का शुद्ध परिणाम

ऽ    वर्ष 2014-15 में समस्त लेन-देन का शुद्ध परिणाम चार सौ अड़तीस करोड़ रुपये (438 करोड़ रुपये) अनुमानित है।

अन्तिम शेष

ऽ    वर्ष 2014-15 में प्रारम्भिक शेष चार हजार पाँच सौ 90  करोड़ रुपये (4,590 करोड़ रुपये) को हिसाब में लेते हुये अन्तिम शेष पाँच हजार अट्ठाईस करोड़ रुपये (5,028 करोड़ रुपये) होना अनुमानित है।

One Response to "यूपी बजट: बिजली पर विशेष ध्यान, बदायूं पर भी हुई धन वर्षा"

  1. Alegrando   May 24, 2015 at 5:37 AM

    Thanks for helping me to see things in a diefnreft light.

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