वरिष्ठ पत्रकार के आह्वान पर अफसरों ने की त्वरित कार्रवाई

वरिष्ठ पत्रकार के आह्वान पर अफसरों ने की त्वरित कार्रवाई
वरिष्ठ पत्रकार शंभूनाथ शुक्ला
वरिष्ठ पत्रकार शंभूनाथ शुक्ला

उत्तर प्रदेश सरकार के अफसरों की कार्य प्रणाली बदल रही है। अफसर सुनने ही नहीं लगे हैं, बल्कि त्वरित कार्रवाई भी करने लगे हैं। वरिष्ठ पत्रकार शंभूनाथ शुक्ल के आह्वान पर पीड़ित व्यक्ति की मदद के लिए प्रदेश के वरिष्ठ अफसर सामने आये हैं, जो प्रशंसनीय कदम कहा जायेगा, लेकिन ऐसी ही तत्परता आम आदमी के प्रकरणों में भी अफसर दिखाने लगें, तो उत्तर प्रदेश के हालात सुधरने में देर नहीं लगेगी।

फिलहाल बात आज की घटना की करते हैं। वरिष्ठ पत्रकार शंभूनाथ शुक्ल ने शुक्रवार सुबह लगभग 11 बजे फेसबुक पर पोस्ट डाल कर अवगत कराया कि एक बुजुर्ग पत्रकार को कुछ अराजक तत्व गाँव से भागने को मजबूर कर रहे हैं। उन्होंने अन्य पत्रकारों से भी आह्वान किया था कि पीड़ित की मदद करें। उन्होंने लिखा था कि “आज सुबह दादरी से एक बुजुर्ग मुस्लिम पत्रकार ने फोन किया कि उनके गांव में कुछ अराजक तत्वों ने कहा है कि गांव में कोई मुसलमान नहीं रहेगा। वे कई पीढिय़ों से उस गांव में रह रहे हैं और बहुत ही सीनियर और सम्मानित पत्रकार हैं। इस क्षेत्र में अधिकतर पत्रकार उनके शिष्य हैं और उनको लिखना-पढऩा सिखाया पर आज कोई उनकी मदद नहीं कर रहा। मुझे उनकी बात सुनकर सदमा पहुंचा। यह कौन सी बात हुई? उत्तर प्रदेश की अखिलेश यादव सरकार के लिए यह शर्म की बात है कि एक फरियादी की इसलिए नहीं सुनी जा रही है, क्योंकि वह मुस्लिम समुदाय से है। लखनऊ के पत्रकारों से निवेदन है कि उनकी मदद करवाएं।

(कृपया उनका नाम और नंबर जानने के लिए मुझे इनबॉक्स में मैसेज भेज दें।)”
शंभूनाथ शुक्ल की उक्त पोस्ट का संज्ञान लेते हुये मुख्यमंत्री के सचिव (सूचना) नवनीत सहगल ने उनसे संपर्क कर पीड़ित की मदद कराने का विश्वास दिलाया है, जिसकी जानकारी श्री शुक्ल ने बीस मिनट पहले फेसबुक पर एक और पोस्ट डाल कर दी है। उन्होंने लिखा है कि “वाह मुख्यमंत्री श्री अखिलेश यादव और वाह फेसबुक! उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री अखिलेश यादव का मैं आभारी हूं। कुछ देर पहले मैने दादरी के एक बुजुर्ग और बेहद सम्मानित पत्रकार को कुछ स्थानीय अराजक तत्वों द्वारा परेशान किए जाने के संबंध में एक पोस्ट डाली थी। कुछ ही देर बाद मेरे मेसेज बाक्स में मुख्यमंत्री के सचिव (सूचना) श्री नवनीत सहगल का मैसेज मेेरे पास आ गया। उन्होंने उन पत्रकार महोदय की शिकायत से संबंधित पूरी रिपोर्ट मंगाई है। साथ ही मुख्यमंत्री के निजी सचिव श्री शंभू सिंह यादव के यहां से भी जानकारी मिली कि इसके लिए डीजीपी और सेक्रेटी (होम) को निर्देंशित कर दिया गया है। मैं निजी तौर पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री अखिलेश यादव और उनकी सरकार के अफसरों का आभार व्यक्त करना चाहता हूं। साथ ही फेसबुक का भी, क्योंकि इस सोशल मीडिया के जरिए एक पीडि़त बुजुर्ग पत्रकार की तत्काल सुनवाई हुई।”
उक्त प्रकरण में अफसरों की कार्य प्रणाली वाकई, प्रशंसनीय है, लेकिन ऐसी तत्परता आम आदमी को मदद देने में भी दिखनी चाहिए, क्योंकि हर व्यक्ति की समस्या शंभूनाथ शुक्ल नहीं उठा सकते और अगर, आम आदमी के प्रकरण में अफसरों की कार्य प्रणाली नहीं बदली, तो यही माना जायेगा कि उत्तर प्रदेश के अफसर बड़े लोगों की ही आवाज सुनते हैं।

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