शंकराचार्य और हिंदू संगठनों के विरुद्ध खड़ी हुईं उमा भारती

शंकराचार्य और हिंदू संगठनों के विरुद्ध खड़ी हुईं उमा भारती
केन्द्रीय मंत्री उमा भारती
केन्द्रीय मंत्री उमा भारती

                                  किरन कांत

द्वारिका शारदापीठ और ज्योतिष पीठ के शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती के साथ देश भर के हिंदूवादी संगठन खड़े नज़र आ रहे हैं, लेकिन केन्द्रीय मंत्री उमा भारती ने साईं पूजा का सर्मथन किया है। उन्होंने कहा कि साईँ के भक्तों ने कभी नहीं कहा कि साईँ 25वां अवतार हैं। उन्होंने कहा कि साईं ने कभी खुद को भगवान नहीं कहा, पर साईँ के भक्त आस्था के चलते उन्हें भगवान मानते हैं। उन्होंने कहा कि साईँ भगवत सत्ता है और वह खुद साईं को बहुत मानती हैं।

उल्लेखनीय है कि शंकराचार्य स्वरूपानंद महाराज ने साईँ की पूजा का विरोध कर देश भर में बड़ी बहस छेड़ दी है। तमाम हिंदू संगठनों के साथ बुद्धिजीवियों का एक बड़ा वर्ग उनके साथ खड़ा है और साईँ को भगवान मानने और उनके मंदिर बनाने के विरोध में है, ऐसे में कट्टरपंथी हिंदू नेत्री व केन्द्रीय मंत्री उमा भारती ने साईँ की पूजा का समर्थन कर साईँ भक्तों को सहारा ही नहीं दिया है, बल्कि वह हिंदूवादी संगठनों और हिंदू कट्टरपंथियों के विरुद्ध खड़ी हो गई हैं।

उमा भारती ने शनिवार को हरिद्वार में पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि साईं को उनके भक्त भगवान मानते हैं, तो इसमें गलत क्या है। उन्होंने कहा कि हिन्दू संस्कृति में 24 अवतार माने गये हैं, पर साईँ को उनके भक्तों ने कभी भी 25वां अवतार नहीं माना। उन्होंने साईँ भक्तों की भावना का समर्थन करते हुए कहा कि भगवान के अलावा भी हम मां, पिता अतिथि और गुरू को भी भगवान मानते हैं, तो साईँ के भक्त यदि भगवान मानकर उनकी पूजा करते हैं, तो इसमें गलत क्या है।

उधर शंकराचार्य स्वरूपानंद के उत्तराधिकारी शिष्य स्वामी अविमुक्त्तेश्वरानंद का कहना है कि उमा भारती खुद को यदि सनातन धर्मी मानती हैं, तो जो कुछ शंकराचार्य़ जी ने कहा है, वह उन पर भी लागू होता है और सनातन धर्म के विधि अनुसार उनको भी मानना चाहिए।

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One Response to "शंकराचार्य और हिंदू संगठनों के विरुद्ध खड़ी हुईं उमा भारती"

  1. Antwon   May 24, 2015 at 2:04 AM

    Unrllapleaed accuracy, unequivocal clarity, and undeniable importance!

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