चेतावनी: जनहित में कार्य न करना अपराध है: मंडलायुक्त

चेतावनी: जनहित में कार्य न करना अपराध है: मंडलायुक्त
लोहिया ग्राम संजरपुर में बरेली मण्डल के आयुक्त विपिन कुमार द्विवेदी के साथ उपस्थित जिलाधिकारी शम्भू नाथ, मुख्य विकास अधिकारी उदय राज सिंह व एसएसपी संतोष कुमार सिंह।
लोहिया ग्राम संजरपुर में बरेली मण्डल के आयुक्त विपिन कुमार द्विवेदी के साथ उपस्थित जिलाधिकारी शम्भू नाथ, मुख्य विकास अधिकारी उदय राज सिंह व एसएसपी संतोष कुमार सिंह।

मंडलायुक्त के दौरे के कारण बदायूं जिले के अधिकारी व कर्मचारी पूरे दिन प्रार्थना करते रहे कि आज किसी तरह बच जायें। मंडलायुक्त ने भी किसी का अहित तो नहीं किया, लेकिन उन्होंने स्पष्ट कहा कि जनहित में कार्य न करने का मतलब अपराध होता है, जिसकी सज़ा मिलती है।
बरेली मण्डल के आयुक्त विपिन कुमार द्विवेदी ने जिलाधिकारी शम्भू नाथ, मुख्य विकास अधिकारी उदय राज सिंह के साथ गुरूवार को म्याऊॅं के लोहिया ग्राम संजरपुर पहुंचकर विकास कार्यो का स्थलीय सत्यापन किया। आयुक्त ने गांव में कराए गए विकास कार्यों का सत्यापन उपस्थित जनता से पूंछकर किया। गांव में विद्युत कनेक्शन कम होने पर उन्होंने निर्देश दिए कि विद्युत विभाग के अभियंता कैम्प लगाकर ग्रामीणों को कनेक्शन दें। आयुक्त ने गांव में भ्रमण कर लोहिया आवासों का निरीक्षण किया।
आयुक्त द्वारा मध्यान्ह भोजन, पुष्टाहार वितरण, निःशुल्क पाठ्य पुस्तकों के वितरण एवं एएनएम द्वारा टीकाकरण किए जाने की ग्रामीणों से जानकारी प्राप्त की। गांव में विकास कार्य तो संतोषजनक पाए गए, परन्तु राशन वितरण व्यवस्था के संबंध में ग्रामीणों ने कड़ा असंतोष जताते हुए अधिक संख्या में लोगों ने कोटा निलंबन की मांग की, तो दूसरे लोगों ने राशन वितरण व्यवस्था को सही बताया, जिस पर आयुक्त ने निर्देेश दिए कि उपजिलाधिकारी दातागंज राशन वितरण व्यवस्था की जांचकर तीन दिन में रिपोर्ट दें, उसी के आधार पर कोटेदार के विरूद्ध कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। आयुक्त ने किसानों की फसलों का बीमा कराए जाने हेतु कृषि विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि वह इस योजना की ग्रामीणों को जानकारी दें और योजना से उन्हें लाभान्वित करने हेतु कार्रवाई सुनिश्चित करें। गांव के स्थलीय सत्यापन के बाद मण्डलायुक्त ने ओवरब्रिज एवं गिनौरा वाजिदपुर स्थित राजकीय मेडिकल कालेज के निर्माण कार्य का निरीक्षण किया और कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए।
इससे पहले मण्डलायुक्त विपिन कुमार द्विवेदी ने अधिकारियों से कहा कि गरीब जनता के हितार्थ चलाई जा रही लाभार्थी परक योजनाओं को भली-भांति क्रियान्वित करने पर विशेष ध्यान दें, अन्यथा कार्य करने में रूचि न लेने वाले अधिकारी लम्बे अवकाश पर चले जाएं, वह स्वयं अभी अवकाश स्वीकृत कर देंगे।
विकास भवन स्थित सभाकक्ष में मण्डलायुक्त श्री द्विवेदी ने अधिकारियों को दो माह की मोहलत देते हुए कहा कि विकास कार्यों में प्रदेश स्तर पर मंडल को टॉपटेन में लाने के लिए दिन रात कार्य करें जिससे जनता में यह संदेश चला जाए कि अधिकारी अब उनके लिए हर समय तत्पर हैं।
आयुक्त ने जनता की शिकायतों को न सुनने एवं लाभार्थी परक योजनाओं का लाभ पात्रों तक न पहुंचाने को आपराधिक कृत्य करार देते हुए उपजिलाधिकारियों एवं खण्ड विकास अधिकारियों से कहा कि आपराधिक कृत्य की क्या सजा होती है, इसको सभी अधिकारी भली-भांति समझ लें। उन्होंने कहा कि अधिकारी अपनी सोंच बदलें और जनता की भलाई के लिए कार्य करें। आयुक्त ने सप्ताह में कम से कम पांच दिन न्यायालय में बैठने के साथ-साथ जनता की शिकायतें सुनकर निस्तारण कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि उनकी यह प्रथम बैठक है, इसलिए समझाया जा रहा है, अन्यथा लक्ष्य पूर्ति में पिछड़ने वाले अधिकारियों को अवश्य दंडित किया जाएगा।
आयुक्त ने राशन वितरण प्रणाली, बाल पुष्टाहार एवं मध्यान्ह भोजन वितरण व्यवस्था को चुस्त-दुरूस्त बनाने पर विशेष बल देते हुए कहा कि इसमें किसी प्रकार की शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने राजस्व, पुलिस एवं विकास विभाग के सम्बंध में कहा कि यदि यह तीनों विभाग अपने दायित्वों का भली-भांति निर्वहन करें, तो पचास प्रतिशत से अधिक समस्याएं स्वतः ही समाप्त हो जाएंगी। आयुक्त ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि वह जन समस्याएं सुनने के साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में भ्रमण कर विकास कार्यों का निरीक्षण भी करते रहें। आयुक्त ने श्रमिकों का पंजीकरण कराने एवं विभिन्न योजनाओं से लाभान्वित करने की सख्त हिदायत दी। आयुक्त ने जिलाधिकारी शम्भू नाथ, एसएसपी संतोष कुमार सिंह, मुख्य विकास अधिकारी उदय राज सिंह के साथ जिला चिकित्सालय पहुंचकर निरीक्षण किया। ओपीडी के विभिन्न कक्षों में जाकर चिकित्सकों से जानकारी हासिल करते हुए मरीजों से भी उनको हो रही असुविधा के संबंध में जानकारी ली। चिकित्सालय में सभी व्यववस्थाएं चाक चौबंद पाई गई। गत दिनों लालपुल पर भाई-बहनों के बीच मारपीट के मामले में बहनों द्वारा जिला चिकत्सालय पहुंचकर मुल्जिमों की गिरफ्तारी की मांग की, जिस पर आयुक्त ने निर्देश दिए कि एक घंटे के अंदर मुल्जिमों की गिरफ्तारी सुनिश्चत की जाए। आयुक्त के आदेश पर मुल्जिमों को गिरफ्तार कर लिया गया।

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