आक्रोशित संतों ने साईं की मूर्तियाँ तोड़ने की चेतावनी दी

आक्रोशित संतों ने साईं की मूर्तियाँ तोड़ने की चेतावनी दी
शंकराचार्य स्वरूपानंद
शंकराचार्य स्वरूपानंद

                     किरन कांत

शंकराचार्य स्वरूपानंद के साथ अब संत समाज भी खड़ा होने लगा है। संतों ने चेतावनी दी है कि साईं सर्मथकों ने शंकराचार्य का अपमान बंद नहीं किया, तो देश भर में साईं की मूर्तियों को तोड़ना शुरू कर दिया जायेगा। संतों का कहना है कि वह शंकराचार्य के अगले आदेश का इंतजार कर रहे हैं।

उल्लेखनीय है कि शंकराचार्य स्वरूपानंद ने साईं पूजा का विरोध किया, तो देश भर में उनके विरोध में सड़कों पर साईं भक्त उतर आये और शंकराचार्य का अपमान जनक तरीके से विरोध करने लगे, जिससे संत समाज का पारा ऊपर चढ़ गया है। संतों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि शंकराचार्य का साईं समर्थकों ने अपमान करना बंद नहीं किया, तो देश भर में साईं की मूर्तियों को तोड़ कर फेंक दिया जायेगा। शंकराचार्य के अगले आदेश का संत इंतजार कर रहे हैं।

भारत साधु समाज के प्रदेश उपाध्यक्ष स्वामी प्रेमानंद, उदासीन बड़ा अखाड़ा के महामंङलेश्वर महंत कपिल मुनि,  जूना अखाड़ा के नागा बाबा रविन्द्र नन्द ने हरिद्वार में आक्रोश व्यक्त किया।

साईं समर्थकों द्वारा शंकराचार्य का पुतला फूंकने और उनके चित्रों पर चप्पल मारे जाने से संत समाज बेहद गुस्से में है। संतो का कहना है कि साईं समर्थक हिन्दू समाज को कमजोर समझने की भूल न करें, अन्यथा हम भी सड़कों पर उतर कर साईं के पुतले फूंकना शुरू कर देंगे। जूना अखाड़ा के नागा बाबा रविन्द्र नन्द का कहना है कि अभी बात ज्यादा बड़ी नहीं है, लेकिन फिर भी वो इंतजार कर रहे हैं और शंकराचार्य का विरोध बंद नहीं हुआ, तो इसके परिणाम गंभीर होंगे।

उधर संतों ने प्रयाग और हरिद्वार में नागाओं का आह्वान किया, तो उत्तराखंड सरकार के माथे पर भी बल आने लगे हैं। संतों की चेतावनी और उनकी गतिविधियों पर सरकार भी नजर बनाये हुए है। उत्तराखंड सरकार में कैबिनेट मंत्री व मुख्यमंत्री के प्रवक्ता सुरेन्द्र अग्रवाल ने कहा कि माहौल बिगड़ा, तो कानून पूरी तरह अपना काम करेगा।

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