स्विस बैंकों का नया ऑफर, लॉकर में छुपाओ काला धन

स्विस बैंकों का नया ऑफर, लॉकर में छुपाओ काला धन

ब्लैक मनी के खिलाफ पूरी दुनिया में कार्रवाई की मांग को देखते हुए, स्विस बैंक्स अपने अमीर ग्राहकों के लिए नया आइडिया लेकर आए हैं। भारत और दुनिया के अन्य देशों के अमीरों के काले धन को छिपाने के लिए लॉकर (डिपॉजिट बॉक्स) की सुविधा उपलब्ध कराने का विचार कर रहे हैं। बैंकों के ये अमीर ग्राहक हाई वैल्यू वाले 1,000 के स्विस फ्रैंक (करीब 60,000 रुपये) के नोट लॉकर में सुरक्षित रख सकते हैं।

ये लॉकर स्विस बैंकों के परिसरों में ही है। इसके अलावा इन अमीर ग्राहकों को सोना, हीरा, महंगी पेंटिंग्स आदि कीमती चीजों के रूप में ब्लैक मनी को छिपाने की सलाह दे रहे हैं, ताकि स्विटजरलैंड सरकार के साथ विदेशी सरकारों के समझौतों के तहत दी जाने वाली जानकारी में पकड़े जाने की आशंका कम से कम हो सके।

इसका परिणाम यह हुआ है कि लॉकर की मांग रेकॉर्ड लेवल पर पहुंच गई है। 1,000 स्विस फ्रैंक के नोट्स की मांग भी आसमान छू रही है, क्योंकि दुनियाभर के अमीर अपने ब्लैक मनी को छिपाने के लिए इस तरफ दौड़ रहे हैं। स्विटजरलैंड के सेंट्रल बैंक एसएनबी के आंकड़ों के मुताबिक कुल मुद्रा में 1,000 फ्रैंक के नोट्स का पर्सेंटेज अब 60 फीसदी तक पहुंच गया है जो एक साल पहले 50 फीसदी था।

एसएनबी के मुताबिक हाई वैल्यू वाले नोटों की मांग में जबर्दस्त बढ़ोतरी हुई है और यह ब्लैक मनी को कम जगह में छिपाने की वजह से भी हो सकती है। हालांकि, एसएनबी ने भारत से इस तरह के नोटों और लॉकर की मांग के बारे में कोई आंकड़े नहीं दिए हैं।

1 हजार फ्रैंक के नोट की कीमत 60 हजार रुपये होती है। यानी काले धन को छिपा कर रखना अब लोगों के लिए और आसान हो गया है। स्विट्जरलैंड उन चुनिन्दा देशों में से है, जहां इतनी बड़ी कीमत का नोट छपता है। ब्रिटेन में सबसे बड़ी कीमत का नोट 50 पाउंड (करीब 4,400 रुपये) का और अमेरिका में 100 डॉलर (करीब 5,600 रुपये) का है। हालांकि, अमेरिका में पांच सौ, 1 हजार, 5 हजार और यहां तक कि 10 हजार के नोट भी छपा करते थे, लेकिन 1945 के बाद से इनकी छपाई बंद कर दी गई। इसके बाद 1969 से इन्हें बाजार से पूरी तरह हटा लिया गया। यूरोप में 200 और 500 यूरो के नोट भी छपते हैं।

हालांकि, इन लॉकरों में भारत का कितना पैसा पड़ा है या भारत की तरफ से इनकी मांग में कितनी बढ़ोतरी हुई है इसका जवाब देने से एसएनबी ने इनकार कर दिया है। हाल ही में जारी की गई रिपोर्ट के मुताबिक, स्विट्जरलैंड के बैंकों में भारत के कुल 2.18 अरब फ्रैंक यानी 12,700 करोड़ रुपये मौजूद हैं। यह रकम भले ही काफी बड़ी लगे, लेकिन इन बैंकों में मौजूद राशि का यह सिर्फ 0.14वां हिस्सा है। गौरतलब है कि इसमें वे रकम शामिल नहीं हैं जिन्हें दूसरों के नाम पर फर्जी तरीके से जमा किया गया है।

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