इमामबाड़े में तोड़-फोड़, दुर्लभ मजार-ए-पाक का सबी क्षतिग्रस्त

इमामबाड़े में तोड़-फोड़, दुर्लभ मजार-ए-पाक का सबी क्षतिग्रस्त
  • सुन्नी समुदाय के आरिफ को पुलिस ने हिरासत में लिया 
बदायूं जिले के कस्बा बिसौली स्थित शियाओं के प्राचीन इमामबाड़ा में क्षतिग्रस्त रखे दुनिया के पांचवे दुर्लभ मजार-ए-पाक के सबी का चित्र।
बदायूं जिले के कस्बा बिसौली स्थित प्राचीन इमामबाड़ा में क्षतिग्रस्त रखे दुनिया के पांचवे दुर्लभ मजार-ए-पाक के सबी का चित्र।

बदायूं जिले के कस्बा बिसौली में शियाओं के प्राचीन इमामबाड़ा और उसमें रखी प्राचीन और बेशकीमती वस्तुओं को नुकसान पहुंचाया गया है। दुनिया के पांचवे दुर्लभ मजार-ए-पाक के सबी को भी नुकसान पहुंचाया गया है। पुलिस ने सुन्नी समुदाय के एक शख्स को हिरासत में ले लिया है। घटना को लेकर जिले भर में तरह-तरह की अफवाहें फैलाई जा रही हैं, जिसे रोकने की दिशा में प्रशासन की ओर से अभी तक कोई पहल नहीं की गई है।

बदायूं-मुरादाबाद हाइवे पर स्थिति कस्बा बिसौली के मोहल्ला हवेली में शियाओं का प्राचीन इमामबाड़ा है, जिसमें साहित्य, धर्म, आस्था और श्रद्धा से जुड़ी तमाम बहुमूल्य वस्तुयें भी रखी हैं। रविवार सुबह पता चला कि किसी ने इमामबाड़े को और अंदर घुस कर प्राचीन और बेशकीमती वस्तुओं को भी नुकसान पहुंचाया है। बताया जा रहा है कि मजार-ए-पाक का सबी, अलम के पंजे, पटके, छोटी जरी, कुरआन शरीफ और 25 कत्बों आदि को नुकसान पहुंचाया है, जिन की कीमत लाखों रूपये की बताई जा रही है, साथ ही मजार-ए-पाक का सबी दुर्लभ है। पूरी दुनिया में मजार-ए-पाक का सबी पांच ही हैं, जो बदायूं जिले के सहसवान, बिसौली और लखनऊ, रामपुर के अलावा एक इरान में है। पांच सौ वर्ष पहले रामपुर के नवाब ने बिसौली स्थित इमामबाड़े को मजार-ए-पाक का सबी दिया था। सूचना पर बिसौली कोतवाली पुलिस दोपहर मौके पर पहुंची और डॉ. शकील अब्बास की तहरीर पर मोहल्ला हवेली में ही इमामबाड़े के पास रहने वाले सुन्नी समुदाय के आरिफ को पुलिस ने हिरासत में ले लिया, वहीँ उसके भाई राशिद और आमिर फरार बताये जा रहे हैं। तहरीर में नामजदों पर दीवार को नुकसान पहुंचाने और छेद से अंदर घुस कर बंदरों द्वारा कीमती वस्तूओं को नुकसान पहुंचाने का आरोप लगाया गया है।

बताया जाता है कि विश्व भर में गणितिज्ञ के रूप में विख्यात रिटायर आईएएस अफसर शहंशाह अब्बास की बेटी रिब्बी अब्बास इमामबाड़े की मुतावल्ली हैं, जो लखनऊ में रहती हैं। बिसौली में रहने वाले डॉ. शकील अब्बास इमामबाड़े की देख-रेख करते हैं। उनकी पत्नी अफरोश शकील ने बताया कि यहाँ शिया-सुन्नी जैसा विवाद नहीं है। एक व्यक्ति ने नुकसान पहुंचाया है। उन्होंने बताया कि आरिफ अपना घर बना रहा है, जिसने इमामबाड़े की दीवार में छेद कर दिया है। दीवार तोड़ने के कारण ही यह सब नुकसान हुआ है। बता दें कि शिया-सुन्नी वैश्विक स्तर पर आमने-सामने आ ही चुके हैं। कोई कारण नहीं है, लेकिन भारत में भी खेमे स्पष्ट नज़र आ रहे हैं।

उधर इमामबाड़े में हुई घटना के बाद बिसौली और आसपास के इलाके में तमाम तरह की अफवाहें फैलाई जा रही हैं, जिन पर रोक लगाने की दिशा में प्रशासन असफल नज़र आ रहा है।

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