रिश्वतखोरी और नेताओं के दबाव में हो रहा है पुनर्गठन

रिश्वतखोरी और नेताओं के दबाव में हो रहा है पुनर्गठन
बदायूं जिले में ग्राम पंचायतों के पुनर्गठन/ परिसीमन के तहत आपत्तियों की सुनवाई करते मुख्य विकास अधिकारी देवेन्द्र कुमार सिंह कुशवाहा।
बदायूं जिले में ग्राम पंचायतों के पुनर्गठन/ परिसीमन के तहत आपत्तियों की सुनवाई करते मुख्य विकास अधिकारी देवेन्द्र कुमार सिंह कुशवाहा।

बदायूं जिले में ग्राम पंचायतों के पुनर्गठन/ परिसीमन के तहत 154 नई ग्राम पंचायतों के प्रस्तावों के संबंध में मांगी गई आपत्तियों की मुख्य विकास अधिकारी देवेन्द्र कुमार सिंह कुशवाहा ने सुनवाई की। समस्त ब्लाकों से कुल 173 आपत्तियां प्राप्त हुईं हैं। पुनर्गठन में अफसरों पर रिश्वतखोरी और राजनैतिक दबाव के भी आरोप लगाये जा रहे हैं।
विकास भवन स्थित सभाकक्ष में 24 नवम्बर को मुख्य विकास अधिकारी देवेन्द्र कुमार सिंह, अपर मुख्य अधिकारी जिला पंचायत हरिपाल सिंह यादव, प्रभारी जिला पंचायत राज अधिकारी राजेश यादव एवं अपर पंचायत राज अधिकारी देवेन्द्र सिंह ने एक-एक आपत्तिकर्ता को ग्राम पंचायतवार बुलाकर उसकी आपत्ति को सुना। ब्लाक समरेर से चार, सालारपुर से पांच, वजीरगंज एवं आसफपुर से एक-एक, इस्लामनगर से बाईस, दहगवां से अट्ठाईस, सहसवान से पच्चीस, अम्बियापुर से सात, उझानी से चौदह, कादरचौक से तीन, जगत से अठारह, म्याऊँ से पच्चीस, उसांवा से चौदह एवं ब्लाक दातागंज से छह आपत्तियां प्राप्त हुई थीं।
बता दें कि जनपद में फिलहाल 885 ग्राम पंचायतें हैं। नए परिसीमन के तहत 154 नई ग्राम पंचायतों के प्रस्ताव के बाद जनपद में 1039 ग्राम पंचायतें हो जायेंगी।  154 नई ग्राम पंचायतों के प्रस्ताव हेतु ग्रामीणों से आपत्तियां मांगी गईं थीं, आपत्तियां की सुनवाई हेतु एक-एक आपत्तिकर्ता को बुलाकर उसकी आपत्ति के संबंध में विचार विमर्श किया गया। इस प्रकार सभी आपत्तिकर्ताओं को अपनी-अपनी बात कहने का अवसर प्रदान हो सका। आपत्तिकर्ताओं की सुनवाई के बाद 25 नवम्बर तक 154 नई ग्राम पंचायतों का अन्तिम निर्णय होने की सम्भावना है।
उधर जिले भर से शिकायतें सामने आ रही हैं, जिनमें ग्राम पंचायतों के आर्थिक सांठ-गाँठ व राजनैतिक दबाव में नियम विरुद्ध पुनर्गठन करने के आरोप लगाये जा रहे हैं।

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