बीएसएनएल के अफसरों से त्याग पत्र लेने पहुंच गया उपभोक्ता

बीएसएनएल के अफसरों से त्याग पत्र लेने पहुंच गया उपभोक्ता
अभिषेक उपाध्याय
अभिषेक उपाध्याय

सरकार के भारत संचार निगम लिमिटेड का विशाल नेटवर्क है, उसके नेटवर्क पर ही तमाम निजी कंपनियां उपभोक्ताओं को बेहतरीन सेवायें दे रही हैं, लेकिन बीएसएनएल के कर्मचारी और अधिकारी इतने लापरवाह हो चुके हैं कि अधिकांश उपभोक्ता तंग आ चुके हैं और नेटवर्क बदल रहे हैं। एक ऐसा उपभोक्ता सामने आया है, जो कर्मचारियों और अधिकारियों की लापरवाही से तंग आकर नेटवर्क बदलने की जगह उनका त्याग पत्र लेने पहुंच गया, तो विभाग में हड़कंप मच गया और कुछ ही मिनट में उसका फोन ठीक हो गया।

बीएसएनएल के अफसरों की लापरवाही और उपभोक्ता की साहसिक पहल की कहानी बदायूं की है। लाबेला चौक पर स्थित ओम कंप्यूटर्स का लैंड लाइन फोन काफी दिनों से खराब था। शिकायतें की गईं, लेकिन विभागीय अफसर व कर्मचारी अनदेखी करते रहे। उपभोक्ता अभिषेक उपाध्याय ने और बड़े अफसरों से संपर्क किया, तो भी कोई सकारात्मक परिणाम नहीं निकला।

उपभोक्ता द्वारा अफसरों के सामने रखा गया त्याग पत्र।
उपभोक्ता द्वारा अफसरों के सामने रखा गया त्याग पत्र।

तंग आकर उपभोक्ता अभिषेक ने एक त्याग पत्र लिखा और उसका प्रिंट लेकर बीएसएनएल के कार्यालय में पहुंच गया। अभिषेक ने शनिवार को संबंधित अफसरों के सामने कागज रख कर कहा कि इस पर हस्ताक्षर कर दीजिये। कागज पड़ कर सभी के होश उड़ गये। एक अफसर ने अभिषेक को हड़काने का भी प्रयास किया, पर वह अपनी जिद पर अड़े रहे कि जब आप काम नहीं कर सकते, तो त्याग पत्र दीजिये। हस्ताक्षर तो किसी ने नहीं किये, लेकिन सकारात्मक परिणाम यह हुआ कि महीनों से खराब चल रहा फोन दस मिनट में सही करा दिया गया, साथ ही अफसर ने दुःख प्रकट करते हुए क्षमा भी मांगी।

रिलायंस के जिओ नेटवर्क के विज्ञापन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की फोटो प्रकाशित होने पर उनकी कड़ी आलोचना हो रही है। बीएसएनएल में सुधार करने की आवाज बुलंद होने लगी है। प्रधानमंत्री की सोच प्राइवेट कंपनी साकार कर सकती है, तो संसाधन होते हुए भी सरकार का नेटवर्क बेहतर सेवा क्यों नहीं दे सकता?, प्रधानमंत्री को इसका न सिर्फ जवाब देना चाहिए, बल्कि उन्हें बीएसएनएल की सेवा प्रणाली को दुरुस्त भी कराना चाहिए। और अगर, ऐसा नहीं हो सकता, तो पूरी व्यवस्था को ही प्राइवेट कंपनियों के हवाले कर देना चाहिए।

One Response to "बीएसएनएल के अफसरों से त्याग पत्र लेने पहुंच गया उपभोक्ता"

  1. ANANT PRAKASH GAUTAM   September 4, 2016 at 1:38 PM

    BSNL की यही स्थिति है मै इन असुबिधाओ से कई साल से जूझ रहा हू,एवं इन समस्याओ के सम्बन्ध मे PMO PG PORTAL से लेकर तमाम तरह से शिकायत कर चुका हू परंतु आज तक कोई निराकरण नही हो सका साथ ही तमाम तरह से धमकिया ही दी गयी और अव तक मै निम्न शिकायते कर चुका हू
    PMOPG/E/2015/0068018
    DOTEL/E/2015/29468
    PMOPG/E/2015/0059508
    DOTEL/E/2015/28463
    DOTEL/E/2015/24230
    DOTEL/E/2015/29672
    PMOPG/E/2015/0075758
    इन सव शिकायतो पर समस्या का निस्तारण किये बिना ही हर बार पोर्टल पर निस्तारण दिखा दिया गया

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