अब उझानी कोतवाली में हुई यौन शोषण की वारदात

अब उझानी कोतवाली में हुई यौन शोषण की वारदात
अब उझानी कोतवाली में हुई यौन शोषण की वारदात
अब उझानी कोतवाली में हुई यौन शोषण की वारदात

बदायूं जिले के थाना मूसाझाग में किशोरी के साथ सिपाहियों द्वारा किया गया यौन शोषण का प्रकरण अभी ठंडा भी नहीं पड़ा है और कोतवाली उझानी में हुए यौन शोषण का एक और प्रकरण सामने आ गया है। फिलहाल किशोरी अस्पताल में है और आरोपी सिपाही पुलिस हिरासत में बताया जा रहा है।
सनसनीखेज प्रकरण बदायूं जिले के उपनगर उझानी की कोतवाली परिसर का है। तीन दिन पूर्व उझानी में एक किशोरी घायल अवस्था में मिली थी, जिसे प्राथमिक उपचार के बाद बरेली रेफर कर दिया गया था, साथ ही किशोरी की माँ ने उससे किसी को मिलने नहीं दिया था। किशोरी की माँ ने ही कल उझानी कोतवाली में देवरों के विरुद्ध हत्या के प्रयास का मुकदमा भी दर्ज करा दिया था, लेकिन बरेली में उपचार के दौरान होश में आने पर किशोरी ने यौन शोषण की बात कही है। बताते हैं कि पुलिस के एक बड़े अफसर ने अस्पताल जाकर किशोरी के बयान भी दर्ज किये हैं, जिसके बाद आरोपी सिपाही को हिरासत में ले लिया गया है, लेकिन सिपाही के हिरासत की बात पुलिस स्वीकार नहीं कर रही है, वहीं फैसले के भी प्रयास किये जा रहे हैं।
घटना की पृष्ठभूमि में बताते हैं कि आगरा निवासी अनुसूचित जाति का आरोपी सिपाही उझानी कोतवाली में लगभग चार वर्षों से तैनात है और परिसर में ही बने सरकारी आवासों में दूसरी मंजिल पर रहता है। बताते हैं कि उसके लगभग तीन वर्षों से उझानी की ही एक स्वजातीय किशोरी से प्रेम संबंध हैं। किशोरी जब कक्षा- नौ में थी, तब से सिपाही के कमरे पर आती है, जो अब बदायूं के एक कॉलेज में इंटर की छात्रा है। किशोरी के सिपाही के कमरे पर आने की जानकारी सभी को है।
पिछले दिनों थाना मूसाझाग में हुई यौन उत्पीड़न की घटना के बाद अफसरों ने सिपाही को कमरे पर किशोरी को न बुलाने की हिदायत दे दी थी, साथ ही सिपाही स्वयं भी बचने लगा था। बताते हैं कि तीन दिन पूर्व शाम की ट्यूशन के बाद किशोरी सिपाही के कमरे पर पहुंच गई, तो सिपाही भड़क गया। सिपाही के दुर्व्यहार से किशोरी स्तब्ध रह गई, जबकि दोनों में शादी करने का वादा हो चुका था, इसी को लेकर दोनों के बीच हाथापाई हुई और किशोरी सीढ़ियों से फिसल गई, जिससे उसे गंभीर चोटें आईं।
उधर प्रकरण की जांच पुलिस कर रही है और असली सच्चाई पुलिस जांच के बाद ही पता चल सकेगी। फिलहाल पुलिस अफसरों की साँसें थमी हुई हैं।

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