अवैध उगाही पर जवाब न सूझा, तो सीडीओ से उलझ गये पीडी

अवैध उगाही पर जवाब न सूझा, तो सीडीओ से उलझ गये पीडी
अवैध उगाही पर जवाब न सूझा, तो सीडीओ से उलझ गये पीडी
अवैध उगाही पर जवाब न सूझा, तो सीडीओ से उलझ गये पीडी

बदायूं स्थित जिला ग्राम्य विकास अभिकरण में परियोजना निदेशक के पद पर तैनात रामरक्ष पाल सिंह यादव पूरी तरह बेकाबू हो गये हैं। वे आज मुख्य विकास अधिकारी देवेन्द्र कुमार सिंह कुशवाह से भी उलझ गये, तो उन्होंने पीडी को कड़ी चेतावनी के साथ अपने कार्यालय से बाहर निकाल दिया।

सूत्रों से ज्ञात हुआ कि पीडी रामरक्ष पाल सिंह यादव ने सीडीओ को देने के बहाने प्रत्येक ब्लॉक से बीस हजार रूपये की उगाही की है, जबकि सीडीओ देवेन्द्र सिंह कुशवाह किसी से रूपये नहीं लेते, साथ ही उन्होंने सीडीओ को परंपरागत तौर पर मिलने वाले रूपये भी नहीं लिए हैं, ऐसे में जब उन्हें पता चला कि उनके नाम पर बीडीओ से पीडी ने रूपये उगाहे हैं, तो उनका भी पारा चढ़ गया।

संयोग से आज देर शाम बीडीओ की बैठक भी आयोजित हुई, जिसमें पीडी भी सम्मलित हुए। दोनों के सामने होने पर सीडीओ ने रूपये लेने की सत्यता जाननी चाही, तो समस्त बीडीओ ने रूपये देने की बात मान ली, इस पर बैठक में ही सीडीओ ने पीडी से सवाल किया कि उन्होंने रूपये क्यूं लिए, तो पीडी भड़क गये और चीख-चीख कर कहने लगे कि आप यादवों से चिढ़ते हैं और यादवों को नौकरी नहीं करने देना चाहते, इस पर सीडीओ ने कहा कि भ्रष्टाचार के मामले में जाति किधर से आ गई। मुददे से न भटकें और यह जवाब दें कि रूपये क्यूं लिए, तो पीडी गालियाँ देने लगे, इस पर सीडीओ ने पीडी को इस चेतावनी के साथ कार्यालय से बाहर निकाल दिया कि आज के बाद वे उनके कार्यालय में न घुसें और न ही किसी से उनके नाम पर रूपये वसूलें। बाद में विकास भवन के समस्त कर्मचारी सीडीओ कार्यालय के पास आ गये, जिससे संपूर्ण प्रकरण चर्चा का विषय बना हुआ है।

उल्लेखनीय है कि पीडी रामरक्षपाल सिंह यादव के विरुद्ध कई बाबू, पत्रकार और आम जनता के लोग प्रार्थना पत्र देकर यह शिकायत कर चुके हैं कि उनका व्यवहार ठीक नहीं हैं और बेवजह शोषण करते हैं। सत्ता पक्ष के नजदीकी होने के चलते पीडी खुलेआम नीली बत्ती लगी गाड़ी से घूमते हैं और सरकारी ड्राईवर व गाड़ी लेकर अक्सर कई-कई दिनों के लिए गायब हो जाते हैं। बताते हैं कि पीडी रामपुर में रहते हैं और वहां एक वित्त विहीन इंटर कॉलेज चलाते हैं। कॉलेज में काम अधिक होने पर वे अक्सर गायब हो जाते हैं।

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