नरेंद्र मोदी ने ऑस्ट्रेलिया में भी भारतीयों का सिर ऊंचा किया

नरेंद्र मोदी ने ऑस्ट्रेलिया में भी भारतीयों का सिर ऊंचा किया
आस्ट्रेलिया के सिडनी स्थित ऑलफोन्स एरीना सभागार में हजारों भारतीयों को संबोधित करते भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी।
आस्ट्रेलिया के सिडनी स्थित ऑलफोन्स एरीना सभागार में हजारों भारतीयों को संबोधित करते भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी।

अमेरिका सहित अन्य तमाम देशों की यात्राओं की तरह ही भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ऑस्ट्रेलिया में भी छा गये। सिडनी स्थित ऑलफोन्स एरीना सभागार में हजारों भारतीयों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि इस स्वागत, सम्मान, प्यार का असली हकदार कोई है, तो वह हैं सवा करोड़ भारतवासी। उत्सव जैसे अवसर पर भाव-भिवोर नरेंद्र मोदी स्वागत से अभिभूत नजर आये।

नरेंद्र मोदी ने सिडनी में भी स्वामी विवेकानंद को याद किया। आगे बोले- मेरा सौभाग्य है कि मैं देश का पहला पीएम हूं, जो आजाद भारत में पैदा हुआ और इसी वजह से मुझे ज्यादा जिम्मेदारी का अहसास होता है। हमारे दिल में एक ही बात हमेशा होनी चाहिए कि हम जियेंगे देश के लिए, जूझेंगे देश के लिए और यही बात देशवासियों के दिल में जगानी है। उन्होंने कहा कि भारत मां के पास 250 करोड़ भुजाएं हैं और अगर, वे एक बार संकल्प लें, तो कुछ भी कर सकते हैं।

नरेंद्र मोदी ने कहा कि आज भारत से ऑस्ट्रेलिया पहुंचने में एक दिन का समय लगता है, लेकिन हमें यहां पहुंचने में 28 साल गए गए। अब इतना इंतजार नहीं करना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि क्रिकेट ने भारत और ऑस्ट्रेलिया को जोड़ा। दोनों देश क्रिकेट के बिना नहीं जी सकते। लोकतंत्र दोनों देश की धरोहर है। उन्होंने कहा कि भारत आकांक्षाओं से भरा देश है। हमारी एक तिहाई आबादी 35 साल से कम उम्र की है। हम चाहें तो क्या नहीं कर सकते।

नरेंद्र मोदी ने कहा कि ऑस्ट्रेलिया से अगर, कुछ सीखना हो, तो वह है हर श्रम का सम्मान करना। यहां कोई भी काम करने वाले लोग एक जैसा ही व्यवहार करते हैं। उन्होंने कहा कि कूड़ा उठाना कोई बुरा काम नहीं है। यह तो गरीबों की सेवा है। सफाई की वजह से गरीब बीमार नहीं होंगे। यही काम आज भारत में एक अभियान की तरह चलाया गया है। मैं इसमें शामिल हर वर्ग के लोगों का अभिनंदन करता हूं। बोले- विश्व अब बाहुबल और धनबल से नहीं, बल्कि बुद्धिबल से चलने वाला है। अगले पांच-छह वर्षों में पूरी दुनिया में बड़ी संख्या में वर्क फोर्स की जरूरत होगी। हम स्किल डवलपमेंट के जरिये पूरी दुनिया को इसकी पूर्ति कर सकते हैं। इस अवसर पर आस्ट्रेलियाई पूर्व क्रिकेटर ब्रेट ली, कार्टूनिस्ट रमेश चंद्रा, पूर्व भारतीय क्रिकेटर जवागल श्रीनाथ आदि प्रमुख रूप से मौजूद थे।

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