धर्मेन्द्र यादव ने सी-सैट परीक्षा प्रणाली पर उठाया सवाल

धर्मेन्द्र यादव ने सी-सैट परीक्षा प्रणाली पर उठाया सवाल
बदायूं लोकसभा क्षेत्र के युवा व लोकप्रिय सांसद धर्मेन्द्र यादव
बदायूं लोकसभा क्षेत्र के युवा व लोकप्रिय सांसद धर्मेन्द्र यादव

बदायूं लोकसभा क्षेत्र के युवा व लोकप्रिय सांसद धर्मेन्द्र यादव ने आज लोकसभा में सी-सैट की परीक्षा प्रणाली पर सवाल उठाया। उन्होंने भारतीय भाषाओं में परीक्षा कराने की मांग की। सांसद धर्मेन्द्र यादव की मांग पर अमल हुआ, तो देश भर के करोड़ों युवाओं को लाभ मिलेगा।

सांसद धर्मेन्द्र यादव ने लोकसभा में कहा कि संविधान के अनुसार हिंदी राजभाषा हो और भारतीय भाषाओं का सम्मान हो, लेकिन शासकीय कार्य करने वाले अधिकारियों की परीक्षा यूपीएससी के माध्यम से होती है, जिसका पाठ्यक्रम दुर्भाग्य पूर्ण है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2008 के प्री एग्जाम में 45%, वर्ष 2009 के प्री एग्जाम में 42% और 2010 के प्री एग्जाम में 32% छात्र ग्रामीण अंचलों, हिंदी और अन्य भारतीय भाषाओं के जानने वाले उत्तीर्ण हुये थे, लेकिन परीक्षा प्रणाली बदलने के बाद वर्ष 2011 में 11% और 2012 में 16% संख्या रह गई। सदन में व्यवधान के बावजूद वह रुके नहीं और कहा कि वर्ष 2009 में उत्तीर्ण होने वाले छात्रों की संख्या 24% थी, वहीं वर्ष 2013 में 2.3% रह गई है।

सांसद धर्मेन्द्र यादव ने कहा कि संघ आयोग ने श्री अरुण निगवेकर समिति गठित की थी, जिसने सी-सैट परीक्षा प्रणाली को ग्रामीण छात्रों की विरोधी बताया था, इसलिए इस परीक्षा प्रणाली को समाप्त किया जाये, ताकि ग्रामीण छात्र भारतीय प्रशासनिक सेवाओं में आ सकें।

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