लोकपाल सिंह एडवोकेट की स्मृति में बने द्वार का लोकार्पण

लोकपाल सिंह एडवोकेट की स्मृति में बने द्वार का लोकार्पण
लोकपाल सिंह एडवोकेट की स्मृति में बने द्वार का फीता काटकर लोकार्पण करते जनपद न्यायाधीश देवेन्द्र कुमार नैनवाल एवं जिलाधिकारी शम्भूनाथ।
लोकपाल सिंह एडवोकेट की स्मृति में बने द्वार का फीता काटकर लोकार्पण करते जनपद न्यायाधीश देवेन्द्र कुमार नैनवाल एवं जिलाधिकारी शम्भूनाथ।
बदायूं में जिला बार एसोसिएशन की ओर जाने वाले कलेक्ट्रेट द्वार का जनपद न्यायाधीश देवेन्द्र कुमार नैनवाल एवं जिलाधिकारी शम्भूनाथ ने फीता काटकर लोकार्पण किया। स्वर्गीय कामरेड लोकपाल सिंह एडवोकेट की स्मृति में उनके परिजनों द्वारा बनवाये गये द्वार के लोकार्पण के अवसर पर सोमवार को कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
जिला बार एसोसिएशन कार्यालय के प्रांगण में आयोजित कार्यक्रम में जनपद न्यायाधीश ने स्वर्गीय लोकपाल सिंह को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि उन्होंने गरीबों, किसानों एवं मजदूरों के लिए अपने जीवन में संघर्ष किया। उन्होंने अधिवक्ताओं से अपील की कि वह भी निर्धनों, किसानों को न्याय दिलाने के लिए प्रयास करते रहें। उन्होंने कहा कि स्वर्गीय लोकपाल सिंह को सच्ची श्रद्धांजलि तभी है, जब उनकी अच्छाइयों का अनुसरण कर अपने जीवन में उतारें।
जिलाधिकारी शम्भूनाथ ने कहा कि व्यक्ति का शरीर पंचतत्व में विलीन हो जाता है, लेकिन उसके द्वारा किये गये कार्यो को हमेशा याद रखा जाता है। उन्होंने कहा कि ऐसे लोगों के संघर्ष से प्रेरणा लेकर दूसरों की मदद करते रहना चाहिए। उन्होंने कहा कि अधिवक्ताओं पर सबसे ज्यादा विश्वास किया जाता है, इसलिए अधिवक्ताओं को स्वर्गीय लोकपाल सिंह के आचरण एवं संघर्षों से सीख लेना चाहिए। इस अवसर पर स्वर्गीय लोकपाल सिंह की पत्नी द्रोपदी देवी को शॉल उढ़ाकर एवं प्रतीक चिन्ह भेंटकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में अपर जिलाधिकारी (प्रशासन) अशोक कुमार श्रीवास्तव सहित जिला बार एसोसिएशन के पदाधिकारी एवं अन्य अधिवक्तागण उपस्थित रहे।

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