किशोरी ने पहली बार मीडिया के सामने सुनाई पूरी कहानी

किशोरी ने पहली बार मीडिया के सामने सुनाई पूरी कहानी
अपने साथ हुए शोषण की कहानी सुनाती दलित किशोरी
अपने साथ हुए शोषण की कहानी सुनाती दलित किशोरी

सपा विधायक राम खिलाड़ी सिंह यादव की कोठी में बंधक रहने वाली यौन उत्पीड़न की शिकार दलित किशोरी बुधवार को पहली बार मीडिया के सामने आई, इस दौरान उसने कई सनसनीखेज खुलासे किये। उसने पिता के साथ एसपी ग्रामीण से भी मुलाक़ात की और लगातार दी जा रही धमकी के बारे में उन्हें बताया। पीड़ित पिता-पुत्री ने लिखित में शिकायत कर दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई कराने की व परिवार को सुरक्षा मुहैया कराने की गुहार लगाई।

उल्लेखनीय है कि जिला बदायूं स्थित इस्लामनगर थाना क्षेत्र के गाँव नूरपुर पिनौनी निवासी एक जाटव परिवार की एक नाबालिग लड़की को गांव में ही किराये पर रह रहा विदलेश यादव उर्फ प्रवेश यादव निवासी रामपुर खादर थाना रजपुरा जिला संभल अपने दो अन्य साथियों की मदद से 23 अप्रैल को ले गया था। किशोरी के पीड़ित दलित माता-पिता ने अपनी बेटी के बेचे जाने की आशंका जताते हुए लड़की को बरामद कराने की गुहार लगाई थी, पर इस्लामनगर थाना पुलिस ने पीड़ित दंपत्ति की नहीं सुनी, तो पीड़ित ने मुख्यालय पर धरना दिया था। दबाव बनने पर पुलिस ने एक सप्ताह बाद 2 मई को मनमाने तरीके से मुकदमा दर्ज कर लिया, पर पुलिस ने कार्रवाई की गति तेज नहीं की, इस बीच कटरा सआदतगंज की घटना को लेकर बसपा सुप्रीमो मायावती आईं, तो पीड़ित दंपत्ति मायावती से मिला, जिसके बाद पुलिस हरकत में आ गई।

इस्लामनगर थाना पुलिस ने उच्च स्तरीय दबाव बनने पर लड़की को बरामद कर लिया और मुख्य आरोपी को भी गिरफ्तार कर लिया। आरोपी को अगले दिन जेल भेज दिया, लेकिन किशोरी को बदायूं स्थित महिला थाने में लाकर बंद कर दिया। आरोप है कि महिला थाने की एसओ अनीता मिश्रा, एसओ इस्लामनगर सतीश यादव और अन्य तमाम महिला पुलिस व पुरुष कर्मियों ने किशोरी को लगातार तरह-तरह से प्रताड़ित किया। इस बीच 10 जून को किशोरी ने महिला अस्पताल में मीडिया के समक्ष यह बता दिया कि उसके साथ गैंगरेप हुआ है और उसे गुन्नौर विधान सभा क्षेत्र के सपा विधायक राम खिलाड़ी यादव की बबराला स्थित कोठी में बंधक बना कर रखा गया था, यह खबर मीडिया में आते ही किशोरी और उसके परिवार की पुलिस ने दुर्गति करनी शुरू कर दी। यह भी आरोप है कि विधायक के दबाव में सीएमओ ने नाबालिग को बालिग करार दे दिया।

लड़की को बालिग सिद्ध करने के साथ पूरे प्रकरण को प्रेम प्रसंग दर्शाने में पुलिस सफल हो गई, जिससे मुख्य आरोपी भी जेल से रिहा हो गया, जिसके बाद पीड़ित किशोरी के पिता ने 14 जुलाई को बदायूं स्थित सीजेएम के न्यायालय में वाद दायर कर दिया, जिसमें प्रवेश यादव, उसकी पत्नी और उसके दो रिश्तेदार, सपा विधायक राम खिलाड़ी सिंह यादव, एसओ इस्लामनगर सतीश यादव, एसओ महिला थाना सुनीता मिश्रा और सीएमओ डा. एसपी अग्रवाल सहित दस लोगों पर विभिन्न तरीकों से उत्पीड़न करने का आरोप लगाया गया है। न्यायालय में सुनवाई की अगली तारीख 26 जुलाई निश्चित है।

उधर पीड़ित किशोरी बुधवार को अपने पिता के साथ जिला मुख्यालय आई और एसपी ग्रामीण से मिली। लिखित शिकायत में कहा गया है कि उसके मोबाइल पर विभिन्न नंबरों से फोन आ रहे हैं और आपराधिक किस्म के तमाम लोग घर पर भी आ धमकते हैं, जो मुकदमा वापस लेने को धमकाते हैं। पिता ने बताया कि फोन पर धमकी देते हैं कि इस बार लड़की उठा ले गये, तो पता भी नहीं चलने देंगे, इसलिए मुकदमा वापस ले ले। इसके अलावा बुधवार को पीड़ित किशोरी मीडिया के समक्ष खुल कर बोली। उसने शुरू से लेकर अंत तक के उत्पीड़न की कहानी स्वयं सुनाई। उसने यह भी बताया कि विधायक राम खिलाड़ी सिंह यादव ने कोठी में बंद रखा और डराया धमकाया, पर यौन उत्पीड़न नहीं किया, लेकिन उनके बेटे अखिलेश यादव ने उसका यौन उत्पीड़न भी किया। उसने खुल कर बताया कि अखिलेश यादव, विद्लेश यादव, वीरेंद्र यादव सहित चार लोगों ने उसके साथ दुष्कर्म किया। यहाँ बता दें कि पिता द्वारा अदालत में दायर किये गए मुकदमे में अखिलेश यादव का नाम नहीं है। अखिलेश यादव विधायक राम खिलाड़ी सिंह यादव का बेटा है और उसकी पत्नी संभल जिला की जिला पंचायत अध्यक्ष है।

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यौन उत्पीड़न की शिकार दलित किशोरी का वीडियो

यौन उत्पीड़न की शिकार दलित किशोरी के पिता का वीडियो

दबाव में पुलिस ने ही किया दलित यौन पीड़िता का उत्पीड़न

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