गैंगरेप की शिकार महिला के बच्चों के साथ खड़ी हुई सरकार

गैंगरेप की शिकार महिला के बच्चों के साथ खड़ी हुई सरकार

  • मुख्यमंत्री ने मोहनलालगंज की घटना की समीक्षा की, कार्रवाई के निर्देश

  • मृतका के दोनों बच्चों के लिए 10 लाख रुपए की आर्थिक सहायता की घोषणा

  • दोनों बच्चों की शिक्षा के खर्च को राज्य सरकार वहन करेगी

  • मुख्य सचिव ने भी की कानून व्यवस्था की समीक्षा, कड़े निर्देश दिये
मुख्यमंत्री अखिलेश यादव
मुख्यमंत्री अखिलेश यादव
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने मोहनलालगंज के बलसिंहखेड़ा गांव की घटना के सम्बन्ध में पुलिस द्वारा अब तक की गई कार्रवाई की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि इस दुःखद एवं दुर्भाग्यपूर्ण घटना के प्रति राज्य सरकार बेहद गम्भीर है। उन्होंने अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाते हुए कहा कि इस घटना का जल्द से जल्द पर्दाफाश किया जाए तथा दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा दिलाई जाए। मुख्यमंत्री ने मृतका के दोनों बच्चों के लिए 10 लाख रुपए की आर्थिक सहायता दिए जाने की घोषणा की है। उन्होंने यह भी कहा है कि दोनों बच्चों की शिक्षा पर आने वाले खर्च का वहन राज्य सरकार द्वारा किया जाएगा।
उधर मुख्य सचिव आलोक रंजन ने निर्देश दिए हैं कि शहरो में महिलाओं के साथ छेड़छाड़ की घटनाओं को रोकने के लिए प्रत्येक जनपद में माइक्रो स्तर पर योजना बनाकर क्रियान्वित कराया जाय। उन्होंने कहा कि शहर के प्रमुख चैराहों को चिन्हित कर पर्याप्त पुलिस बल तैनात कर औचक चेकिंग समय समय पर कराया जाय। उन्होंने कहा कि प्रदेश में घट रही घटनाओं को देखते हुए अपराधियों को चिन्हित कर उन्हें सूची बद्व किया जाय। चिन्हित सूची बद्व अपराधियों के गतिविधियो पर विशेष नजर रखी जाय तथा किसी भी घटना में लिप्त पाये जाने पर उनके विरूद्व गुण्डा एक्ट एवं गैगेस्टर आदि की कार्यवाही नियमानुसार तत्काल सुनिश्चित करायी जाय। उन्होंने कहा कि विगत दिवस मोहनलालगंज में हुई घटना में लिप्त अपराधियों को तत्काल गिरफ्तार किया जाय और कहा कि यह सुनिश्चित किया जाय कि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न होने पाये।
मुख्य सचिव आज शास्त्री भवन अपने कार्यालय के सभागार मे कानून व्यवस्था की साप्ताहिक समीक्षा कर रहे थे। उन्होंने कहा कि किसी भी क्षेत्र में अप्रिय घटना घटित होने पर संबंधित थाना के प्रभारियों की जिम्मेदारी नियत की जाय तथा लापरवाही पाये जाने पर उनके विरूद्व विभागीय कार्यवाही सुनिश्चित करायी जाय। उन्होंने कहा कि ऐसे दस जनपदों को भी चिन्हित किया जाय जिसमे विगत समय से अधिक अपराध होने की शिकायत मिल रही है। कहा कि ऐसे जनपदो में बढ़ रहे अपराधों की गहन समीक्षा कर लापरवाह अधिकारियों को भी दण्डित किया जाय। शराब की दुकानों पर भी कड़ी नजर रखी जाय, ताकि आपराधिक तत्व के लोग मदिरा सेवन कर अन्य संभ्रान्त नागरिको एवं महिलाओं के साथ कोई अभद्रता न कर सके।
बैठक में प्रमुख सचिव गृह राकेश बहादुर, पुलिस महानिदेशक ए.एल. बनर्जी, सचिव गृह कमल सक्सेना, अपर पुलिस महानिदेशक एवं महिला सेल की प्रभारी सुतापा सान्याल सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारीगण उपस्थित थे।
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