फिरोजाबाद में दो सिपाहियों को बदमाशों ने गोलियों से भूना

फिरोजाबाद में दो सिपाहियों को बदमाशों ने गोलियों से भूना
पथराव में घायल डीआईजी भीड़ को खदेड़ने के प्रयास में आगे बढ़ते हुए
पथराव में घायल डीआईजी भीड़ को खदेड़ने के प्रयास में आगे बढ़ते हुए

कानून व्यवस्था को लेकर उत्तर प्रदेश सरकार की लगातार कड़ी आलोचना हो रही है, वहीं स्थिति में सुधार होने की जगह कानून व्यवस्था की धज्जियां लगातार उड़ रही हैं। ताज़ा घटना फिरोजाबाद की है, यहाँ बदमाशों ने रविवार रात्रि दो सिपाहियों को ही मौत के घाट उतार दिया। घटना के बाद परिजनों और आक्रोशित भीड़ ने हाइवे जाम कर दिया, जिसे खुलवाने के प्रयास में उग्र भीड़ ने पुलिस पर पथराव कर दिया। पथराव में डीआईजी आगरा विजय सिंह मीना सहित तमाम लोग घायल हुए हैं। पुलिस ने भी लाठीचार्ज कर भीड़ को दौड़ा-दौड़ा कर पीटा। थानाध्यक्ष और एक उप निरीक्षक को निलंबित कर दिया गया है, साथ ही मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने शहीद पुलिस आरक्षियों की कर्तव्यनिष्ठा एवं बहादुरी की प्रशंसा करते हुए आश्रितों को 20-20 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है।

घटना के बारे में बताया जाता है कि रविवार रात करीब दो बजे थाना रामगढ़ की चेतक मोबाइल में तैनात सिपाही गिर्राज किशोर और दिनेश प्रताप बदमाशों की मौजूदगी की सूचना पर ठारपूठा क्षेत्र में पहुंचे, जहां पहुंचते ही लगभग आधा दर्जन बदमाशों ने अंधाधुंध गोलियां चलानी शुरू कर दीं, जिससे गिर्राज किशोर की मौके पर ही मौत हो गई और दिनेश प्रताप ने उपचार को आगरा ले जाते समय दम तोड़ दिया।

इससे पहले घायल दिनेश प्रताप ने ही फोन कर थाने में घटना की सूचना दी। सूचना पर समूचे पुलिस प्रशासन में हडकंप मच गया। एएसपी और सीओ रात में ही घटना स्थल पर पहुंच गए। गिर्राज मूलत: आगरा के फतेहाबाद के गांव भलोखरा के निवासी हैं और दिनेश मैनपुरी के गांव नगला किर्री घिरोर के निवासी हैं।

आईजी सुनील कुमार गुप्ता एवं डीआईजी विजय सिंह मीणा भी आज जिला अस्पताल एवं मौके पर पहुंचे। मृतक सिपाहियों के परिजन एएसपी को हटाने और एसओ रामगढ़ अजय यादव के विरुद्ध हत्या का मुकदमा दर्ज करने की मांग करने लगे, जिस पर आश्वासन न मिलने से आक्रोशित परिजन और रिश्तेदारों ने जिला अस्पताल के बाहर हाइवे जाम कर दिया, जिसे किसी तरह पुलिस अधिकारियों ने खुलवाया, तो बाद में भीड़ ने पुनः हाइवे जाम कर दिया और पुलिस के खिलाफ जमकर नारेबाजी करने लगे। इस दौरान हुए पथराव और लाठीचार्ज में डीआईजी सहित तमाम लोग घायल हुए हैं। बाद में कई थानों का फोर्स और पीएसी बुला कर मौके पर तैनात करा दी गई।

मृतक सिपाही दिनेश प्रताप के पिता ईश्वर दयाल निवासी मैनपुरी ने प्रार्थना पत्र देकर थानाध्यक्ष रामगढ़ अजय यादव के विरुद्ध साजिशन हत्या कराने का आरोप लगाते हुए एसपी से मुकदमा दर्ज कराने की मांग की है। आईजी ने एसओ रामगढ़ अजय यादव एवं हलका इंचार्ज एसआई उमर फारुख को निलंबित कर दिया है। उधर मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने शहीद पुलिस आरक्षियों की कर्तव्यनिष्ठा एवं बहादुरी की प्रशंसा की, साथ ही उन्होंने शहीदों के परिजनों के प्रति अपनी हार्दिक संवेदना व्यक्त की। उन्होंने शहीद आरक्षियों के आश्रितों को 20-20 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा भी की है।

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