अफसरों ने देखी मिनी कुंभ की तैयारियां, एमपी करेंगे उदघाटन

अफसरों ने देखी मिनी कुंभ की तैयारियां, एमपी करेंगे उदघाटन
पूजन करा कर हाथ में रक्षा सूत्र बंधवाते डीएम पवन कुमार, उन्हें निहारते मंडलायुक्त प्रमांशु और अपने धागे को सही करते डीआईजी आशुतोष कुमार।
पूजन करा कर हाथ में रक्षा सूत्र बंधवाते डीएम पवन कुमार, उन्हें निहारते मंडलायुक्त प्रमांशु और अपने धागे को सही करते डीआईजी आशुतोष कुमार।
रूहेलखंड क्षेत्र में कुम्भ के नाम से विख्यात मेला ककोड़ा का उद्घाटन इस बार सांसद धर्मेन्द्र यादव करेंगे, वे 12 नवंबर को दिल्ली से हैलीकॉप्टर द्वारा मेला स्थल पर पहुंचेगे। सांसद पहली बार मेला ककोड़ा का उदघाटन करेंगे। सांसद मेले में लगने वाले टोल टैक्स को माफ कराते रहे हैं, साथ ही मेले को और भव्य बनाने को लेकर दिशा-निर्देश देते रहे हैं, लेकिन अब तक वे व्यस्तताओं के चलते स्वयं उदघाटन नहीं कर पाये थे, वह कमी इस बार पूरी होने जा रही है। तैयारियों को लेकर आज मंडलायुक्त ने मेला स्थल का दौरा किया। मेले में आस्था और श्रद्धा का ध्यान रखते हुए अश्लील कार्यक्रमों का आयोजन पूर्णतयः प्रतिबंधित रहेगा। गंगा में स्नान करने वालों की सुरक्षा हेतु पहली बार राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) की टीम को भी बुलाया जाएगा। मेले में प्रथम बार एलोपैथी के अलावा आयुर्वेदिक, यूनानी एवं होम्योपैथी के अस्थाई चिकित्सालयों की स्थापना कराई जायेगी।
बरेली मंडल के आयुक्त प्रमांशु एवं डीआईजी आशुतोष कुमार ने डीएम पवन कुमार तथा एसएसपी महेन्द्र सिंह यादव सहित सभी जिला स्तरीय अधिकारियों के साथ शनिवार को मेला स्थल पर पहुँचकर आयोजन सम्बंधी चल रही तैयारियों की गहन समीक्षा की। गंगा की विधिवत पूजा-अर्चना के पश्चात मण्डलायुक्त एवं डीआईजी ने पहली बार मेला स्थल पर पहुँचकर तैयारियों का जायज़ा लिया। सम्पूर्ण मेला क्षेत्र को सात सेक्टर में बांटा गया है। आयुक्त ने मेले में पॉलिथिन, जुआ, मांस, मदिरा के प्रयोग पर रोक लगाने तथा मेला स्थल को शौच मुक्त रखने पर विशेष ध्यान देने की हिदायत दी है। आयुक्त ने कहा कि मेले में कोई भी खाली स्थान ऐसा नहीं होना चाहिए जहाँ पर्याप्त रोशनी न हो। उन्होंने अग्निशमन वाहनों की समुचित व्यवस्था करने के निर्देश दिए हैं। आयुक्त ने मेले में सफाई व्यवस्था चाक-चौबंद रखने के निर्देश देते हुए कहा कि जनरेटर की पर्याप्त व्यवस्था की जाए और भीड़ पर विशेष ध्यान दिए जाने की आवश्यकता है। आयुक्त ने गंगा में मोटरबोट लगाकर लाउडस्पीकर से गहरे पानी के सम्बंध में चेतावनी हेतु निरंतर ऐलान कराने के निर्देश दिए हैं। आयुक्त ने कहा कि सभी जिला स्तरीय अधिकारियों का यह दायित्व है कि उनके कार्यक्षेत्र के बाहर भी यदि कोई कार्य है तो भी सम्बंधित अधिकारी तक उसकी सूचना आवश्य दी जाए, जिससे मेले में किसी प्रकार कोई अप्रिय घटना न होने पाए।
मेला स्थल पर तैयारियों को लेकर चर्चा करते डीएम, मंडलायुक्त, डीआईजी और एसएसपी।
मेला स्थल पर तैयारियों को लेकर चर्चा करते डीएम, मंडलायुक्त, डीआईजी और एसएसपी।
डीआईजी आशुतोष कुमार ने सुरक्षा कर्मियों के पास ड्रेगन लाइट की व्यवस्था रखने के निर्देश एसएसपी को दिए हैं। उन्होंने कहा कि गंगा में बल्लियों तथा रस्से के माध्यम से बैरीकेटिंग कराने, खतरे के संकेत एवं साईन बोर्ड लगाए जायें। उन्होंने एसओ कादरचौक/मेला पुलिस अधिकारी रुकुम पाल सिंह को हिदायत दी है कि मेला अवधि में विशेष सर्तकता के साथ अपने पदीय दायित्वों को अंजाम दिया जाए। जिलाधिकारी पवन कुमार ने आयुक्त को अवगत कराया कि मेले में पहली बार बीएसएनएल के अस्थाई टावर की स्थापना हेतु प्रयास किए जा रहे हैं और सीसीटीवी कैमरे की डिस्प्ले देखने के लिए एक नोडल अधिकारी भी नामित कर दिया गया है। मेला परिसर में 350 हैण्डपम्प और पानी के टैंकरों की व्यवस्था की गई है। 200 अस्थाई शौचालयों की स्थापना के साथ ही आठ मोबाइल शौचालय भी लगाए जायेंगे। एसएसपी महेन्द्र सिंह यादव ने मेला अधिकारी/एसडीएम सदर जंगबहादुर यादव तथा मेला पुलिस अधिकारी/एसओ कादरचौक से कहा कि 13 एवं 14 नवम्बर को मुख्य स्नान होने के कारण विशेष भीड़ भी होगी, इसलिए सर्तकता बरतें। उन्होंने कहा कि वाहनों की पार्किंग के लिए समुचित व्यवस्था कराई जाए। इस अवसर पर सीडीओ अच्छे लाल सिंह यादव, एडीएम प्रशासन अजय कुमार श्रीवास्तव तथा एसपी आरए संजय राय सहित अन्य जिला स्तरीय अधिकारी मौजूद रहे।
संबंधित खबर पढ़ने के लिए क्लिक करें लिंक

Leave a Reply