सरकार निवेश का माहौल बनाने में कामयाब हुई: अखिलेश

सरकार निवेश का माहौल बनाने में कामयाब हुई: अखिलेश
लखनऊ स्थित इन्दिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित उत्तर प्रदेश उद्यमी महासम्मेलन को सम्बोधित करते मुख्यमंत्री अखिलेश यादव।
इन्दिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित उत्तर प्रदेश उद्यमी महासम्मेलन को सम्बोधित करते मुख्यमंत्री अखिलेश यादव।
मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कहा है कि उद्योग जगत आगे बढ़ेगा, तो उत्तर प्रदेश भी तरक्की करेगा। उन्होंने भरोसा दिलाया कि उद्यमियों की समस्याओं के समाधान के लिए राज्य सरकार द्वारा सभी जरूरी कदम उठाए जाएंगे। उन्होंने कहा कि औद्योगिक विकास की दिशा में गम्भीरता से काम करते हुए प्रदेश सरकार निवेश का माहौल बनाने में कामयाब हुई है।
श्री यादव आज लखनऊ स्थित इन्दिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित उत्तर प्रदेश उद्यमी महासम्मेलन- 2014 को सम्बोधित कर रहे थे। कार्यक्रम का आयोजन इण्डियन इण्डस्ट्रीज एसोसिएशन द्वारा राज्य सरकार के सहयोग से किया गया था। सम्मेलन में सूक्ष्म, लघु तथा मध्यम उद्योग के प्रतिनिधि मौजूद थे।
उद्योग बन्धु व्यवस्था को वर्तमान सरकार द्वारा बेहतर किए जाने का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि इसे सुदृढ़ करने के लिए कार्य किया जाएगा। उन्होंने एकल खिड़की व्यवस्था, उद्योग स्थापना तथा उद्योग बन्धु से संबंधित उद्यमियों की व्यवहारिक समस्याओं के समाधान के लिए मुख्य सचिव को कार्यवाही करने के निर्देश दिए। इसके अलावा औद्योगिक भूमि को फ्री-होल्ड किए जाने के अतिरिक्त सर्किल रेट संबंधी प्रकरणों में भी मुख्य सचिव के स्तर से आवश्यक कार्यवाही की जाएगी। औद्योगिक आस्थानों में सड़क, बिजली, जल निकासी आदि के लिए धनराशि की व्यवस्था की जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि वे माह में कम से कम एक दिन उद्यमियों से मुलाकात करने की कोशिश करेंगे। इसके लिए उद्यमियों को पहले से समय नहीं लेना होगा और वे सीधे उनसे भेंट कर सकेंगे। इस दौरान मुख्य सचिव सहित अन्य संबंधित वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहेंगे, ताकि उद्यमियों की समस्याओं का त्वरित समाधान किया जा सके।
श्री यादव ने कहा कि प्रदेश को खुशहाल और विकसित बनाने के लिए कृषि के साथ-साथ उद्योग जगत का योगदान जरूरी है। जिन देशों ने कृषि और उद्योग को प्राथमिकता दी वे मुल्क विकसित और समृद्ध हुए हैं। वैश्वीकरण के साथ-साथ तकनीकी क्षेत्र में हो रहे बदलाव से उद्योग व कारोबार जगत भी प्रभावित हुआ है, जिसके परिणामस्वरूप इस सेक्टर में प्रतिस्पर्धा लगातार बढ़ रही है। आज से 10-15 वर्ष पूर्व काफी लोग इण्टरनेट और कम्प्यूटर के जरिए व्यापार नहीं कर सकते थे, लेकिन अब ई-काॅर्मस के क्षेत्र में तमाम देशी-विदेशी कम्पनियां सक्रिय हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश आबादी के लिहाज से देश का सबसे बड़ा राज्य है। लिहाजा यहां का उपभोक्ता बाजार भी सबसे बड़ा है। प्रदेश का लगभग हर जनपद अपने खास कुटीर उद्योग व हस्तशिल्प के लिए जाना जाता है। इस प्रकार प्रत्येक जिले की अपनी अलग अर्थव्यवस्था है। उन्होंने कहा कि  राज्य सरकार बाहरी निवेश को आकर्षित करने के लिए कई स्तर पर कार्य कर रही है। लेकिन बाहरी निवेश से भी अधिक जरूरी स्थानीय उद्योग का विकास और वृद्धि है।
औद्योगिक निवेश के लिए अच्छी अवस्थापना सुविधाओं के महत्व का उल्लेख करते हुए श्री यादव ने कहा कि राज्य सरकार बुनियादी सुविधाओं के विकास के लिए प्राथमिकता पर कार्य कर रही है। प्रदेश सरकार का प्रयास है कि बिजली सहित सभी अवस्थापना सुविधाओं को बेहतर बनाया जाए। जनपद मुख्यालयों को चार-लेन की सड़कों से जोड़े जाने का उल्लेख करते हुए उन्होंने भदोही तथा बरेली बाईपास के निर्माण की बात भी कही। उन्होंने कहा कि आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस-वे प्रदेश के विकास का एक महत्वपूर्ण माध्यम बनेगा, क्योंकि इसके साथ ही आधुनिक मण्डियों का निर्माण एवं कृषि आधारित उद्योगों का विकास होगा। इससे किसानों, उद्यमियों सहित पूरे राज्य की जनता लाभान्वित होगी। मुख्यमंत्री ने इण्डियन इण्डस्ट्रीज एसोसिएशन की स्मारिका का विमोचन तथा कार्यक्रम स्थल में आयोजित प्रदर्शनी का अवलोकन भी किया।
लघु उद्योग एवं निर्यात प्रोत्साहन राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) भगवत शरण गंगवार ने कहा कि सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योगों को विभाग द्वारा सुविधाएं उपलब्ध करायी जा रही हैं। वर्तमान सरकार से पूर्व राज्य का वार्षिक निर्यात 25 से 30 हजार करोड़ रुपये था, जो अब बढ़कर लगभग 80 हजार करोड़ रुपये हो गया है। उन्होंने यह जानकारी भी दी कि निर्यात प्रोत्साहन संबंधी एसाइड योजना के तहत 113 परियोजनाओं को भारत सरकार द्वारा स्वीकृति प्रदान की गई है।
मुख्य सचिव आलोक रंजन ने कहा कि सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (एम0एस0एम0ई0) के लिए एक पोर्टल तैयार किया जा रहा है। इस पोर्टल में अन्य जानकारियों के साथ-साथ एम0एस0एम0ई0 उत्पादों का विवरण भी उपलब्ध होगा, जो इस श्रेणी के उद्यमियों को एक बड़े बाजार की सुविधा दिलाने में उपयोगी साबित होगा। उन्होंने यह भी बताया कि एकल खिड़की सुविधा को जनहित गारण्टी अधिनियम में शामिल करने का निर्णय भी लिया गया है।
प्रमुख सचिव सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम तथा निर्यात प्रोत्साहन विभाग महेश कुमार गुप्ता ने अपने सम्बोधन में विभाग द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं की जानकारी प्रदान की। उन्होंने कहा कि यह सेक्टर औद्योगिक विकास में महत्वपूर्ण योगदान देता है।
कार्यक्रम के दौरान इण्डियन इण्डस्ट्रीज एसोसिएशन के अध्यक्ष प्रमोद मिगलानी, वरिष्ठ उपाध्यक्ष मनीष गोयल तथा महासचिव नीरज सिंघल ने भी अपने विचार व्यक्त किए। इस अवसर पर शासन-प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी तथा प्रदेश के विभिन्न जनपदों से आए उद्यमी मौजूद थे।

One Response to "सरकार निवेश का माहौल बनाने में कामयाब हुई: अखिलेश"

  1. IvanSonia   May 25, 2015 at 5:16 AM

    That’s an inventive answer to an inenrtstieg question

    Reply

Leave a Reply