बसपा सरकार के बदनाम एसओ दुर्गेश की बदायूं में आमद

बसपा सरकार के बदनाम एसओ दुर्गेश की बदायूं में आमद
दुर्गेश मिश्रा
दुर्गेश मिश्रा

बसपा सरकार के कुख्यात एसओ दुर्गेश मिश्रा ने जनपद बदायूं में एक बार फिर आमद करा दी है, जिससे दुर्गेश के सताये लोग दहशत में आ गये हैं। कानून को ताक में रखने वाले दुर्गेश के राजनेताओं से गहरे संबंध रहते हैं, जिससे मनचाही तैनाती लेने में कामयाब हो जाता है।

उल्लेखनीय है कि बहुजन समाज पार्टी की सरकार के कार्यकाल में दुर्गेश मिश्रा की बदायूं जनपद में तैनाती थी। फैजगंज बेहटा के एसओ के रूप में दुर्गेश पर एक नाबालिग छात्रा का मानसिक उत्पीड़न करने का आरोप लगा था। आरोप था कि सर्विलांस के जानकार दुर्गेश ने किसी तरह छात्रा का मोबाइल नंबर प्राप्त कर लिया और फिर उसके नंबर पर मैसेज व कॉल कर उसका उत्पीड़न किया। छात्रा झांसे में नहीं आई, तो उसके भाई को भी बेवजह हवालात में बंद करने का आरोप लगा था, जिसके बाद उस समय के एसएसपी ने दुर्गेश को थाना बिनावर का प्रभारी बना दिया था।

बिनावर थाना क्षेत्र के गाँव अमानाबाद में एक बाल्मीकि परिवार की नाबालिग लड़की का यौन शोषण हुआ, जिस पर बड़ा बवाल हुआ, तो उस समय के मुख्य सचिव शशांक शेखर व डीजीपी विक्रम सिंह हैलीकॉप्टर से मौके पर आये और लापरवाही बरतने वाले दुर्गेश मिश्रा के विरुद्ध कार्रवाई कर गये, जिसके बाद दुर्गेश ने राजनैतिक पहुंच का इस्तेमाल कर गैर जनपद तबादला करा लिया था।

सूत्रों का कहना है कि जनपद पीलीभीत में तैनाती के दौरान एक सिख युवती को लेकर भी दुर्गेश विवादों में रहे हैं, साथ ही पीलीभीत जिले की ही एक महिला जिला पंचायत सदस्य ने भी यौन उत्पीड़न को लेकर प्राथमिकी दर्ज कराई थी। पिछले दिनों पीलीभीत जिले के चर्चित पर्यटन स्थल चूका बीच को बंद होने के बाद खुलवा कर उसमें ठहरने को लेकर दुर्गेश विवादों में चल रहे हैं, इसके अलावा भी अनगिनत मामलों से दुर्गेश का नाम जुड़ा रहा है, ऐसे बदनाम दुर्गेश मिश्रा ने एक बार फिर बदायूं जिले में आमद करा दी है, जिससे दुर्गेश के सताये लोग दहशत में आ गये हैं। यहाँ बता दें कि दुर्गेश सर्विलांस के बहुत अच्छे जानकार हैं, जिससे पुलिस के बड़े अफसर उनके कारनामे नजर अंदाज करते रहते हैं, लेकिन बदायूं में उनके द्वारा किये गये कारनामे अपराध की श्रेणी में आते हैं, इसलिए बदायूं जिले में पुनः तैनाती देना सही नहीं माना जा रहा है।

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