अपर निदेशक (चिकित्सा, स्वास्थ्य) का कार्यालय बना कूड़ा घर

अपर निदेशक (चिकित्सा, स्वास्थ्य) का कार्यालय बना कूड़ा घर
अपर निदेशक (परिवार कल्याण) के कार्यालय के गेट के बाईं ओर जमा गंदगी।
अपर निदेशक (परिवार कल्याण) के कार्यालय के गेट के बाईं ओर जमा गंदगी।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आह्वान पर भले ही देश भर में स्वच्छता अभियान चल रहा हो, लेकिन स्वास्थ्य विभाग के मंडल स्तरीय अफसर पर आह्वान का कोई असर नहीं है। आश्चर्य की बात तो यह है कि वरिष्ठ प्रशासनिक अफसरों को भी यह गंदगी नजर नहीं आ रही।

यूं तो सभी को स्वास्थ्य व स्वच्छता पर ध्यान देना चाहिए, लेकिन स्वास्थ्य विभाग का तो गठन ही इसलिए किया गया है कि वह स्वास्थ्य व स्वच्छता पर विशेष ध्यान दे। स्वास्थ्य विभाग में जमीन पर कार्य करने वाले कर्मचारियों को देखने के लिए जिला स्तर पर अफसर बैठाये गये हैं और उनकी निगरानी मंडल स्तरीय अफसर करते हैं, लेकिन बरेली में बैठने वाले मंडल स्तरीय अफसर अपर निदेशक (चिकित्सा, स्वास्थ्य परिवार कल्याण) के कार्यालय का हाल देखते ही आम आदमी भी बता सकता है कि इस अफसर का कर्तव्य परायढ़ता से दूर का भी कोई वास्ता नहीं है।

अपर निदेशक (परिवार कल्याण) के कार्यालय के गेट की दाईं ओर बना तालाब।
अपर निदेशक (परिवार कल्याण) के कार्यालय के गेट के दाईं ओर बना तालाब।

गेट के सामने की गंदगी का अंबार जमा है। गेट के बाईं ओर सालों से गंदगी जमा है, वहीं गेट के दाईं ओर तो तालाब ही बन गया है, जिसमें पूरे दिन सूअर पड़े रहते हैं। कार्यालय के अंदर भी ऐसा ही कुछ नजारा है। चारों ओर गंदगी ही नजर आती है। बरेली में मंडलायुक्त भी बैठते हैं, उनकी नजर भी ऐसे स्थानों पर नहीं पड़ती, जिससे मंडल स्तरीय अफसर लापरवाह बने हुए हैं।

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