मुख्य सचिव ने अदालत के नोटिस तामील कराने के निर्देश दिए

मुख्य सचिव ने अदालत के नोटिस तामील कराने के निर्देश दिए
वीडियो कांफ्रेंस में अधिकारियों को निर्देश देते मुख्य सचिव आलोक रंजन।
वीडियो कांफ्रेंस में अधिकारियों को निर्देश देते मुख्य सचिव आलोक रंजन।
उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव आलोक रंजन ने मण्डलायुक्तों एवं जिलाधिकारियों को निर्देश दिये कि आगामी 06 दिसम्बर को आयोजित होने वालीे राष्ट्रीय मेगा लोक अदालत के सफल क्रियान्वयन हेतु जनपद स्तर पर नामित नोडल अधिकारियों को निर्देश निर्गत कर दिये जायें कि प्रति दिन जिला जज से सम्पर्क कर चिन्हांकित वादों की सूची उन्हें उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें, ताकि वर्षों के लम्बित मुकदमों का निस्तारण प्राथमिकता से सुनिश्चित हो सके तथा प्रदेश के नागरिकों को न्याय मिल सके। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय मेगा लोक अदालत का आयोजन गरीब जनता को त्वरित न्याय प्रदान कराने हेतु तहसील स्तर तक आयोजित कराया जा रहा है। उन्होंने कहा कि अदालत की नोटिस समय से तामील कराना सुनिश्चित किया जाय, ताकि वादकारी अपने मुकदमों की पैरवी हेतु न्यायालय पर समय से पहॅुच सकें। उन्होंने कहा कि यह प्रयास किया जाय कि राष्ट्रीय मेगा लोक अदालत के सफल क्रियान्वयन मे सहयोग करने हेतु अपर जिलाधिकारियों को नोडल अधिकारी नामित किया जाय। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजनों से अधिक से अधिक लम्बित वादों के निस्तारण होने के साथ-साथ वर्षों से परेशान वादी को त्वरित न्याय मिल सकेगा।

अदालत द्वारा बदायूं के एसएसपी के नाम जारी किया गया पत्र।
अदालत द्वारा बदायूं के एसएसपी के नाम जारी किया गया पत्र।
मुख्य सचिव गुरूवार को योजना भवन में वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से आवश्क निर्देश दे रहे थे। उन्होंने कहा कि परिवहन, व्यापार कर आदि समस्त विभागों के लम्बित वादों को चिन्हाॅंकित कर उनकी सूची नवम्बर माह के पहली, ग्यारवीं, इक्कीसवीं तिथि को संबंधित जिला जज एवं राज्य विधिक प्राधिकरण को अवश्य उपलब्ध करा दी जाय। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय मेगा लोक अदालत के माध्यम से अविवादित दाखिल खारिज, मेड़बंदी के वाद, भू-राजस्व अधिनियम से संबंधित वाद, जमींदारी उन्मूलन एवं भूमि सुधार अधिनियम के वाद, स्टाम्प संबंधी प्रकरण, शमनीय दाण्डिक मामले, शमनीय उपयुक्त चालानी प्रकरण, 107/109 सीआरपीसी के प्रकरण, चकबंदी प्रकरण, विद्युत देयता प्रकरण, जनहित गारन्टी अधिनियम से संबंधित, जलकर, गृहकर व अन्य मामले शासकीय कल्याणकारी योजनाओं के अंतर्गत लाभ प्रदान करने से संबंधित, मनरेगा प्रकरण, नगर पालिका, नगर निगम टैक्स प्रकरण, भूमि अध्याप्ति प्रकरण तथा श्रम अधिनियमों के अंतर्गत आने वाले प्रकरणों को चिन्हांकित कर ऐसे वादों का निस्तारण कराया जा सकता है। वीडियो कान्फ्रेन्सिंग में प्रमुख सचिव गृह देवाशीष पाण्डा सहित न्याय विभाग के वरिष्ठ अधिकारीगण उपस्थित थे।
उधर बदायूं पुलिस की लापरवाही का आलम यह है कि अदालत एसएसपी को विशेष टिप्पणी सहित नोटिस जारी कर रही है, लेकिन पुलिस अभियुक्तों को गिरफ्तार करने को तैयार नहीं है। बदायूं जिले के बिल्सी थाना क्षेत्र में स्थित गाँव परौली निवासी रामबाबू, हरीबाबू और रामगोपाल की गिरफ्तारी को लेकर अदालत लगातार वारंट जारी कर रही है, लेकिन पुलिस अभियुक्तों को गिरफ्तार नहीं कर रही है। अदालत ने एसएसपी को नोटिस जारी किया है।

Leave a Reply