मंत्री के संरक्षण के अहंकार में डीडीओ ने पत्रकार को धमकाया

मंत्री के संरक्षण के अहंकार में डीडीओ ने पत्रकार को धमकाया
उत्तर प्रदेश सरकार के 10 मार्च 2014 के शासनादेश की छायाप्रति।
उत्तर प्रदेश सरकार के 10 मार्च 2014 के शासनादेश की छायाप्रति।
उत्तर प्रदेश सरकार के 10 मार्च 2014 के शासनादेश की छायाप्रति।
उत्तर प्रदेश सरकार के 10 मार्च 2014 के शासनादेश की छायाप्रति।
उत्तर प्रदेश सरकार के 10 मार्च 2014 के शासनादेश की छायाप्रति।
उत्तर प्रदेश सरकार के 10 मार्च 2014 के शासनादेश की छायाप्रति।
उत्तर प्रदेश सरकार के 10 मार्च 2014 के शासनादेश की छायाप्रति।
उत्तर प्रदेश सरकार के 10 मार्च 2014 के शासनादेश की छायाप्रति।

बदायूं में जिला विकास अधिकारी के पद पर तैनात प्रदीप कुमार “सोम” उच्च राजनैतिक संरक्षण प्राप्त होने के कारण खुली गुंडई पर उतर आये हैं खबरों को लेकर बौखलाये प्रदीप कुमार आज एक पत्रकार से भिड़ गये और चीखते हुए फर्जी मुकदमा लिखाने की धमकी तक देने लगे समूचा प्रकरण मुख्य विकास अधिकारी देवेन्द्र कुमार के संज्ञान में भी पहुंचा, तो वे अपने कार्यालय से निकल कर बाहर आ गये, लेकिन खुली गुंडई करने वाले अपने अफसर का ही पक्ष लेते नजर आये

घटना आज दोपहर करीब एक बजे की है विकास भवन परिसर में गाड़ी में बैठे जिला विकास अधिकारी प्रदीप कुमार “सोम” से कुछ परेशान महिलायें व पुरुष बात कर रहे थे, इस बीच हिन्दुस्तान अखबार के तेजतर्रार रिपोर्टर ओमेन्द्र सिंह फोटोग्राफर के साथ पहुंच गये और पीछे खड़े होकर बात सुनने लगे, साथ ही फोटोग्राफर फोटो खींचने लगे, इस पर प्रदीप कुमार “सोम” कुछ जाने-समझे बिना ओमेन्द्र सिंह से अभद्रता करने लगे। गाड़ी से बाहर निकल आये और चीखते हुए कहने लगे कि तुम्हारी विकास भवन परिसर में मेरी बिना अनुमति के घुसने की हिम्मत कैसे हुई, मेरी बिना अनुमति के फोटो कैसे खींचा, यह सब कर के मुझ पर दबाव बनाना चाहते हो, मुझे डराना चाहते हो, अभी एसएसपी को फोन करता हूँ, अभी मुकदमा लिखाता हूँ, यह सब बोलते हुए वे सीडीओ के कार्यालय में घुस गये और वहां भी चीखते हुए कहने लगे कि एक पत्रकार उनके साथ बदतमीजी कर रहा है, उनकी बात सुन कर सीडीओ देवेन्द्र कुमार भी बाहर आ गये और प्रकरण समझने के बावजूद वे भी अपने ही अफसर का पक्ष लेते नजर आये, साथ ही कहने लगे कि हिन्दुस्तान अखबार वालों को विकास भवन में घुसने मत दिया करो, जबकि ओमेन्द्र सिंह सिर्फ रिपोर्टिंग कर रहे थे

असलियत में ओमेन्द्र विकास भवन स्थित कार्यालयों की गड़बड़ी और अनियमिततायें लगातार प्रकाशित कर रहे हैं, जिससे जिला विकास अधिकारी प्रदीप कुमार “सोम” के साथ अन्य बड़े अफसर भी उनसे चिढ़ने लगे हैं और उसी चिढ़ में प्रदीप कुमार आज ओमेन्द्र से बेवजह भिड़ गये। आशंका यह भी है कि उन्हें यह लगा होगा कि फोटोग्राफर ने गाड़ी में बैठे हुए उनका फोटो खींचा है, जिस पर नीली बत्ती भी लगी थी नियमानुसार जिला विकास अधिकारी नीली बत्ती नहीं लगा सकते, लेकिन प्रदीप कुमार “सोम” नीली बत्ती लगा कर चलते हैं

यहाँ यह भी बता दें कि प्रदीप कुमार “सोम” को बदायूं में जिला विकास अधिकारी के पद पर तैनात हुए चार वर्ष हो चुके हैं बसपा सरकार में उनकी यहाँ तैनाती हुई थी, लेकिन उनके संबंध सपा सरकार में भी शीर्ष नेताओं से बताये जाते हैं सूत्र तो यह भी बताते हैं कि प्रदीप कुमार स्वयं को प्रदेश सरकार में मंत्री अरविंद सिंह “गोप” को अपना रिश्तेदार भी बताते हैं पिछले लोकसभा चुनाव के दौरान आयोग ने तीन वर्ष से अधिक समय से तैनात अफसरों को हटाने के निर्देश दिए, तो जिलाधिकारी स्तर से दबाव में प्रदीप कुमार का नाम पुराने अफसरों की सूची में भेजा ही नहीं गया, जिससे उन्हें नहीं हटाया गया पद पर बने रहने और मनमानी करने तक तो ठीक था, लेकिन प्रदीप कुमार तो अब खुली गुंडई पर ही उतर आये हैं, जिससे पत्रकारों में रोष व्याप्त है

नीली बत्ती लगी गाड़ी में बैठे डीडीओ प्रदीप कुमार "सोम" परेशान महिला व पुरुषों से बात करते हुए।
नीली बत्ती लगी गाड़ी में बैठे डीडीओ प्रदीप कुमार “सोम” परेशान महिला व पुरुषों से बात करते हुए।

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