बिहार के भाजपा नेता रामेश्वर चौरसिया का कैरियर दांव पर

बिहार के भाजपा नेता रामेश्वर चौरसिया का कैरियर दांव पर
भाजपा नेता रामेश्वर चौरसिया
भाजपा नेता रामेश्वर चौरसिया

जानी-मानी पत्रकार रूबी अरुण ने बिहार के भाजपा नेता रामेश्वर चौरसिया के बारे में अपनी फेसबुक वॉल पर ऐसा खुलासा किया है, जिसे पढ़ कर अधिकाँश यूजर स्तब्ध हैं। उन्होंने एक पोस्ट 3 सितंबर को शेयर की, जिसमें उन्होंने लिखा कि एक रंगीले भाजपा नेता के किस्से सुबूत सहित भाजपा अध्यक्ष अमित शाह तक पहुंच गये हैं, इस प्रकरण में उन्होंने एक पोस्ट आज 4 सितंबर को भी शेयर की है, जिसमें उक्त नेता ने फोन कर उनसे पोस्ट रिमूव करने का निवेदन करते हुए कुछ कहा, वह सब भी रूबी अरुण ने शेयर किया है और नेता का नाम भी लिख दिया है, जिससे सब कुछ स्पष्ट हो गया है। अंदर की बात बाहर आ गई है, जिससे अब सभी की नजरें भाजपा हाईकमान की ओर टिक गई हैं कि हाईकमान अब रामेश्वर चौरसिया के बारे में क्या निर्णय लेगा? वरिष्ठ पत्रकार रूबी अरुण की दोनों पोस्ट नीचे दी जा रही हैं।

– संपादक

3 सितंबर की पोस्ट

“मेरा आमना-सामना अमित शाह के करीबी समझे जानेवाले बिहार भाजपा के एक अविवाहित युवा नेता से बड़े दिनों बाद हुआ… मैं उनकी लटकी हुयी सूरत देख हैरान रह गयी… क्योंकि मैंने इन्हें लोकसभा चुनावों के वक़्त… बड़े जोशो खरोश से मोदी-मोदी करते हुए हर जगह अमित शाह के कंधे से कंधा मिला कर चुनाव प्रचार करते देखा था… खासकर बनारस से मोदी का परचम थामे, उनका गुणगान करते वे प्रायः टी वी चैनल पर नज़र आ जाते थे… मैंने उनका हाल चाल पूछा तो बड़ी ही मरियल सी मुस्कराहट के साथ उनका अवसाद भरा जवाब मिला… मैं परेशान ….!! माजरा क्या है आखिर ….?? तो मुझे जवाब अमित शाह की टीम के दूसरे नेता से मिला…
पता चला कि जनाब को पहले तो लोकसभा टिकट मिलने की उम्मीद थी, नहीं मिली तो तसल्ली कर लिया कि कोई बात नहीं, अमित शाह की टीम में उनके फर्माबदार करीबी बन कर राज सुख तो भोग ही लेंगे… पर यहाँ उनकी किस्मत ने नहीं, गन्दी आदतों ने दगा दे दिया…
जब अमित शाह ने अपनी नयी टीम की घोषणा की तो भी इनका नाम गायब था… लिहाज़ा आनन्-फानन में पहुँच गए ये, अमित शाह के पास कारण पूछने… अमित शाह ने जवाब देने की बजाय एक सीडी उनके हाथ में रख दी… पता चला की इस सीडी में उस युवा नेता की वो हरकतें कैद हैं, जो उन्होंने पिछले महीने अपने अमेरिका प्रवास के दौरान होटल के कमरे में कीं थीं… अब ना तो कुछ कहने को बचा था… ना ही सुनने को… तब से बिचारे सदमे की हालत में ही हैं… दोस्तों से दर्द बांटते हुए अफ़सोस जताते हैं कि… यार जो मालूम होता कि कुछ पलों की मौज, पूरी ज़िन्दगी की मेहनत पर मिटटी डाल देगी… तो कभी ये गलती ना करता…”

4 सितंबर की पोस्ट … 

“अभी-अभी रामेश्वर चौरसिया का फोन आया हमारे पास… भाजपा अध्यक्ष अमित शाह के प्रिय ये बिहार के वही युवा नेता हैं, जिनका जिक्र हमने कल के अपने एक पोस्ट में किया था… बेहद विनम्रता से उन्होंने कहा कि रूबी जी… आपने हमारे बारे में जो पोस्ट अपने पटल पर डाला है, उसे हटा लीजिये… क्योंकि उससे हमारा चरित्र हनन हो रहा है… कल से हमारे पास दिल्ली से पटना तक के जाने कितने लोगों के फोन चुके हैं इस बाबत….
हमने उनसे कहा कि… हमने किसी का नाम तो लिखा ही नहीं है… तो भला आप क्यूँ परेशान हैं ??
तो बड़ी ही संजीदगी से कहने लगे कि… मैडम, जो हमें जानते हैं… वो तो समझ ही जा रहे हैं कि आपने हमारे बारे में ही लिखा है… देखिये, मैडम यह हमारे विरोधियों का हमारे खिलाफ कुचक्र है…. खासकर बिहार के सबसे कद्दावर भाजपा नेता, हमारे खिलाफ अपने समर्थकों से दुष्प्रचार करवाते रहते हैं… क्योंकि हम उनकी जी–हुजूरी नहीं करते… हम अमेरिका गए ज़रूर थे एक सम्मलेन में… लेकिन हम किसी होटल में नहीं ठहरे थे… वाशिंगटन में भाजपा के एक समर्पित कार्यकर्ता हैं… भार्गव साहिब… उनका बहुत बड़ा घर है वहां… हम, दूसरे भाजपा कार्यकर्ताओं के साथ वहीँ रुके थे… हमारी ज़िन्दगी में ऐसी ओछी हरक़तों की कोई जगह नहीं है… कॉलेज के ज़माने में हमने अपनी गर्ल फ्रेंड से शादी करनी चाही थी, पर किसी कारण से ना हो सकी… तब हमने शादी करने तक का विचार त्याग दिया… और अपने आपको पूरी तरह पार्टी की सेवा में समर्पित कर दिया… आप तो हमसे मिल चुकी हैं… क्या हम आपको कभी इस किस्म के आदमी लगे हैं? बताईये… मुझे जब पता चला की मेरे विरूद्ध साजिशन इस किस्म की शिकायतें अध्यक्ष जी (अमित शाह) के पास भी लोगों ने पहुँचाने की कोशिश की थीं… तो मैं उनसे भी मिला… अध्यक्ष जी ने मुझे आश्वस्त किया कि… तुम इन बातों पर कान मत रखो और जाकर क्षेत्र में लोगों से मिलो-जुलो… काम करो… तो मैं चला आया और अपने जनसंपर्क के काम में लग गया… बिहार के जो ये स्वयं-भू भाजपा नेता है… वो सिर्फ मेरा ही नहीं, प्रदेश में पार्टी का भी बड़ा नुकसान कर रहे हैं… इन्हीं के विरोध की वज़ह से मुझे लोकसभा में टिकट नहीं मिला….
बहरहाल, बहुत देर तक रामेश्वर चौरसिया अपनी बात कहते रहे… हम सुनते रहे ….
आखिर में हमने कहा कि… रामेश्वर जी, हम अपनी पोस्ट हटायेंगे तो नहीं, पर हाँ आपकी बात को भी हम अपने पटल पर रख देंगे…
एक पत्रकार के नाते ऐसा करना हमारा दायित्व भी है…
सच क्या है और झूठ क्या… अब यह तो हम तय नहीं कर सकते… पर हाँ बिहार भाजपा एक बड़े नेता की वज़ह से ज़बरदस्त अंदरूनी कलह से जुझ रही है… इस बहाने यह बात तो साबित हो ही जाती है…”

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