सकारात्मक विचारधारा से योजना को गति दें: पूनम

सकारात्मक विचारधारा से योजना को गति दें: पूनम

बाल संरक्षण समिति की बैठक की अध्यक्षता करते हुए जिला पंचायत अध्यक्ष, पूनम यादव व सह-अध्यक्ष जिलाधिकारी शंभूनाथ।
बाल संरक्षण समिति की बैठक की अध्यक्षता करते हुए जिला पंचायत अध्यक्ष, पूनम यादव व सह-अध्यक्ष जिलाधिकारी शंभूनाथ।

बदायूं जनपद, ब्लाक एवं ग्राम स्तर पर बाल संरक्षण समिति गठित कर आर्थिक अभाव से बच्चों का लालन पालन न करने वाले गरीब परिवारों का चिन्हीकरण कर रोजगार परक योजनाओं से अभिभावकों को लाभान्वित करके परिवारों को सशक्त बनाया जाएगा।
विकास भवन स्थित सभाकक्ष में सोमवार को जिला पंचायत अध्यक्ष, पूनम यादव की अध्यक्षता में बाल संरक्षण समिति की प्रथम बैठक आयोजित हुई। बाल संरक्षण समिति में जिलाधिकारी को सह-अध्यक्ष शासन द्वारा नामित किया गया है।
समेकित बाल संरक्षण योजना के तहत जनपद में 18 वर्ष से कम आयु के बालक/बालिकाओं हेतु बाल संरक्षण के सशक्त संरक्षणात्मक प्रवेश का निर्माण, उचित पालन पोषण करने, परिवार की देख-रेख पाने, प्रतिष्ठा के साथ रहने एवं बच्चों को हिंसा, दुव्यर्वहार से बचाने के उद्देश्य से ब्लाक स्तर पर ब्लाक प्रमुख, ग्राम स्तर पर ग्राम प्रधान की अध्यक्षता में इन समितियों का गठन किया जाएगा। ब्लाक तथा ग्राम वाल संरक्षण समिति अपने अपने क्षेत्र में परित्यक्त नवजात शिशुओं के मिलने पर तत्काल थाने, जनपद की बाल कल्याण समिति एवं जिला बाल संरक्षण अधिकारी तथा जिला प्रोबेशन अधिकारी को तत्काल सूचित करेंगी, जिसे प्राप्त परित्यक्त नवजात शिशु को तत्कालिक संरक्षण तथा चिकित्सा सुविधा प्राप्त हो सके।
जिला पंचायत अध्यक्ष पूनम यादव ने शासन की इस योजना की प्रशंसा करते हुए कहा कि सभी सम्बंधित अधिकारी इस योजना को गति प्रदान करने हेतु सकारात्मक विचारधारा के साथ जुड़ें और योजना का लाभ पात्र लोगों तक पहुंचाएं। उन्होंने कहा कि रेस्टोरेंट, होटलों, खतरनाक एवं गैर खतरनाक स्थानों पर काम करने वाले बच्चों का चिन्हीकरण करें और दबाव में कार्य कराने वाली संस्थाओं के विरूद्ध कार्रवाई कराई जाए।
जिलाधिकारी शम्भू नाथ ने जिला पंचायत अध्यक्षा को आश्वस्त करते हुए कहा कि शासन द्वारा लिए गए निर्णय के अनुसार बाल विकास, शिक्षा, स्वास्थ्य, पुलिस आदि विभागों के अधिकारियों को सौंपे गए दायित्वों का भली-भांति निर्वहन कराया जाएगा। उन्होंने कहा कि सभी अधिकारी बच्चों के प्रति संवेदनशीलता रखते हुए अपने कर्तव्यों का पालन करेंगे। जिलाधिकारी ने बच्चों को अगवा करके अपनी मनमर्जी के अनुसार कार्य कराने के संबंध में जीआरपी पुलिस के अधिकारी को निर्देशित किया कि वह इस पर विशेष निगाह रखें।
इससे पूर्व अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति अत्याचार उत्पीड़न आर्थिक सहायता के अंतर्गत 42 प्रकरण प्रस्तुत किए गए, जिसमें 49 लाभार्थियों को 12 लाख रूपए का अनुदान स्वीकृति के बाद उनके खातों में भेेजा जा चुका है। एकीकरण समिति की भी बैठक आयोजित हुई। इस अवसर पर जिला विकास अधिकारी प्रदीप कुमार सोम, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी कृपा शंकर वर्मा, जिला विद्यालय निरीक्षण बीना यादव, परिवहन विभाग से यात्रीकर अधिकारी योगेन्द्र कुमार, जिला समाज कल्याण अधिकारी कुसुम कुमरा, राम गोपाल सिंह चौहान, बाल संरक्षण अधिकारी रमाकांत शर्मा सहित अन्य संबंधित अधिकारीगण मौजूद रहे।

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