बदायूं जिले में कुछेज लोगों द्वारा पहले मुकदमा दर्ज कराया जाता है, फिर किन्हीं कारणों से बयान बदल दिये जाते हैं, ऐसे लोगों के कारण पुलिस और न्यायालय का कीमती समय बर्बाद होता है, इस समय का सदुपयोग करते हुये पुलिस किसी दुर्दांत बदमाश के विरुद्ध कार्य कर सकती थी एवं न्यायालय भी किसी गंभीर मुकदमे में आदेश पारित कर सकता था लेकिन, निजी स्वार्थों की पूर्ति करने वालों के कारण पुलिस और न्यायालय का समय बर्बाद हो गया, ऐसे लोगों को लेकर न्यायालय अब गंभीर होते जा रहे हैं और निजी स्वार्थों की पूर्ति करने के चलते बयान बदलने वालों के विरुद्ध कार्रवाई कर रहे हैं।
कस्बा वजीरगंज निवासी भाजपा के पूर्व मंडल अध्यक्ष अनुज सक्सेना ने 13 अप्रैल 2022 को गोपालपुर निवासी महेंद्र के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कराया था, जिसमें आरोप था कि महेंद्र ने सोशल साइट्स पर मुख्यमंत्री आदित्यनाथ योगी को मां-बहन की गंदी-गंदी गालियां दी हैं, जिसका वीडियो उसके पास है। पुलिस ने साक्ष्य जुटा कर और विवेचना कर आरोप पत्र न्यायालय में प्रेषित कर दिया, जिस पर सुनवाई के दौरान अनुज सक्सेना ने न्यायालय में कहा कि उसके पास कोई वीडियो नहीं है, साथ ही कहा कि महेंद्र को व्यक्तिगत रूप से जानता है, वह भले व्यक्ति हैं, उन्होंने उसे धमकी भी नहीं दी थी, यह भी कहा कि पुलिस ने उसकी ओर से जो बयान लिखा है, वह गलत है, इसी तरह अन्य गवाहों ने भी अपने बयान बदल दिये।
वादी और गवाहों के द्वारा बयान बदलने के कारण मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट द्वारा महेंद्र को दोष मुक्त कर दिया गया। आदेश में मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट मोहम्मद तौसीफ रजा ने यह भी लिखा है कि अनुज के विरुद्ध भारतीय दंड संहिता 344 के अंतर्गत अलग से मुकदमा दर्ज कर सम्मन भेज कर तलब किया जाये। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट मोहम्मद तौसीफ रजा द्वारा वादी के विरुद्ध किया गया आदेश चर्चा का विषय बना हुआ है।
इसी तरह अपर सत्र न्यायाधीश एवं विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट द्वारा कस्बा बिल्सी में हुई जघन्य वारदात में जाने आलम उर्फ जैना को दोषी करार देते हुये मृत्यु दंड की सजा सुनाई जा चुकी है। विशेष लोक अभियोजक पॉक्सो एक्ट प्रदीप भारती ने बताया कि दांडिक प्रकीर्ण संख्या- 252/2025 में मृतका के मामू परवेज को वादी पक्ष ने गवाह के रूप में न्यायालय में प्रस्तुत किया था, जिसने एक निर्दोष व्यक्ति को फंसाने का प्रयास किया था, इसकी झूठी गवाही को गंभीरता से लेते हुये न्यायाधीश दीपक यादव ने मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट के न्यायालय में परिवाद चलाने एवं सत्र लिपिक शिवम सिंह को पैरवी करने को अधिकृत किया है। बता दें कि कस्बा बिल्सी में जाने आलम उर्फ जैना ने यौन उत्पीड़न के पश्चात बच्ची को मौत के घाट उतार दिया था।
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