बदायूं महोत्सव में जनता ने नहीं लिया भाग, फ्लॉप

बदायूं महोत्सव में जनता ने नहीं लिया भाग, फ्लॉप
कवियों के साथ मंचासीन सांसद धर्मेन्द्र यादव।
कवियों के साथ मंचासीन सांसद धर्मेन्द्र यादव।

जिला प्रशासन द्वारा आयोजित बदायूं महोत्सव पूरी तरह फ्लॉप हो चुका है जन भावनाओं के विपरीत किये गये आयोजन में जनता ने भागीदारी नहीं की, जिससे आयोजकों की फजीहत भी हो रही है

महोत्सव के पंडाल में खाली नजर आतीं अधिकांश कुर्सियां।
महोत्सव के पंडाल में खाली नजर आतीं अधिकांश कुर्सियां।

उल्लेखनीय है कि अंग्रेजों द्वारा स्थापित बदायूं क्लब के अध्यक्ष डीएम होते हैं। राजनैतिक वातावरण अनुकूल होते ही कुछ लोग स्वयं की ब्रांडिंग करने के उददेश्य से बदायूं महोत्सव का आयोजन करते हैं और शासन-प्रशासन की मदद से अफसरों और कर्मचारियों के साथ जिले भर के धनपतियों, व्यापारियों व माफियाओं से उगाही कर दो-तीन दिन मौज लेते हैं। इस बार भी 11 अप्रैल को सांसद धर्मेन्द्र यादव ने महोत्सव का शुभारंभ किया, लेकिन सांसद धर्मेन्द्र यादव की भागीदारी के बावजूद जनता महोत्सव स्थल की ओर नहीं जा रही। बीती रात भी सांसद मौजूद रहे, पर दस प्रतिशत कुर्सियां भी नहीं भरीं, यही हाल आज का है। रात के 12 बजे तक भी अँगुलियों पर गिनने लायक लोग ही पंडाल में मौजूद हैं। अधिकांश कुर्सियां खाली हैं। जो लोग नजर आ रहे हैं, उनमें अधिकांश आयोजकों और प्रायोजकों के परिजन ही हैं। उनका होना स्वाभाविक ही है, क्योंकि उन्हीं के आनंद के लिए यह आयोजन किया जाता है। बता दें कि बदायूं जिले में कानून व्यवस्था को लेकर हालात दयनीय हैं, साथ ही फसलें बर्बाद होने के कारण किसान लगातार आत्म हत्यायें कर रहे हैं और जिला प्रशासन व नेता महोत्सव का लुत्फ उठा रहे हैं, इसीलिए महोत्सव में जनता नहीं आ रही।

महोत्सव के पंडाल में खाली नजर आतीं अधिकांश कुर्सियां।
महोत्सव के पंडाल में खाली नजर आतीं अधिकांश कुर्सियां।

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