अदालत में शोकावकाश के चलते दलित किशोरी पर निर्णय टला

अदालत में शोकावकाश के चलते दलित किशोरी पर निर्णय टला
पीड़ित दलित किशोरी
पीड़ित दलित किशोरी

बदायूं जिला बार के एक सदस्य की मृत्यु के शोक में अदालतों में कार्य नहीं हुआ, जिससे दलित परिवार की नाबालिग लड़की के संबंध में भी निर्णय सोमवार तक के लिए टल गया। किशोरी को पुनः नारी निकेतन भेज दिया गया है। हालांकि दुष्कर्म की शिकार किशोरी के पिता की ओर से आरोपी विधायक और पुलिस के विरुद्ध प्रार्थना पत्र दिया गया, लेकिन प्रार्थना पत्र पर भी सुनवाई नहीं हो सकी। अदालत में मिलते ही पिता और बेटी आज भी फफक-फफक कर रोये, वहीं किशोरी पिता से घर ले जाने की गुहार लगाती नज़र आई।

जिला जेपी नगर के गाँव दमगढ़ी स्थित जूनियर हाई स्कूल के प्रधानाचार्य द्वारा जारी किये गये स्थानान्तरण प्रमाण पत्र में किशोरी की जन्म तिथि एक जुलाई 1998 है, जबकि डॉक्टर ने उसे बालिग करार दिया है
जिला जेपी नगर के गाँव दमगढ़ी स्थित जूनियर हाई स्कूल के प्रधानाचार्य द्वारा जारी किये गये स्थानान्तरण प्रमाण पत्र में किशोरी की जन्म तिथि एक जुलाई 1998 है, जबकि डॉक्टर ने उसे बालिग करार दिया है

उल्लेखनीय है कि जिला बदायूं स्थित इस्लामनगर थाना क्षेत्र के गाँव नूरपुर पिनौनी निवासी जाटव परिवार की एक 16 वर्षीय किशोरी को विदलेश यादव उर्फ प्रवेश यादव निवासी रामपुर खादर थाना रजपुरा जिला संभल किसी तरह 23 अप्रैल को साथ ले गया था, जिसका थाना इस्लामनगर में मुकदमा दर्ज है। गरीब दलित परिवार की किशोरी की बरामदगी को लेकर पुलिस गंभीर नहीं थी। आरोपी विधायक के दबाव में पुलिस कार्रवाई नहीं कर रही थी, इस बीच दुष्कर्म और दोहरे हत्याकांड की सनसनीखेज घटना को लेकर कटरा सआदतगंज में बसपा सुप्रीमो मायावती आईं, तो पीड़ित दंपत्ति मायावती से मिला, जिसके बाद पुलिस हरकत में आई और पांच मई को किशोरी सहित मुख्य आरोपी गिरफ्तार कर लिया।

गुन्नौर विधान सभा क्षेत्र से सपा विधायक राम खिलाड़ी यादव
गुन्नौर विधान सभा क्षेत्र से सपा विधायक राम खिलाड़ी यादव

पुलिस ने मुख्य आरोपी विद्लेश यादव को तो जेल भेज दिया, लेकिन किशोरी को अपनी हिरासत में ही रखा, जबकि चौबीस घंटे के अंदर उसे भी कोर्ट में पेश करना चाहिए था। मंगलवार को मीडिया के समक्ष किशोरी ने खुलासा किया था कि उसे गुन्नौर विधान सभा क्षेत्र के सपा विधायक राम खिलाड़ी सिंह यादव की कोठी में बंधक बना कर रखा गया, साथ ही विधायक की कोठी पर रख कर उसे प्रताड़ित किया गया। यह खबर प्रसारित होने पर पुलिस ने लड़की को पूरी तरह नज़र बंद कर दिया और उसके परिजनों के थाने में घुसने पर ही प्रतिबंध लगा दिया। पीड़ित पिता का आरोप है कि पुलिस ने उसकी बेटी को विधायक के पक्ष में तोड़ने के लिए रात-दिन प्रताड़ित किया है।

उधर मीडिया का दबाव बनने पर पुलिस ने कल गुरूवार को कोर्ट में किशोरी को पेश किया, जहां उसके कलम बंद बयान दर्ज किये गये और उसे नारी निकेतन भेज दिया गया। किशोरी आज कोर्ट लाई गई, लेकिन शोकावकाश होने के कारण आज कोई निर्णय नहीं हुआ, जिससे किशोरी को पुनः नारी निकेतन भेज दिया गया। अब इस मामले में सोमवार को सुनवाई होगी। उधर पीड़ित पिता ने आज आरोपी विधायक और पुलिस के विरुद्ध एक और प्रार्थना पत्र दिया, लेकिन उस पर भी सुनवाई सोमवार को ही होगी।

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