शिया धर्म गुरु को लेकर आजम खां का ब्लड प्रेशर हुआ हाई

शिया धर्म गुरु को लेकर आजम खां का ब्लड प्रेशर हुआ हाई
आजम खां
आजम खां

उत्तर प्रदेश सरकार के शक्तिशाली मंत्री आजम खां एक बार फिर रूठ गए हैं। शिया वक्फ बोर्ड का चुनाव स्थगित होने से खफा आजम खां सोमवार को मुख्यमंत्री आवास पर आयोजित उर्दू अकादमी के पुरस्कार वितरण समारोह में भी नहीं आये। मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने ही उर्दू के लेखकों व शायरों को पुरस्कार बांटे। इस सब के बीच आजम खां ने शिया धर्मगुरु कल्बे जव्वाद के विरुद्ध हमला ही नहीं बोला है, बल्कि उन्हें झूठा, ब्लैकमेलर और आरएसएस के एजेंडे का प्रचारक तक बता दिया।

प्रदेश के संसदीय कार्य, नगर विकास एवं अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री आज़म ख़ाँ ने कहा कि तथाकथित धर्मगुरू सी0बी0आई0 जाँच के नतीजे आने का इंतजार करें, वह वक़्त दूर नहीं है, जब वक़्फ़ की जायदादों को बेदर्दी से बेचे जाने में उनका, उनके परिवार का व उनके चहेतों का नाम सर-ए-फहरिस्त होगा।
आज़म ख़ाँ ने कहा कि एक धार्मिक मंच से आर0एस0एस0 के एजेण्डे का प्रचार करने वाला इस्लाम के नाम पर कलंक तो हो सकता है, पर धर्मगुरू नहीं हो सकता। रमज़ान के मुक़द्दस महीने में यहूदी लॉबी और बी0जे0पी0 सरकार को खुश करने के लिये रोज़ेदारों को उकसा कर लाठी-गोली खाने के लिये उकसाने वाला, पूरे प्रदेश को अराजकता और आगज़नी के हवाले कर देने वाला कोई धार्मिक व्यक्ति नहीं बल्कि सिर्फ और सिर्फ एक ब्लेकमेलर ही हो सकता है।
शिया वक़्फ़ बोर्ड के चुनाव से दहशतज़दा यह धर्मगुरू चुनाव में मुक़ाबला करने के बजाय उन चौराहों पर हाज़िरी दे रहा है, जिन्हें चुनाव के वक़्त गालियां दे रहे थे और चुनाव बाद सबक़ सिखाने की बात कर रहे थे।
नूर-ए-हिदायत फाउण्डेशन वेबसाइट पर इंसानी जिस्म पर नापाक जानवर का सिर लगाकर अपनी विकृृत मानसिकता का परिचय देने वाला तथाकथित धर्मगुरू चुनाव से इसलिये भाग रहा है, क्योंकि उसके पास अपनी ही शिया बिरादरी के एक चौथाई मेम्बर भी उपलब्ध नहीं हैं।
मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी के लिये ज़हर उगलने वाला तथा-कथित धर्मगुरू मुसलमानों के एक बड़े तबक़े क़ो अपनी नफ़रत व हिक़ारत का निशाना बनाकर आर0एस0एस0 के हाथो शैक्षिक व सामाजिक स्तर पर बर्बाद करना चाहते हैं। वह चाहते हैं कि मुसलामनों के साथ सीरिया व ईराक़ जैसा बर्ताव आर0एस0एस0 करे। ऐसे घिनावने षड्यंत्र की निन्दा करते हुये इस प्रकार के साज़िशी लोगों को यह अच्छी तरह समझ लेना चाहिये कि धार्मिक वेश-भूषा धारण कर लेने से कोई मोहतरम नहीं हो जाता, बल्कि वैसा ही धार्मिक चरित्र व सोच भी होनी चाहिये, जो उस तथा-कथित धार्मिक गुरू में कहीं दूर तक दिखाई नहीं देती।
क़ब्रों की जगह बेचने वाले वक़्फ के मुहाफ़िज़ नहीं हो सकते। मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी के लिये सी0बी0आई0 जाँच का अरमान रखने वाले तथाकथित धर्मगुरू अपने फ़ाशिस्ट आक़ाओं से यह अरमान भी पूरा करायें ताकि मुसलमानों को यह मालूम हो सके कि मीर जाफ़र और मीर सादिक़ अभी भी ज़िन्दा हैं।
यहाँ बता दें कि सपा मुखिया मुलायम सिंह यादव से शिया धर्मगुरु मौलाना कल्बे जव्वाद की मुलाकात हुई, जिसके के कुछ घंटों बाद ही प्रदेश सरकार ने शिया सेंट्रल वक्फ बोर्ड का चुनाव स्थगित कर दिया, जिससे आजम खां नाराज हैं और उन्होंने पूरे प्रकरण को प्रतिष्ठा का प्रश्न बना लिया है, इससे पहले आजम खां सीबीआई जांच की मांग करते हुए मुख्यमंत्री को पत्र भी लिख चुके हैं, जिससे सवाल यह भी उठ रहा है कि सरकार में रहते हुए वह कार्रवाई करने में असहाय क्यूं हैं?

सीबीआई जांच की मांग को लेकर आजम खां द्वारा मुख्यमंत्री को लिखा गया पत्र।
सीबीआई जांच की मांग को लेकर आजम खां द्वारा मुख्यमंत्री को लिखा गया पत्र।

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