ग्रामीण क्षेत्र में आशाओं की भूमिका अहम है: बनवारी

ग्रामीण क्षेत्र में आशाओं की भूमिका अहम है: बनवारी
आशा सम्मेलन में मौजूद मुख्य अतिथि एमएलसी एवं दर्जा राज्यमंत्री बनवारी सिंह यादव, अध्यक्ष सदर विधायक एवं दर्जा राज्यमंत्री आबिद रजा तथा विशिष्ट अतिथि जिलाधिकारी शम्भू नाथ।
आशा सम्मेलन में मौजूद मुख्य अतिथि एमएलसी एवं दर्जा राज्यमंत्री बनवारी सिंह यादव, अध्यक्ष सदर विधायक एवं दर्जा राज्यमंत्री आबिद रजा तथा विशिष्ट अतिथि जिलाधिकारी शम्भू नाथ।

बदायूं के ग्रामीण अंचलों में बुनियादी चिकित्सीय सेवाएं उपलब्ध कराने में आशाओं की अहम भूमिका है। इलाज एवं जानकारी के अभाव में तमाम ग्रामीणों की जिन्दगी खतरे में रहती थी, परन्तु आशाओं के सहयोग से ग्रामवासियों को नया जीवनदान मिलता है। आशाएं अपने तैनाती स्थान पर अन्य शासकीय कर्मियों के साथ समूह के रूप में कार्य करते हुए ग्रामीणों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करें।
एनएमएसएन दास डिग्री कालेज में शनिवार को राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन अंतर्गत आयोजित जिला स्तरीय आशा सम्मेलन में एमएलसी एवं दर्जा राज्यमंत्री बनवारी सिंह यादव ने मुख्य अतिथि, सदर विधायक एवं दर्जा राज्यमंत्री आबिद रजा ने अध्यक्षता तथा जिलाधिकारी शम्भू नाथ सम्मेलन में विशिष्ट अतिथि के रूप में सम्मिलित हुए।
मुख्य अतिथि बनवारी सिंह यादव ने कहा कि आशाएं अपने कर्तव्यों एवं उत्तरदायित्वों को भली-भांति अंजाम देते हुए ग्रामीणों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं देती रहें। उन्होंने कहा कि अपने कर्तव्यों के साथ-साथ ग्रामीणों की सेवा करने में भी उनका कल्याण है। उन्होंने कहा कि अन्य जनपदों की अपेक्षा बदायूॅं जनपद विकास के मामले में अग्रणी है। इस जनपद में विकास तथा जनता को उपलबध कराई जाने वाली सहायता के नाम पर धनराशि की कोई कमी नहीं है। बता दें कि डिग्री कालेज के जिस हॉल में कार्यक्रम आयोजित किया गया था, उसके ऊपर टीन शेड होने के कारण अत्यधिक गर्मी और उमस को दृष्टिगत रखते हुए बनवारी सिंह यादव ने कालेज के प्राचार्य से कहा कि इस हाल का आधुनिकीकरण कराया जाना नितान्त जरूरी है।
सम्मेलन की अध्यक्षता कर रहे आबिद रजा ने कहा कि गरीबों को आवश्यकतानुसार तत्काल स्वास्थ्य सेवाएं मुहैया कराना पुण्य का कार्य है। ग्रामीण क्षेत्रों में टीकाकरण, प्रसव आदि के मौके पर उनकी सहायता करके उन्हें नया जीवनदान दिया जाता है। इसके एवज में गरीबों की दुआओं के साथ उन्हें ईश्वर भी इस सेवा का फल अवश्य देगा। उन्होंने कहा कि सरकार ने भी आशाओं के महत्व को समझते हुए मोबाईल उपलब्ध कराए गए हैं, जिससे स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने में विलम्ब न होने पाए। उन्होंने सांसद द्वारा कराए गए विकास कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि मेडिकल कालेज के अलावा अब वह दिन भी दूर नहीं कि यहां इंजीनियरिंग कालेज का भी निर्माण कराया जाएगा।
कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि जिलाधिकारी शम्भू नाथ ने सम्मेलन की सराहना करते हुए कहा कि आशाओं के सहयोग से ही स्वास्थ्य एवं शिक्षा के कार्यक्रम अंतर्गत मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में कमी आई है। उन्होंने कहा कि आशाएं गांव में अपने को अकेला महसूस न करें, क्योंकि प्रत्येक गांव में ग्राम पंचायत अधिकारी आंगनबाड़ी, लेखपाल सहित अन्य सरकारी कर्मचारी कार्य करते हैं, इसलिए आशा गांव में एक समूह के रूप में कार्य करें। जिलाधिकारी ने आशाओं के मंगल भविष्य की कामना करते हुए बेहतर से बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने की अपेक्षा की है। मुख्य चिकित्साधिकारी डा. दीपक कुमार सक्सेना ने सभी का आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम का शुभारम्भ मॉं सरस्वती की प्रतिमा पर दीप प्रज्वलित कर किया गया। स्वास्थ्य विभाग की ओर से सभी अतिथियों को प्रतीक चिन्ह भी भेंट किए गए।
सम्मेलन में प्रत्येक ब्लाक से एक-एक आशा को उत्कृष्ट कार्योें हेतु प्रथम पुरस्कार के रूप में पांच-पांच हजार रूपए, पंद्रह आशाओं को द्वितीय पुरस्कार के रूप में दो-दो हजार रूपए तथा तृतीय पुरस्कार के रूप में एक-एक हजार रूपए के चेक दिए गए तथा कुल 45 आशाओं को एक लाख बीस हजार रूपए के चेक वितरित किए। मौके पर उसांवा की गीता देवी तथा कादरचौक की विमलेश तथा सालारपुर ब्लाक की ममता सिंह गौर को अतिथियों द्वारा चेक वितरित किए गए। इस अवसर पर संयुक्त निदेशक स्वास्थ्य डा. जी सी नोवेल, डा. आरएन हरित, डिग्री कालेज के प्राचार्य वीके शर्मा मौजूद रहे। कार्यक्रम का संचालन डा. शकील अहमद ने किया।

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