हमें अपनों ने लूटा गैरों में कहाँ दम था

हमें अपनों ने लूटा गैरों में कहाँ दम था

हमें तो अपनों ने लूटा गैरों में कहाँ दम था, यह शेर और किसी पर लागू हो न हो, पर भाजपा पर पूरी तरह फिट बैठता है। भाजपा को न कोई प्रतिद्वंदी चाहिए और न ही कोई दुश्मन। इस मामले में यह पार्टी ‘सेल्फ सफीशिएंट ‘ है। भाजपा में रार चरम पर है। मोदी को ठिकाने लगाने की जो कवायद सालों से चल रही थी वह भी अपने चरम पर आ रही है। पहले ही संजय जोशी प्रकरण से देशव्यापी किरकिरी करा चुकी भाजपा पर के इस बार के जयचंद हैं केशुभाई पटेल।  भारतीय जनता पार्टी से बाहर हुए केशूभाई पटेल ने राजकोट में एक जनसभा में गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी को गैंडा और सड़ा हुआ फल बताया। मज़े की बात यह है कि, देखने-भालने में पटेल मोदी से कुछ भारी ही बैठते हैं, फिर भी उन्होने बिंदास मोदी को गैंडा करार दे दिया। वे इतने पर ही नहीं रुके, आगे उन्होने गुजरात सरकार को सड़ा हुआ फल बता डाला। अपनी बात के समर्थन में उन्होने महिलाओं और बच्चों की असुरक्षा का हवाला दिया।

वे बोले, कि यदि कोई अपने बच्चे के गायब होने की शिकायत लेकर मोदी से मिलने जाता है तो उन्हें गिरफ्तार कर लिया जाता है। उन्होंने कहा कि सरकार बच्चों के प्रति संवेदनहीन है।  स्कूलों में बच्चों को मिलने वाला मिड डे मील 225 ग्राम से घटाकर 150 ग्राम कर दिया गया  है।

यह रैली एक तरह से मोदी विरोधियों का जमावड़ा ही थी, जिसमें गोरधन झडपिया, काशीराम राणा और सुरेश मेहता प्रमुख रहे। इस प्रकरण के बाद सबकी आँखें मोदी पर टिकी हैं। देखते हैं कि, अपने दुश्मनों को माफ न करने वाले मोदी इसका क्या जवाब देते हैं।

 

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