हड़ताल से राजस्व हानि की खबरें बेबुनियाद तथा भ्रामक

हड़ताल से राजस्व हानि की खबरें बेबुनियाद तथा भ्रामक
हड़ताल से राजस्व हानि की खबरें बेबुनियाद तथा भ्रामक
हड़ताल से राजस्व हानि की खबरें बेबुनियाद तथा भ्रामक
राज्य कर्मचारियों की कथित हड़ताल को लेकर राज्य सरकार के प्रवक्ता ने कहा कि हड़ताल के चलते राजस्व हानि की खबरें बढ़ा-चढ़ा कर प्रकाशित और प्रसारित हो रही हैं, जबकि वास्तविकता यह है कि वर्तमान सरकार राज्य कर्मचारियों के सेवा सम्बन्धी मामलों में सदैव सहयोगी रवैय्या अपनाए हुए है और करीब डेढ़ वर्ष के कार्यकाल में कर्मचरियों की जितनी प्रोन्नितियां हुईं हैं, उतनी इससे पूर्व कभी नहीं हुईं। उनके सेवा संबंधी मामले और वेतन विसंगतियों को दूर करने के प्रयास भी सरकार की ओर से लगातार जारी हैं।
राजस्व हानि की भ्रामक खबरों के सम्बन्ध में प्रदेश के प्रमुख सचिव, कर एवं निबंधन वीरेश कुमार ने बताया कि वर्तमान में चूंकि कर संग्रह की ऑन लाइन तथा ई-पेमेण्ट की सुविधा मौजूद है, इसलिए कर संग्रह तथा राजस्व की प्राप्ति पर भी कोई प्रभाव नहीं पड़ रहा है। इस व्यवस्था के अन्तर्गत व्यापारी स्वयं अपना कर जमा करते हैं। उन्होंने हड़ताली कर्मचारियों के हवाले से मीडिया में प्रसारित हो रही राजस्व हानि की खबरों को निराधार और भ्रामक बताया।
इसी प्रकार प्रदेश के आबकारी विभाग के प्रमुख सचिव जे0पी0 शर्मा ने बताया कि आबकारी विभाग में कथित वर्तमान हड़ताल से हो रही राजस्व हानि से सम्बन्धित खबरें एकदम गलत हैं। उन्होंने कहा कि आबकारी विभाग में हड़ताल का कोई असर नहीं है। डिस्टलिरियों से पूर्व की भांति उठान हो रही है। प्रदेश के किसी आबकारी अधिकारी ने इस बारे में कोई शिकायत नहीं की है।
श्री शर्मा ने बताया कि चालू वित्तीय वर्ष 2013-14 में 12,500 करोड़ रुपए आबकारी से राजस्व प्राप्त करने का लक्ष्य है। माह अक्टूबर 2013 तक 5992.26 करोड़ रुपए राजस्व वसूल किया गया है, जबकि पिछले साल इसी अवधि में माह अक्टूबर 2012 तक 5085.98 करोड़ रुपए राजस्व वसूल किया गया था। इस प्रकार पिछले वर्ष के मुकाबले इस अवधि तक 906.28 करोड़ रुपए अधिक राजस्व वसूल किया जा चुका है। उन्होंने राजस्व विभाग में हड़ताल के किसी भी प्रकार के प्रभाव से इनकार किया।
परिवहन विभाग में भी हड़ताल का कोई असर नहीं है। परिवहन आयुक्त ने बताया कि पिछले वर्ष अक्टूबर 2012 की तुलना में इस वर्ष अक्टूबर 2013 तक 22 प्रतिशत राजस्व की अधिक वसूली हो चुकी है। हड़ताल का प्रदेश के किसी भी परिवहन कार्यालय में कोई प्रभाव नहीं है।
वाणिज्य कर विभाग के आयुक्त ने भी हड़ताल के प्रभाव से इनकार किया है। उन्होंने बताया कि माह अक्टूबर 2013 तक लक्ष्य 22,875.64 करोड़ रुपए के लक्ष्य के सापेक्ष 20,597.11 करोड़ रुपए की राजस्व प्राप्ति हो चुकी है, जो कि लक्ष्य का 90.04 प्रतिशत है। उन्होंने वाणिज्य कर विभाग में हड़ताल से राजस्व हानि की खबरों को असत्य और निराधार बताया।
महानिदेशक चिकित्सा एवं स्वास्थ्य डा. ए.एस. राठौर ने अवगत कराया कि राज्य के समस्त जनपदों के चिकित्सालयों में चिकित्सा व्यवस्था सामान्य रूप से संचालित हो रही है।
राज्य सरकार के प्रवक्ता ने कहा कि मीडिया में कुछ कर्मचारियों के हवाले से राजस्व हानि की जो खबरें प्रकाशित हो रही हैं, वे बिल्कुल निराधार, असत्य और भ्रामक हैं। प्रवक्ता ने कहा कि वर्तमान सरकार ने अपने कार्यकाल में कर्मचारियों की सेवा संबंधी अधिकांश समस्याओं का समाधान किया है। राज्य सरकार अभी भी अपने कर्मचारियों की सेवा संबंधी समस्याओं और वेतन विसंगतियों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार कर रही है। अपने कार्यकाल में वर्तमान सरकार ने कर्मचारियों को दिए जाने वाले डीए इत्यादि का भुगतान भी समय से किया है और दर्जनों विभागों में वर्षों से रुकी हुई प्रोन्नतियों के रास्ते खोले हैं। जिन विभागों, निगमों इत्यादि में छठा वेतन आयोग लागू नहीं था, वहां छठे वेतन आयोग की सिफारिशें या तो लागू कर दी गई हैं या लागू करने की प्रक्रिया चल रही है। कर्मचारियों की सेवा सम्बन्धी समस्याओं का लगातार निपटारा भी चरणबद्ध तरीके से किया जा रहा है।
प्रवक्ता ने हड़ताली कर्मचारियों से हड़ताल वापस लेने की अपील की और कहा कि कर्मचारियों की सेवा संबंधी समस्याओं का समाधान बातचीत के माध्यम से किया जाना ही श्रेयस्कर होगा। प्रवक्ता ने कहा कि वर्तमान सरकार जबसे आई है तब से समाज के हर वर्ग के लोगों के लिए उसने अपने द्वार खोल रखे हैं। कर्मचारियों के लिए भी बातचीत के सारे विकल्प हमेशा खुले हैं।

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