सरकार के नुमाइंदों के सामने मुस्लिमों की समस्याएँ उठाईं

सरकार के नुमाइंदों के सामने मुस्लिमों की समस्याएँ उठाईं
कान्फ्रेंस में डा. यासीन उस्मानी द्वारा लिखित पुस्तकों का विमोचन करते सांसद धर्मेंद्र यादव व अन्य अतिथि।

ऑल इंडिया मिल्ली कौंसिल उस्मानिया एजूकेशनल सोसाइटी के तत्वावधान में आज शनिवार को बदायूं के हाफिज सिद्दीक इस्लामिया इंटर कालेज के प्रांगण में मिल्ली काफ्रेंस का आयोजन किया गया, जिसमें सांसद धर्मेंद्र यादव, बाबरी मस्जिद एक्शन कमेटी के सदस्य जफरयाब जिलानी, राज्यमंत्री खादी एवं ग्रामोद्योग विभाग रियाज अहमद, राज्यमंत्री पंचायती राज कमाल अख्तर, पत्रकार मासूम मुरादाबादी, सपा जिला अध्यक्ष बनवारी सिंह यादव के साथ मुस्लिम समाज के तमाम प्रख्यात लोग शामिल हुये। सभी ने मुस्लिम समाज में व्याप्त समस्याओं को दूर करने के उपाय सुझाए। मुस्लिमों के साथ उर्दू को तवज्जो देने की बात प्रमुखता से उठाई गई। अंत में सांसद धर्मेंद्र यादव ने उपस्थित मुस्लिम नेताओं को आश्वासन दिया कि वह अपने स्तर से मुस्लिम समाज को न्याय दिलाने के लिए हमेशा संघर्ष करते रहेंगे। उनका परिवार और पार्टी धर्मनिरपेक्ष हैं और राजनीति से हट कर मुस्लिम समाज के साथ हैं।

कान्फ्रेंस में मौजूद मुस्लिम समाज के लोग।

इस मौके पर कान्फ्रेंस के आयोजक मिल्ली कौंसिल के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष मौलाना डा.यासीन अली उस्मानी द्वारा लिखित तीन पुस्तकों का भी विमोचन किया गया। कार्यक्रम सफल रहा, जिससे आयोजक बेहद खुश नज़र आ रहे थे, लेकिन इस कार्यक्रम से मुस्लिम समाज का कितना भला होगा, यह समय ही निश्चित करेगा, क्योंकि राजनीति में जो दिखता है, वह होता नहीं है और जो होता है, वह दिखता नहीं है, इस नियम से देखा जाये, तो आयोजक मौलाना डा.यासीन अली उस्मानी ने लालबत्ती की रेस में खुद को आगे निकालने का प्रयास किया है। असलियत में जनपद बदायूं में लालबत्ती के दावेदारों की संख्या कल्पना से भी अधिक है, जिससे पार्टी नेतृत्व के सामने असमंजस की स्थिति बनी हुई है। हर कोई लोकसभा चुनाव से पहले लालबत्ती हथियाना चाहता है, वरना चुनाव बाद सब को किनारे कर दिया जाएगा। खैर, यह तो समय ही बताएगा कि डाक्टर उस्मानी के पार्टी नेतृत्व के सामने नंबर बड़े हैं या नहीं?

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