सपा-बसपा और टीआरएस के वॉकआउट से एफडीआई की जीत

सपा-बसपा और टीआरएस के वॉकआउट से एफडीआई की जीत

– एफडीआई के समर्थन में 253 और विरोध में 218 मत पड़े

एफडीआई के समर्थन में 253 और विरोध में 218 मत पड़े


– सपा-बसपा और टीआरएस की भूमिका से लोगों में आक्रोश

राजनीति के जानकार जैसी संभावनाएं व्यक्त कर रहे थे, वैसा ही हुआ। संसद में एफडीआई पर विपक्ष का प्रस्ताव औंधे मुंह गिर गया। सपा, बसपा और तेलंगाना राष्ट्रीय समिति ने सदन से वॉकआउट कर सरकार को अपरोक्ष रूप से शक्ति प्रदान कर दी, जिससे सरकार जीत गई।

लोकसभा में एफडीआई पर चल रही बहस के समय राजद प्रमुख लालू प्रसाद यादव पर सरकार से मिली भगत का आरोप लग गया, तो लालू सदन का माहौल गरम कर दिया। आरोप लगाने वाले को चुप रहने की सलाह देते हुए बोले कि तुमसे ज्यादा फूहड़ हम हैं और तुम जो कहोगे, वही हम करेंगे क्या। उन्होंने भाजपा को यूपीए का जमूरा तक बता दिया। इतना सब होने पर डिप्टी स्पीकर करिया मुंडा को भी गुस्सा आ गया और शांति का प्रयास करते रहे। लालू ने एफडीआई पर फिर बोलना शुरू किया तो हंगामा शुरू हो गया। संसदीय कार्यमंत्री कमलनाथ ने शांति का प्रयास किया, पर हंगामा जारी रहा और सदन की कार्यवाही थोड़ी देर के लिए स्थगित करनी पड़ी। लालू ने जमूरा शब्द के प्रयोग पर बाद में बोलते हुए माफी मांग ली और रिटेल में एफडीआई का समर्थन करते हुए कहा कि एफडीआई से किसानों व मजदूरों का भला होगा, साथ ही चेतावनी दी कि एफ़डीआई ने गड़बड़ी की, तो राजद के लोग आग लगा देंगे। खैर, पक्ष-विपक्ष के लंबे तर्कों के बाद वोटिंग का नंबर आया, तो सपा, बसपा और तेलंगाना राष्ट्रीय समिति ने सदन से वॉकआउट कर सरकार को मजबूती प्रदान कर दी, जिससे एफडीआई के समर्थन में 253 और विरोध में 218 मत पड़े और विपक्ष का प्रस्ताव औंधे मुंह गिर गया। सदन से वॉकआउट करने वाले दलों के प्रति आम जनता में आक्रोश देखा जा रहा है।

Leave a Reply