शहरी आवास एवं पर्यावास नीति पर हुआ विचार-विमर्श

शहरी आवास एवं पर्यावास नीति पर हुआ विचार-विमर्श
  • प्रस्तावित शहरी आवास एवं पर्यावास नीति-2013 आवासीय समस्याओं के समाधान केसाथ-साथ पूंजी निवेश को बढ़ावा देने वाली भी होनी चाहिए: मुख्यमंत्री
राज्य शहरी आवास एवं पर्यावास नीति-2013 के प्रस्तावित प्रारूप के संबंध में अधिकारियों एवं विशेषज्ञों से विचार-विमर्श मुख्यमंत्री अखिलेश यादव
राज्य शहरी आवास एवं पर्यावास नीति-2013 के प्रस्तावित प्रारूप के संबंध में अधिकारियों एवं विशेषज्ञों से विचार-विमर्श मुख्यमंत्री अखिलेश यादव
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कहा है कि प्रस्तावित शहरी आवास एवं पर्यावास नीति-2013 आवासीय समस्याओं के समाधान के साथ-साथ आवासीय क्षेत्र में पूंजी निवेश को बढ़ावा देने वाली भी होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि भूमि के मिश्रित उपयोग, एफ.ए.आर. में वृद्धि तथा शहरी गरीब हेतु एफोर्डेबल मकान के लिए नीति में सम्यक एवं तार्किक व्यवस्था की जानी चाहिए।
मुख्यमंत्री आज शास्त्री भवन में राज्य शहरी आवास एवं पर्यावास नीति-2013 के प्रस्तावित प्रारूप के संबंध में अधिकारियों एवं विशेषज्ञों से विचार-विमर्श कर रहे थे। उन्होंने कहा कि नगरीय क्षेत्रों में भूमि के मिश्रित उपयोग के लिए नीति में ऐसी व्यवस्था की जाए, जिससे संसाधनों पर दबाव न पड़े तथा स्थानीय निवासियों को सुविधा भी मिल सके। उन्होंने निर्बल वर्गों की आवासीय समस्या के समाधान के लिए नीति में स्पष्ट व्यवस्था करने के निर्देश देते हुए कहा कि भविष्य की आवश्यकताओं को देखते हुए नीति को अंतिम रूप दिया जाना चाहिए।
ज्ञातव्य है कि समाज के सभी आय वर्गों, विशेषकर नगरीय निर्धनों के लिए गुणवत्तायुक्त जीवन यापन सहित आर्थिक क्षमता के अनुसार आवास की सुविधा उपलब्ध कराने, नगरों के नियोजित विकास तथा भूमि की व्यवस्था के लिए प्रक्रियाओं के सरलीकरण, निजी पूंजी निवेश को प्रोत्साहित करने, ऊर्जा, जल एवं पर्यावरण संरक्षण तथा शासकीय अभिकरणों की क्षमता विस्तार के लिए प्रस्तावित नीति तैयार की जा रही है। बैठक में मुख्य सचिव जावेद उस्मानी, प्रमुख सचिव आवास एवं शहरी नियोजन तथा सूचना सदाकांत, सचिव मुख्यमंत्री अनीता सिंह, आलोक कुमार एवं अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

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