वाकई, सुपर हिट रही मायावती की सावधान महारैली

वाकई, सुपर हिट रही मायावती की सावधान महारैली
बसपा सुप्रीमो मायावती का स्वागत करते नेता
बसपा सुप्रीमो मायावती का स्वागत करते नेता

लखनऊ के रमाबाई मैदान में लाखों की भीड़ के सामने बसपा सुप्रीमो मायावती ने आज खुद को स्वाभिमानी लड़की के साथ बेहतर शासक सिद्ध करने की कोशिश की, वहीं जैसी उम्मीद थी, वैसे ही विरोधियों पर जोरदार हमले किये। लगभग एक घंटा पचास मिनट के भाषण में उन्होंने किसी को नहीं बख्शा। भाजपा, कॉंग्रेस और सपा के साथ आम आदमी पार्टी भी उनके निशाने पर रही।

मायावती ने सबसे पहले ठंड के मौसम में आने के लिए कार्यकर्ताओं का शुक्रिया अदा किया, इसके बाद भीड़ देख कर गदगद मायावती ने कहा कि छोटा मैदान कांग्रेस, भाजपा और सपा जैसी पार्टियों के लिए है। स्मृति उपवन में केवल एक लाख लोग आ पाते, इसलिए मैंने यहां रैली करने का फैसला किया।

बोलीं- भाजपा ने सीबीआई का गलत ‌इस्तेमाल किया और मुझे फंसाने की कोशिश की, लेकिन मैं नहीं झुकी। मैंने सोचा कि भले ही मुझे जिंदगी भर झेलना पड़े, लेकिन मैं अपने आंदोलन का सौदा नहीं करूंगी। उन्होंने कहा कि 2003 से 2006 तक सभी पार्टियां सोच रही थीं कि बसपा खत्म हो जाएगी, हम बुरे हालातों से गुजर रहे थे, लेकिन 2007 में हमने यूपी में पूर्ण बहुमत से अपनी सरकार बनाई, तो सभी पार्टियों ने हमें गंभीरता से लिया।

कांग्रेस, भाजपा और सपा, इन तीन पार्टियों ने आपसी मेलजोल से चुनाव लड़ा, इन सभी पार्टियों की मानसिकता जातिवादी है। ये तीनों ही पार्टियां मेरे खिलाफ एकजुट हो गई हैं।

2009 में यूपी की 80 लोकसभा सीटों में से हमनें 20 सीटें जीतीं और 47 सीटों पर हम दूसरे नंबर पर रहे। हमने कभी सोचा नहीं था कि ये सारी पार्टियां मेरे खिलाफ मिलकर चुनाव लड़ेंगे। बसपा की प्रमुख किसी और जाति की होती, तो उसे ये लोग बर्दाश्त कर लेते, लेकिन एक दलित को बर्दाश्त करने के लिए कोई तैयार नहीं हैं, इसीलिए सबने मिलकर मेरा विरोध किया।

बोलीं- यूपी भी हमारी है, अब देश की बारी है। अब हमें सीधी लड़ाई की तैयारी करनी है। मैंने कभी हिम्‍मत नहीं हारी, कभी झुकी नहीं। उन्होंने कहा कि 2012 में मुझे यूपी में हराने के लिए सभी पार्टियों ने एक होकर बसपा के ‌खिलाफ चुनाव लड़ा। अब यूपी के लोगों को एकजुट होकर ये समझने की जरूरत है कि यूपी में ऐसी पार्टी का राज है, जिसके बारे में पूरा देश जानता है कि यह उत्तर प्रदेश नहीं अब क्राइम प्रदेश बन गया है।

भाजपा के बारे में कहा कि यह घिनौनी राजनीति कर रही है। भाजपा दंगा कराने वालों को सम्मानित कर रही है। कांग्रेस भी अनाप-शनाप बयान दे रही है। यूपी में राष्ट्रपति शासन लगाना चाहिए था। बोलीं- यहां सपा सरकार में मुस्लिमों का भला नहीं हो सकता। यहां गुंडो, माफियाओं को काफी लंबे समय से राज रहा है। दलितों ने मुजफ्फरनगर और शा‌मली में दंगा पीड़ितों की खूब मदद की, फिर भी यूपी में सबसे दयनीय हालत ‌दलितों की ही है।

मायावती ने कहा कि बेरोजगार नौजवानों की जिंदगी से जो खिलवाड़ सपा सरकार ने किया है, वह आगे चलकर उन्हें बहुत महंगा पड़ेगा। केंद्र सरकार की गलत आर्थिक नीतियों के चलते महंगाई बढ़ी है, इसका खामियाजा पूरा देश भुगत रहा है।

अपने शासन की तारीफ़ करते हुए कहा कि हमारी पार्टी के कार्यकाल के दौरान यूपी में एक भी सांप्रदायिक दंगा नहीं हुआ था, जो अपने आप में एक रिकॉर्ड है। अयोध्या के विवादित ढांचे पर फैसला आया, तब भी हमारी सरकार ने सौहार्द बनाए रखा।

उन्होंने कहा कि अरविंद केजरीवाल के पैतृक गांव में ही दलितों की स्थित काफी खराब है। मजबूरन उन्हें गांव छोड़कर जाना पड़ रहा है। इतना ही नहीं, बड़े दलित ‌अधिकारियों को हीन दृष्टि से देखा जाता है।
बोलीं- दिल्ली में सरकारी मशीनरी को ठीक करना होगा। केजरीवाल सिर्फ नौटंकी कर रहा है। इस तरह की नौटंकीबाजी करने से कुछ नहीं होगा। केजरीवाल से कम दरों में तो बिजली हमने दी। मेरे पांच साल के राज में एक बार भी बिजली दरें नहीं बढ़ाई गईं, जबकि सपा सरकार ने दो साल में ही दो बार बिजली दरें बढ़ा दी हैं।

उन्होंने कहा कि कांग्रेस और भाजपा कई मीडिया संस्‍थानों की मदद से खुद को प्रचारित करवाती हैं। बसपा कॉरपोरेट घरानों और धन्ना सेठों से पैसा नहीं लेती हैं। हम अपनी पार्टी के लोगों की खून-पसीने की कमाई से अपने अंदोलन को चला रहे हैं। बोलीं- हमें मीडिया की इज्जत करनी चहिए। हालांकि मीडिया में कई लोग ऐसे हैं, जिनकी दलितों के प्रति जातिवादी मानसिकता नहीं बदली है, इसीलिए मैं मीडिया से बचती हूं, मेरे बयानों पर तोड़-मरोड़ कर छाप देते हैं।

मायावती ने कहा कि नरेंद्र मोदी ने यूपी में जितने भी वादे किए है, वो सब धोखे हैं। बीजेपी ने दलितों का आरक्षण खत्म करने का षड्यंत्र रचा था, लेकिन हमने उसे सफल नहीं होने दिया था। बीजेपी ने अयोध्या में बाबरी मस्जिद को गिराकर देश को सांप्रदायिक आग में झोंक दिया था। नरेंद्र मोदी के गुजरात में हुए गोधरा कांड ने पूरे देश को हिलाकर ‌रख दिया था। उन्होंने कहा कि वल्लभ भाई पटेल की प्रतिमा लगाने का जो ऐलान मोदी ने किया है, वह उनकी लोकप्रियता का गलत ‌इस्तेमाल है। बोलीं- जो गोधरा का दंगा नहीं रुकवा सकता, वो इंसान पूरे देश में यूनिटी कैसे बना सकता था। जो स्टेच्यू ऑफ लिबर्टी मोदी बनवा रहे हैं, उस पर कोई कुछ नहीं कर रहा है, लेकिन जो हमने बनवाए, उस पर लोगों ने खूब बवाल किया। अगर, सपा सरकार स्मारकों की ईमानदारी से जांच करवाए, तो मैं सहयोग करने के लिए तैयार हूं। कहने का मतलब ये कि मैं जांच से डरती नहीं हूं।

उन्होंने कांग्रेस के चुनावी घोषणा पत्र को भी नौटंकी बताया। बोलीं- इससे देश का भला नहीं हो सकता।

लोकसभा चुनाव के लिए प्रचार अभियान की शुरुआत का ऐलान करते हुए कहा कि हमें अकेले लड़ना है। हम किसी विरोधी पार्टी के साथ चुनावी समझौता करेंगे। हम पूरी तैयारी से चुनाव लड़ेंगे। आप लोग पूरी ताकत में लग जाइए।

उन्होंने कहा कि कांग्रेस से किसी भी तरह के गठबंधन की खबरें झूठीं हैं। मैं ऐलान करती हूं कि लोकसभा चुनाव में बसपा अकेले अपने दम पर लड़ेगी।

सैफई महोत्सव और मुजफ्फरनगर दंगो को लेकर कहा कि सलमान खान जैसे बड़े कलाकारों को नैतिकता के आधार पर सैफई में नहीं जाना चाहिए था।

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